लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अक्सर अधिकारियों का फोन नहीं उठने का मुद्दा उठता रहता है। यूपी विधानसभा में नेता विपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने बीते दिनों ये मुद्दा उठाया था। अब विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने नेता विपक्ष के मुद्दे उठाए जाने के बाद अधिकारियों के लिए निर्देश जारी किया है कि, वे जनप्रतिनिधियों का सम्मान करते हुए उनके फोन रिसीव करें। आदेशों का पालन नहीं होने पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
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विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने नियम 300 के तहत दिए गए अपने फैसले में संसदीय कार्यमंत्री से कहा कि वह निर्देश जारी कर स्पष्ट करें के शासन द्वारा पूर्व में जारी किए गए आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। अनुपालन नहीं किए जाने पर कड़ी अनुशासनिक कार्यवाही होगी। निर्देशों का अनुपालन अधिकारियों द्वारा नहीं किया जाना उसकी सेवा नियमावली का उल्लंघन है।
मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने विधान सभा में कहा था कि कार्यपालिका द्वारा विधायिका और न्यायपालिका के क्षेत्राधिकार में हस्तक्षेप किया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा था कि न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका तीनों का अपना अधिकार क्षेत्र है। तीनों को एक दूसरे के कामों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। वर्तमान में कार्यपालिका विधायिका पर हावी होती जा रही है। कहीं कहीं न्यायपालिका को प्रभावित किया जा रहा है।
विधायिका की पीठ से भी जो निर्देश दिए जाते हैं, कार्यपालिका द्वारा उसका अनुपालन भी सुनिश्चित नहीं किया जाता है। यह आपत्तिजनक है। उन्होंने कहा था कि अधिकारियों द्वारा विधायकों को समुचित सम्मान नहीं दिया जाता, उनकी सुनवाई भी नहीं की जाती है। इसके साथ ही विधायकों के फोन काल भी रिसीव नहीं करते हैं।
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