January WPI : 10 महीने की ऊंचाई पर थोक महंगाई, 0.83% से बढ़कर 1.81% पर पहुंची – january wpi wholesale inflation rose to a 10 month high from 083 percent to 181 percent

January WPI : महंगाई की चाल ने रफ्तार पकड़ ली है। जनवरी में थोक महंगाई दर 10 महीने की ऊंचाई पर आ गई है। ये दिसंबर के 0.83 फीसदी से बढ़कर 1.81 फीसदी पर पहुंच गई है। इस अवधि में खाने पीने की चीजों,सब्जियों और मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स के दाम बढ़े हैं। जनवरी में थोक महंगाई दर 10 महीने की ऊंचाई पर पहुंच गई है। रोजाना की जरूरत वाले सामानों की महंगाई 0.21 फीसदी से बढ़कर 2.21 फीसदी हो गई है। खाद्य पदार्थों की महंगाई में बढ़ोतरी हुई है। प्याज की थोक महंगाई माइनस 54.40 प्रतिशत से बढ़कर माइनस 33.42 फीसदी हो गई। अंडे, मांस और सब्जियों की थोक महंगाई भी बढ़ गई है।

जनवरी के WPI आंकड़ों पर एक नजर

जनवरी में खाद्य पदार्थों की WPI 0% से बढ़कर 1.41% पर रही है। वही, मैन्युफैक्चरिंग WPI 1.82% से बढ़कर 2.86% पर रही है। जनवरी में फ्यूल एंड पावर WPI -2.31% से घटकर -4.01% पर रही है। वहीं, प्राइमरी आर्टिकल WPI 0.21% से बढ़कर 2.21% पर रही है। जनवरी में आलू की थोक महंगाई -38.21% से घटकर -38.84% पर रही है। वहीं, प्याज की थोक महंगाई -54.40% से बढ़कर -33.42% पर रही है। जनवरी में अंडे, मांस की थोक महंगाई 1.14% से बढ़कर 3.66% पर रही है।

जनवरी में सब्जियों की थोक महंगाई दिसंबर के -3.50% से बढ़कर 6.78% पर रही है। CEREALS की थोक महंगाई -1.18% से घटकर -1.41% पर रही है। सभी कमोडिटीज़ का इंडेक्स नंबर दिसंबर के 157.0 से बढ़कर जनवरी में 157.8 हो गया। महीने-दर-महीने के आधार पर, दिसंबर की तुलना में जनवरी में WPI में 0.51 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

आज आए आंकड़ों से पता चला कि बेसिक मेटल्स के साथ ही खाने-पीने की चीज़ों और कपड़ों की मैन्युफैक्चरिंग की ज़्यादा लागत की वजह से होलसेल कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। इंडस्ट्री मिनिस्ट्री ने एक बयान में कहा, “जनवरी 2026 में महंगाई दर में बढ़ोतरी मुख्य रूप से बेसिक मेटल, दूसरी मैन्युफैक्चरिंग, नॉन-फूड आर्टिकल्स,खाने की चीजें और टेक्सटाइल वगैरह की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से हुई है।”

रिटेल महंगाई दर भी बढ़ी

पिछले हफ़्ते जारी डेटा से पता चला कि जनवरी में देश की रिटेल महंगाई दर में भी थोड़ी बढ़त हुई है और ये 2.75% पर रही है। बता दें कि महंगाई कम रहने की वजह से भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने मौजूदा फ़ाइनेंशियल ईयर में पॉलिसी इंटरेस्ट रेट में 1.25 परसेंट की कमी की है। RBI बेंचमार्क इंटरेस्ट रेट तय करने के लिए मुख्य रूप से रिटेल महंगाई को ट्रैक करता है। इस महीने की शुरुआत में, RBI ने मुख्य पॉलिसी इंटरेस्ट रेट को 5.25% पर बनाए रखा था।

Read More at hindi.moneycontrol.com