यूपी सहित इन 10 राज्यों में होगी भारी बारिश, क्लिक कर जानें अपने राज्य का हाल

 नई दिल्ली। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने गुरुवार 3 सितंबर 2026 को देश के कई हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश और उसके आसपास बने एक सुस्पष्ट निम्न दबाव के क्षेत्र ने पूरे मौसमी चक्र को तेज कर दिया है. इस चक्रवाती दबाव के चलते पूर्वी मध्य प्रदेश में 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश होने की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है. इसके साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश, विदर्भ, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में मूसलाधार बारिश के आसार बने हुए हैं. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी. इससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी और प्रदूषण का स्तर भी कम बना रहेगा. दक्षिण भारत में प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में बारिश की रफ्तार कुछ धीमी रहेगी. हालांकि तमिलनाडु के चुनिंदा जिलों में गरज के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है.

दिल्ली और पूरे एनसीआर क्षेत्र में मानसून की विदाई से पहले अच्छी बारिश का दौर जारी है. मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार 3 सितंबर को आसमान में सामान्य रूप से बादल छाए रहेंगे. सुबह से दोपहर के बीच राजधानी के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इसके बाद दोपहर से शाम के दौरान बहुत हल्की बारिश या फुहारें पड़ने का एक और दौर आ सकता है. दिल्ली में कल अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. वहीं न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा सकता है. हवा की गति सामान्य तौर पर 5 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच रहने की उम्मीद है. हवा का रुख सुबह के समय दक्षिण-पश्चिम और शाम को दक्षिण-पूर्व रहेगा. इस बारिश से पिछले कुछ दिनों से जारी उमस भरी गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली है. मौसम विभाग ने 3 सितंबर के लिए दिल्ली-एनसीआर में कोई गंभीर चेतावनी जारी नहीं की है. यातायात या बुनियादी सेवाओं पर कल किसी बड़े व्यवधान की संभावना नहीं है.

मध्य प्रदेश में मानसूनी बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया है. मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश पर एक मजबूत लो-प्रेशर सिस्टम सक्रिय है. इसके प्रभाव से 3 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बादलों की जोरदार गर्जना के साथ अत्यंत भारी बारिश हो सकती है. मौसम विज्ञानियों ने पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए औपचारिक तौर पर रेड अलर्ट जारी किया है. यहां कुछ चुनिंदा स्थानों पर 24 घंटे के भीतर 20 सेंटीमीटर से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की जा सकती है. यह स्थिति निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात पैदा कर सकती है. प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी कल मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ रहेगा. यहां कई जगहों पर भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली चमकने की आशंका है. पश्चिमी मध्य प्रदेश के लिए मौसम केंद्र ने येलो अलर्ट जारी किया है. लोगों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें. खुले मैदानों और पुराने पेड़ों के नीचे खड़े होने से परहेज करें. किसानों को भी फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की हिदायत दी गई है.

उत्तर प्रदेश के निवासियों को गुरुवार को मौसम के तीखे तेवर देखने को मिल सकते हैं. मौसम विभाग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 3 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश होने का बड़ा पूर्वानुमान व्यक्त किया है. इस क्षेत्र में बादलों की आवाजाही सुबह से ही तेज रहेगी. दोपहर के समय कई जिलों में मूसलाधार बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है. पश्चिमी यूपी के कई इलाकों में तेज गरज के साथ बिजली गिरने की चेतावनी भी दी गई है. इसके विपरीत पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां थोड़ी सीमित रहेंगी. पूर्वी यूपी के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम या छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है. मानसून की मुख्य ट्रफ लाइन वर्तमान में रोहतक, हरदोई और कानपुर से होकर गुजर रही है. इस मौसमी ट्रफ के कारण उत्तर प्रदेश के वायुमंडल में पर्याप्त नमी मौजूद है. पश्चिमी जिलों में भारी जलजमाव और यातायात धीमा होने का जोखिम बना हुआ है. प्रशासन ने आपदा प्रबंधन दलों को हाई अलर्ट पर रखा है. स्थानीय नागरिकों से मौसम की ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की अपील की गई है.

महाराष्ट्र के मौसम में भी मानसूनी सिस्टम का गहरा प्रभाव दिखाई दे रहा है. मौसम विभाग ने विशेष रूप से विदर्भ क्षेत्र के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. 3 सितंबर को विदर्भ के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ जोरदार बारिश होने के आसार हैं. यहां आकाशीय बिजली चमकने और बादलों की तीव्र गर्जना का अलर्ट दिया गया है. मध्य महाराष्ट्र के इलाकों में भी गुरुवार को छिटपुट गरज और बिजली गिरने की घटनाएं सामने आ सकती हैं. मराठवाड़ा और कोंकण-गोवा के तटीय क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता अलग-अलग रहेगी. कोंकण और गोवा में अधिकांश स्थानों पर व्यापक वर्षा का अनुमान है. मराठवाड़ा में छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है. विदर्भ में भारी बारिश के चलते किसानों को खेतों में पानी की उचित निकासी रखने की सलाह दी गई है. मौसमी सिस्टम के पश्चिमी दिशा में आगे बढ़ने से महाराष्ट्र के उत्तरी हिस्सों में भी बादलों का जमावड़ा बना रहेगा. लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की ताकीद की गई है.

पूर्वी भारत के पहाड़ी और तराई वाले क्षेत्रों में मानसूनी बादल जमकर बरस रहे हैं. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 3 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है. इन क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन का जोखिम बढ़ गया है. तीस्ता और अन्य पहाड़ी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है. गांगेय पश्चिम बंगाल के जिलों में भी कल छिटपुट स्थानों पर गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी. यहां भी बिजली गिरने का येलो अलर्ट घोषित किया गया है. बिहार और झारखंड के मौसम पर नजर डालें तो बिहार में 3 सितंबर को छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है. झारखंड में बादलों की आवाजाही के बीच कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश की उम्मीद है. दोनों राज्यों में आकाशीय बिजली चमकने की आशंका बनी हुई है. किसानों और ग्रामीणों को खुले खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है. (Photo

उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज बेहद संवेदनशील दौर से गुजर रहा है. उत्तराखंड में 3 सितंबर को कई जिलों में भारी बारिश के साथ गरज और बिजली गिरने का अंदेशा जताया गया है. मौसम विभाग ने उत्तराखंड के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी रखा है. लगातार हो रही बारिश से पहाड़ों में बोल्डर गिरने और सड़क मार्ग अवरुद्ध होने का खतरा बना हुआ है. हिमाचल प्रदेश में भी कल कई स्थानों पर भारी बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया गया है. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के इलाकों में छिटपुट बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी. पंजाब और हरियाणा के कुछ मैदानी भागों में भी कल हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. पूर्वी राजस्थान में छिटपुट स्थानों पर बौछारें पड़ने के आसार हैं. मौसम विभाग ने पहाड़ी मार्गों पर सफर करने वाले सैलानियों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है. पर्यटकों को संवेदनशील घाटियों में रात के समय यात्रा करने से बचने की सलाह दी गई है.

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मानसूनी हवाएं लगातार भारी नमी पहुंचा रही हैं. मौसम विभाग के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 3 सितंबर को व्यापक वर्षा होने की पूरी संभावना है. असम और मेघालय के कई जिलों में कल भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है. इसे देखते हुए इन राज्यों में येलो अलर्ट सक्रिय है. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी गुरुवार को व्यापक रूप से घने बादल छाए रहेंगे. इन चार राज्यों में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. असम की प्रमुख नदियों के जलस्तर में निरंतर वृद्धि दर्ज की जा रही है. इससे निचले असम के कछार और मैदानी क्षेत्रों में पानी भरने की आशंका उत्पन्न हो गई है. स्थानीय प्रशासन ने तटीय और बाढ़ प्रभावित बस्तियों में राहत कार्यों की तैयारियां शुरू कर दी हैं. पूर्वोत्तर के पहाड़ी इलाकों में सड़क संपर्क प्रभावित होने का अंदेशा बना हुआ है. लोगों से तेज बहाव वाले नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने का आग्रह किया गया है.

उत्तर और मध्य भारत के विपरीत दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसून की सक्रियता काफी कमजोर पड़ चुकी है. मौसम विभाग के अनुसार पूरे प्रायद्वीपीय क्षेत्र में अगले एक हफ्ते तक वर्षा की गतिविधियां काफी कम रहेंगी. हालांकि तमिलनाडु के तटीय इलाकों में एक कमजोर वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. इसके चलते गुरुवार 3 सितंबर को तिरुवन्नामलाई, विल्लुपुरम, मदुरई, शिवगंगा और पुदुक्कोट्टई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में भी कुछ जगहों पर गरज के साथ हल्की बौछारें पड़ने का अनुमान है. चेन्नई शहर में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे. शाम अथवा रात के समय शहर के कुछ सीमित हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की जा सकती है. चेन्नई में अधिकतम तापमान 35 से 36 डिग्री और न्यूनतम 26 से 27 डिग्री सेल्सियस रहेगा. तमिलनाडु के अंदरूनी इलाकों में बारिश की कमी के कारण अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है. इससे लोगों को तीखी उमस और गर्मी का सामना करना पड़ेगा.

खराब मौसमी तंत्र को देखते हुए मौसम विभाग ने समुद्र में जाने वाले नाविकों और मछुआरों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं. दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी और कोमोरिन सागर क्षेत्र में गुरुवार को मौसम बेहद अशांत रहेगा. इन समुद्री क्षेत्रों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है. कुछ मौकों पर हवा के झोंकों की गति 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. ऊंची समुद्री लहरों और तूफानी हवाओं के खतरे को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न उतरने की सख्त हिदायत दी गई है. इसके अलावा बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी भागों और अंडमान सागर में भी तेज गति से हवाएं चलेंगी. तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की सतही हवाएं चलने का अनुमान है. कर्नाटक के अंदरूनी भागों और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं बह सकती हैं. राहत की बात यह है कि अरब सागर के तटीय क्षेत्रों के लिए फिलहाल कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है.

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