
Infosys Share Price: आईटी कंपनियों के शेयरों में आज 17 फरवरी को लगातार दूसरे दिन तेजी देखने को मिली। इंफोसिस (Infosys) ने अमेरिका की AI कंपनी एंथ्रोपिक (Anthropic) के साथ रणनीतिक साझेदारी का ऐलान किया है, जिसके चलते आईटी शेयरों को लेकर सेंटीमेंट थोड़ा बेहतर हुआ है। सुबह 9:45 बजे के आसपास, निफ्टी आईटी इंडेक्स 2 प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर 33,423.65 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं इंफोसिस के शेयर करीब 3 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।
कोफोर्ज (Coforge) के शेयरों में 2.5 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। जबकि HCL टेक्नोलॉजीज और परसिस्टेंट सिस्टम्स के शेयर लगभग 2 प्रतिशत चढ़ गए। वहीं टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), एम्फैसिस (Mphasis), टेक महिंद्रा (Tech Mahindra), विप्रो (Wipro) और एलटीआई माइंडट्री (LTI Mindtree) में 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी रही।
क्या है इंफोसिस-एंथ्रोपिक डील?
इंफोसिस ने एंथ्रोपिक के साथ मिलकर एंटरप्राइज AI सॉल्यूशंस बनाने का ऐलान किया है। ये सॉल्यूशंस टेलीकॉम, फाइनेंशियल सर्विसेज, मैन्युफैक्चरिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट जैसे सेक्टरों के लिए तैयार किए जाएंगे।
इस साझेदारी के तहत एंथ्रोपिक के क्लॉड मॉडल, जिनमें ‘क्लॉड कोड’ भी शामिल है, को इंफोसिस के टोपाज AI प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ा जाएगा। साथ ही एक डेडिकेटेड “एंथ्रोपिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” भी बनाया जाएगा। इसका मकसद इंडस्ट्री-स्पेसिफिक एआई एजेंट तैयार करना है।
शेयर बाजार इस डील को इस संकेत के रूप में देख रहा है कि भारतीय आईटी कंपनियां AI से डरने के बजाय उसे अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
हाल में क्यों बढ़ी थी अस्थिरता?
इस महीने की शुरुआत से भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट देखी गई थी। निवेशकों को डर था कि एआई टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल से पारंपरिक आईटी सेवाओं का बिजनेस मॉडल प्रभावित हो सकता है। एंथ्रोपिक के लीगल एआई टूल लॉन्च किए जाने के बाद कॉम्पिटीशन बढ़ने की आशंका ने भी दबाव बनाया था।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि ग्लोबल स्तर पर टेक शेयरों में बिकवाली और रुपये की गिरावट ने विदेशी निवेशकों की निकाली को भी बढ़ाया, जिससे आईटी शेयरों पर अतिरिक्त दबाव पड़ा।
अमेरिकी आंकड़ों का असर
जनवरी में अमेरिका में उम्मीद से बेहतर रोजगार आंकड़े आए। बेरोजगारी दर घटकर 4.3 प्रतिशत पर आ गई। इससे संकेत मिला कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व फिलहाल ब्याज दरों में कटौती करने में जल्दबाजी नहीं करेगा। ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम होने से पहले टेक शेयरों पर दबाव आया था। लेकिन अब भारतीय आईटी कंपनियों की एआई रणनीति को लेकर पॉजिटिव संकेत मिलने से निवेशकों का भरोसा कुछ हद तक लौटा है।
आईटी सेक्टर पर ब्रोकरेज की राय
नोमुरा का कहना है कि हालिया तेज गिरावट के बाद आईटी शेयरों की वैल्यूएशन अब ‘वैल्यू ज़ोन’ में आ गई है, यानी ये शेयर अब सस्ते स्तर पर मिल रहे हैं। ब्रोकरेज के मुताबिक पहले जो गिरावट आई थी, वह एआई के कारण एडीएम (एप्लिकेशन डेवलपमेंट और मेंटेनेंस) बिजनेस पर असर, SaaS मॉडल की उपयोगिता घटने और मार्जिन कम होने जैसी चिंताओं की वजह से थी।
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज का मानना है कि एआई से जुड़ी ये आशंकाएं आईटी सेवाओं की भूमिका को जरूरत से ज्यादा सरल तरीके से देख रही हैं।
नोमुरा ने समझाया कि अगर सेक्टर में स्ट्रक्चलक गिरावट आती है और रेवेन्यू में 6-7% की लगातार कमी होती है, तो ग्रोथ घटकर 2-3% रह सकती है। ऐसे हालात में इन कंपनियों का पी/ई रेशियो 10-12 गुना के दायरे में रह सकता है।
नोमुरा के मुताबिक, अगर आईटी कंपनियां समय रहते डेटा और एआई आधारित सेवाओं की ओर सफलतापूर्वक रुख कर लेती हैं, तो उनकी ग्रोथ दोबारा सामान्य हो सकती है। ऐसे आउटलुक में इन कंपनियों का पी/ई रेशियो करीब 20–22 गुना तक पहुंच सकता है।
वहीं अगर ये आईटी कंपनियां खुद को “एआई ऑर्केस्ट्रेटर” के रूप में स्थापित कर सकती हैं। यानी वे सिर्फ सर्विस देने के बजाय नतीजों के आधार पर काम करें। इससे कमाई में तेज बढ़ोतरी और मार्जिन में तेज और ज्यादा उछाल देखने को मिल सकता है, जिससे वैल्यूएशन भी ऊंचा हो सकता है।
यह भी पढ़ें- Ola Electric Shares: ब्रोकरेज ने 51% घटाया टारगेट, शेयर लगातार चौथे दिन धड़ाम, एक महीने में 21% टूटा भाव
डिस्क्लेमरः Moneycontrol पर एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।
Read More at hindi.moneycontrol.com