
अश्विनी वैष्णव।
India AI Impact Summit की शुरुआत हो चुकी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस महाइवेंट में दुनियाभर के दिग्गज टेक लीडर्स भारत पहुंच चुके हैं। AI समिट के पहले दिन केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने AI मॉडल्स की ट्रेंनिग पर बड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने डीपफेक, कॉपीराइट और अफवाहों को लेकर भी भविष्य की चुनौतियों को लेकर आगाह किया है। AI जहां एक तरफ कई काम आसान बना रहा है, वहीं, डीपफेक और अफवाहों की वजह से इंटरनेट पर मौजूद कंटेंट्स पर से लोगों का भरोसा खत्म होने लगा है। यह एक वैश्विक चिंता का विषय है।
दुनियाभर के ग्लोबल लीडर्स को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि क्रिएटर इकोनॉमी पिछले कुछ सालों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत के ही कई लोग ग्लोबल टेक कंपनियां चला रहे हैं। क्रिएटर इकोनॉमी के तेजी से आगे बढ़ने में एआई का अहम रोल है। भारत सरकार ये सुनिश्चित कर रही है कि एआई से फ्यादा ज्यादा हो सके और नुकसान कम से कम रहे। एआई को लेकर उन्होंने कहा कि यह एक रैपिड ग्रोइंग इकोनॉमी है और भारत इस नए टेक्नोलॉजी ट्रेंड्स को तेजी से अडॉप्ट कर रहा है।
वर्कफोर्स को री-स्किल करना जरूरी
AI Impact Summit के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तेजी से एआई को अडॉप्ट करने के लिए मौजूदा वर्कफोर्स को नई टेक्नोलॉजी के हिसाब से री-स्किल करना जरूरी है। इसके लिए अलग-अलग ट्रैक्स पर काम किए जा रहे हैं, जिनमें एआई सेफ्टी भी शामिल हैं। इस इवेंट का मकसद सिर्फ टेक्नोलॉजी को प्रदर्शित करना नहीं है, बल्कि लोगों को ये समझाना कि AI का लोगों और समाज पर क्या असर पड़ रहा है।
डीपफेक तोड़ रहा भरोसा
केंद्रीय मंत्री ने कई सेक्टर में AI की वजह से हो रहे सकारात्मक बदलाव की बात कही। साथ ही साथ उन्होंने एआई के निगेटिव पहलुओं का भी जिक्र किया। डीपफेक को लेकर अश्विणी वैष्णव ने कहा कि मिस-इंफॉर्मेशन, डिस-इंफॉर्मेशन और डीपफेक सोसाइटी के नींव पर हमला कर रहे हैं। ये सदियों से बने विश्वास को तोड़ने का काम कर रहे हैं। डीपफेक के तेसी से फैलने से लोगों का भरोसा कमजोर हो रहा है। इससे निपटने के लिए एआई मॉडल डेवलपर्स और क्रिएटर्स सभी को मिलकर जिम्मेदारी लेनी होगी। इस मुद्दे पर 20 देशों के मंत्रियों के साथ चर्चा हुई है और सभी इस बात पर सहमत हैं कि आने वाले समय में एआई के असर को अलग नजरिए से देखना होगा।
इसके अलावा केंद्रीय मंत्री ने एडवांस लैब्स और क्रिएटर इकोसिस्टम पर फोकस करने की बात कही। उन्होंने बताया कि भारत में कुछ एडवांस लैब्स मौजूद हैं, जो ग्लोबल लेवल पर कंपीट करते हैं। बजट के दौरान वित्त मंत्री ने देश भर के 15,000 स्कूलों में क्रिएटर्स के लिए स्पेशल लैब्स शुरू करने का ऐलान किया था।
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