
Stock in Focus: इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी NCC Ltd ने बुधवार 18 फरवरी को जानकारी दी कि कंपनी और उसकी स्टेप डाउन सहायक कंपनी OB Infrastructure Ltd को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया NHAI से डिबारमेंट का आदेश मिला है। यानी कंपनी अब NHAI के टेंडर में हिस्सा नहीं ले पाएगी।
दो साल तक भागीदारी पर रोक
NHAI ने इस प्रोजेक्ट से जुड़ी कंपनी OB Infrastructure Ltd और उसकी प्रमोटर कंपनी NCC Ltd को दो साल तक अपने किसी भी टेंडर में भाग लेने से रोक दिया है। यह रोक 17 फरवरी 2026 से लागू मानी जाएगी।
इस अवधि में दोनों कंपनियां NHAI के किसी भी टेंडर, बोली या रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल में हिस्सा नहीं ले पाएंगी। यह रोक हर तरह की भागीदारी पर लागू होगी। यानी वे कंसेशनायर, कॉन्ट्रैक्टर, EPC ठेकेदार, O&M कॉन्ट्रैक्टर, O&M एजेंसी या किसी कंसोर्टियम के सदस्य के रूप में भी शामिल नहीं हो सकेंगी।
किस प्रोजेक्ट से जुड़ा है मामला
NHAI की यह कार्रवाई सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की नीति के तहत की गई है। मामला उत्तर प्रदेश में NH-25 के ओरई-भोगनीपुर सेक्शन और NH-2 (नया NH-27) के भोगनीपुर-बराह सेक्शन से जुड़ा है। यह प्रोजेक्ट डिजाइन, इंजीनियरिंग, निर्माण, विकास, फाइनेंस, संचालन और रखरखाव के लिए BOT (Annuity) मॉडल पर दिया गया था।
OB Infrastructure Ltd ने यह प्रोजेक्ट 27 अप्रैल 2006 को साइन हुए कंसेशन एग्रीमेंट के तहत पूरा किया था। कंपनी का कहना है कि जमीन सौंपने में देरी और NHAI की कुछ अन्य चूकों के कारण प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन में देरी हुई।
आर्बिट्रेशन और कानूनी विवाद
OBIL ने NHAI के खिलाफ आर्बिट्रेशन की कार्यवाही शुरू की थी। 20 नवंबर 2024 को उसे अपने पक्ष में फैसला मिला। हालांकि NHAI ने इस फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है और मामला अभी विचाराधीन है।
इसके अलावा, प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन और रखरखाव से जुड़े अन्य विवाद भी दोनों पक्षों के बीच चल रहे हैं। इन मामलों में OBIL ने सितंबर 2025 में दोबारा आर्बिट्रेशन शुरू किया। कंपनी का कहना है कि इन्हीं कार्यवाहियों के दौरान NHAI ने डिबारमेंट की प्रक्रिया शुरू की।
OBIL का यह भी कहना है कि कंसेशन अवधि पूरी होने के बाद बिना सुनवाई का मौका दिए डिबारमेंट आदेश जारी किया गया है। कंपनी इस आदेश को कानून के तहत चुनौती देगी।
मौजूदा कारोबार पर क्या असर
NCC ने स्पष्ट किया है कि इस आदेश का कंपनी की मौजूदा ऑर्डर बुक या चल रही परियोजनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। भविष्य के टेंडर पर प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि डिबारमेंट की अवधि में कौन से नए अवसर आते हैं। फिलहाल किसी ठोस वित्तीय प्रभाव का अनुमान नहीं लगाया जा सकता।
NCC के शेयरों का हाल
NCC Ltd का शेयर बुधवार 18 फरवरी को BSE पर 1.77% गिरकर ₹149.45 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 31.25% टूटा है। वहीं, 1 साल में इसने 19.12% का नेगेटिव रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 9.35 हजार करोड़ रुपये है। इस कंपनी के स्टॉक में दिग्गज निवेशक रेखा झुनझुनवाला ने भी पैसा लगाया हुआ है।
Stock Markets: लॉन्ग टर्म में दमदारा रिटर्न चाहिए? तो सिर्फ मल्टीबैगर के भरोसे मत बैठिए
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Read More at hindi.moneycontrol.com