Falgun Chaturthi 2026: अमावस्या के बाद फाल्गुन माह में अगला व्रत फाल्गुन विनायक चतुर्थी पर रखा जाएगा. इस साल फाल्गुन की ढुण्ढिराज विनायक चतुर्थी 21 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी. इस दिन गणेश जी की विधिवत पूजा करने वालों के समस्त विघ्न दूर होते हैं और क्लेश खत्म होते हैं. नौकरी में आ रही बाधाओं की मुक्ति के लिए विनायक चतुर्थी पर बप्पा की साधना पुण्य फलदायी मानी गई है.
फाल्गुन विनायक चतुर्थी 2026
फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 20 फरवरी 2026 को दोपहर 2.38 पर शुरू होगी और अगले दिन 21 फरवरी 2026 को दोपहर 1 बजे समाप्त होगी.
- चतुर्थी मध्याह्न मुहूर्त – सुबह 11:27- दोपहर 01:00 पी एम
- वर्जित चन्द्रदर्शन का समय – सुबह 08:56 – रात 10:16
फाल्गुन विनायक चतुर्थी की महीमा
मत्स्यपुराण में इसे मनोरथ चतुर्थी के नाम से वर्णित किया गया है. इस दिन भगवान गणेश के ढुण्ढिराज स्वरूप की पूजा-अर्चना की जाती है. पूर्वकाल में राजा सगर ने अश्वमेध यज्ञ में, भगवान शिव ने त्रिपुरासुर से युद्ध में तथा भगवान विष्णु ने समुद्रमन्थन में निर्विघ्न सफलता की प्राप्ति हेतु इस व्रत का पालन किया था.
मान्यता है कि विनायकी चतुर्थी के दिन व्रत करने और इस दिन गणेश की उपासना करने से घर में सुख-समृद्धि, आर्थिक संपन्नता के साथ-साथ ज्ञान एवं बुद्धि प्राप्ति होती है. चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा से सभी कार्य सिद्ध होते हैं और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
विनायक चतुर्थी पर ऐसे करें पूजन
- सुबह जल्दी उठकर नहाएं और साफ कपड़े पहनें. इसके बाद पूजा और पूरे दिन व्रत रखने का संकल्प लें.
- पूजन के समय श्रद्धा के अनुसार सोने, चांदी, पीतल, तांबा या मिट्टी की गणेशजी की मूर्ति स्थापित करें.
- दूर्वा और सिंदूर- गणेशजी को सिंदूर लगाएं और 21 दूर्वा (घास) अर्पित करें, इससे गणेशजी प्रसन्न होते हैं.
- भोग- लड्डू या मोदक का भोग लगाएं.
- मंत्र जाप- ‘ॐ गं गणपतयै नम:’ या 12 गणेश नामों का जाप करें.
- दान- चतुर्थी पर अन्न, मूंग, धन, वस्त्र, जरूरतमंदों को दान करने से शुभ फल मिलते हैं
- शाम को फिर गणेशजी की पूजा और आरती करें. इसके बाद खुद भोजन कर सकते हैं.
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