
Stock market : गुरुवार, 19 फरवरी को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली है। निवेशकों ने बाजार में आए हालिया उछाल के बाद सभी सेक्टर्स में मुनाफावसूली की। इसके चलते सेंसेक्स इंट्राडे ट्रेड में 1,470 अंक तक गिर गया। जबकि निफ्टी आज के कारोबारी सत्र में 25,388.75 के इंट्राडे लो पर जाता दिखा। हालांकि इंडेक्स ने कुछ भरपाई की लेकिन अंत में बड़ी गिरावट लेकर बंद हुआ। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 1,236 अंक या 1.48 फीसदी गिरकर 82,498.14 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 365 अंक या 1.41 फीसदी गिरकर 25,454.35 पर बंद हुआ।
बड़े पैमाने पर हुई बिकवाली का असर मिड और स्मॉल-कैप इंडेक्स पर भी पड़ा। BSE 150 मिडकैप इंडेक्स 1.54 फीसदी और BSE 250 स्मॉलकैप इंडेक्स 1.16 फीसदी गिर कर बंद हुआ है। निवेशकों को एक ही दिन में लगभग 8 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ क्योंकि BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन पिछले सेशन के 472 लाख करोड़ रुपए से घटकर लगभग 464 लाख करोड़ रुपए रह गया।
निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में इंटरग्लोब एविएशन, M&M, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, अल्ट्राटेक सीमेंट और ट्रेंट शामिल रहे। जबकि डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज, ONGC, HDFC लाइफ और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज में सबसे ज्यादा बढ़त रही। ऑटो, कैपिटल गुड्स, रियल्टी, पावर, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मीडिया में 2-2 फीसदी की गिरावट के साथ सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान पर बंद हुए।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल
HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी का कहना है कि US और ईरान के बीच बढ़ते जियो-पॉलिटिकल टेंशन की वजह से गुरुवार को निफ्टी में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला और मार्केट 365 अंक नीचे गिर गया। पॉजिटिव नोट पर खुलने के बाद निफ्टी 25900 के लेवल के पास टिक नहीं पाया और ऊपर से फिसल गया।
डेली चार्ट पर एक लॉन्ग-रेंज बेयर कैंडल (लगभग 500 अंक हाई लो रेंज) बनी है जो 16 फरवरी के स्विंग लो के पास बंद हुई। टेक्निकली,यह मार्केट एक्शन ‘बेयरिश एंगल्फिंग’ पैटर्न बनने और एक ही सेशन में पिछले चार सेशन की रेंज में तेज गिरावट का संकेत है। यह अच्छा संकेत नहीं है।
आज गुरुवार को निफ्टी का शॉर्ट टर्म ट्रेंड मामूली उछाल के बाद तेजी से नीचे की ओर पलट गया है। 25400 से नीचे जाने पर निफ्टी शॉर्ट टर्म में 25200-25100 के अगले सपोर्ट लेवल तक गिर सकता है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि लार्ज कैप्स के लिए वैल्यूएशन ठीक-ठाक लेवल पर आ गए हैं,लेकिन मिड और स्मॉल कैप्स के लिए ऊंचे बने हुए हैं, जिससे मार्केट रेंज-बाउंड बना हुआ है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा कि निफ्टी वित्त वर्ष 2027 की अनुमानित अर्निंग के लगभग 20 गुना पर ट्रेड कर रहा है, जबकि NSE मिडकैप और NSE स्मॉल-कैप इंडेक्स FY27 की 2027 की अनुमानित अर्निंग के 28 और 24 गुना पर ट्रेड कर रहे हैं। यह इस मार्केट को स्टॉक पिकर का मार्केट बनाता है। ऐसे में हमें चुनिंदा क्वालिटी शेयरों पर ही फोकस रखना चाहिए।
बोनान्ज़ा के रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि जियोपॉलिटिकल रिस्क और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त की वजह से शॉर्ट टर्म में बाजार में उतार-चढ़ाव ज़्यादा रह सकता है। हालांकि,मज़बूत घरेलू फंडामेंटल्स बताते हैं कि मार्केट में आने वाला कोई भी करेक्शन लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए ट्रेंड बदलने के संकेत के बजाय खरीदारी का मौका हो सकता है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Read More at hindi.moneycontrol.com