Smallcap Stocks: ऑल-टाइम हाई से 40% तक टूटे शेयर, क्या अब है निवेश बढ़ाने का गोल्डन मौका? – smallcap stocks have corrected up to 40 percent from all time high is this right time to invest

स्मॉलकैप स्टॉक्स मार्केट में गिरावट पर ज्यादा गिरते हैं। ये मार्केट में तेजी आने पर ज्यादा चढ़ते हैं। सितंबर 2024 के अंत में ऑल-टाइम हाई बनाने के बाद मार्केट में कंसॉलिडेशन दिखा है। इसका असर स्मॉलकैप स्टॉक्स पर पड़ा है। एबैकस म्यूचुअल फंड की स्टडी बताती है कि करीब आधी स्मॉलकैप कंपनियों (2,000 से 34,700 मार्केट कैपिटलाइजेशन) के शेयर अपने ऑल-टाइम हाई से करीब 40 फीसदी नीचे हैं। सवाल है कि क्या यह स्मॉलकैप शेयरों में निवेश का सही समय है?

2019 से 2025 के बीच मार्केट कैपिटलाइजेशन पांच गुना हुआ

साल 2019 से 2025 के बीच स्मॉलकैप कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 16 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 83 लाख करोड़ रुपये हो गया। यह मिडकैप कंपनियों और लार्जकैप कंपनियों के मार्केट कैपिटलाइजेशन की ग्रोथ से ज्यादा है। इस दौरान शेयर बाजार में स्मॉलकैप कंपनियों की हिस्सेदारी 11 फीसदी से बढ़कर 19 फीसदी के करीब पहुंच गई।

2026 से अब तक 17 फीसदी सीएजी रिटर्न

स्मॉलकैप स्टॉक्स का लॉन्ग टर्म रिटर्न भी दमदार है। निफ्टी स्मॉलकैप 250 में सिप से निवेश का रिटर्न 2016 से करीब 17 फीसदी CAGR रहा है। यह इस दौरान निफ्टी 50 के 12 फीसदी सीएजीआर रिटर्न से ज्यादा है। इसका मतलब है कि शॉर्ट टर्म में भले ही स्मॉलकैप स्टॉक्स में ज्यादा उतार-चढ़ाव दिखता है, लेकिन लॉन्ग टर्म में उनका प्रदर्शन बेहतर रहता है।

बीते डेढ़ साल से स्मॉलकैप स्टॉक्स में कमजोरी

मिरै एसेट शेयरखान के चीफ इनवेस्टमेंट सॉल्यूशंस अफसर गौतम कालिया के मुताबिक, पिछले कुछ समय से स्मॉलकैप स्टॉक्स में टाइम और प्राइस दोनों तरह का करेक्शन देखने को मिला है। एक साथ दोनों तरह का करेक्शन कम देखने को मिलता है। उन्होंने कहा, “स्मॉलकैप स्टॉक्स में बीते डेढ़ साल में तेजी नहीं दिखी है। अक्टूबर-नवंबर से कीमतों में गिरावट शुरू हुई थी। अभी सेंटिमेंट कमजोर है लेकिन अर्निंग्स के डेटा उत्साहजनक हैं। मौजूदा कीमतों पर वैल्यूएशंस सही दिखती है। अभी ये न तो सस्ते हैं और न महंगे हैं।”

जल्दबाजी और एकमुश्त निवेश से बचने की सलाह

उन्होंने कहा, “ऐलोकेशन करीब 15 फीसदी से 25 फीसदी हो गया है। लेकिन, यह ज्यादा नहीं है। यह धीरे-धीरे स्मॉलकैप स्टॉक्स में निवेश करने का समय है, क्योंकि आगे गिरावट आ सकती है।” इसका मतलब यह है कि इनवेस्टर्स को स्मॉलकैप स्टॉक्स में निवेश करने में जल्दबाजी नहीं करना चाहिए बल्कि सोच-समझकर धीर-धीरे निवेश करना चाहिए।

सिप से अनुशासित तरीके से निवेश की सलाह

स्टॉकटिक कैपिटल के सीडब्ल्यूएम और फाउंडर विजय माहेश्वरी ने कहा कि इनवेस्टर्स मार्केट में उतार-चढ़ाव पर ध्यान दिए बगैर सिप से अनुशासित तरीके से निवेश कर सकते हैं। स्मॉलकैप शेयरों में निवेश से ग्रोथ बढ़ती है। लेकिन पोर्टफोलियो में उनकी हिस्सेदारी बैलेंस होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लार्जकैप स्टॉक्स गिरावट की स्थिति में स्टैबिलिटी देते हैं। मिडकैप से ग्रोथ को सपोर्ट मिलता है। स्मॉलकैप पोर्टफोलियो में अपनी सीमित हिस्सेदारी से रिटर्न बढ़ा देते है।

कम से कम 7-10 साल के लिए करें निवेश

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी वैल्यूएशंस में कमी आई है और कई स्मॉलकैप शेयरों में निवेश के मौके दिख रहे हैं। लेकिन, निवेश एकमुश्त नहीं बल्कि धीरे-धीरे करना सही रहेगा। स्मॉलकैप स्टॉक्स धैर्य और अनुशासन बरतने का इनाम देते हैं। कालिया ने कहा कि इनवेस्टर्स सिप के जरिए लंबी अवधि के लिहाज से निवेश कर सकते हैं। लंबी अवधि का मतलब कम से कम 7-10 साल के निवेश से है।

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