बांग्लादेश में हुए 13वें संसदीय चुनाव के नतीजों के बाद 17 फरवरी (मंगलवार) को बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी के अध्यक्ष तारिक रहमान की अगुवाई में बांग्लादेश सरकार का शपथग्रहण समारोह होगा. चुनावी नतीजे देखें तो बांग्लादेश में दो दशक से ज्यादा समय बाद यह पहला मौका है, जब महिलाओं और धार्मिक-जातीय अल्पसंख्यक समुदायों से जीतने वाले उम्मीदवार का प्रतिनिधित्व सबसे कम दर्ज किया गया है.
महिला सदस्यों की संख्या घटी
यह इलेक्शन हाल के चुनावों की तुलना में संसद में महिलाओं के प्रतिनिधित्व में बड़ी गिरावट को दर्शाता है. संसदीय चुनाव में केवल 7 महिलाएं इलेक्शन जीतकर संसद पहुंची हैं. चुनी गई 7 महिलाओं में से 6 बीएनपी (BNP) की उम्मीदवार हैं. सातवीं महिला एक निर्दलीय उम्मीदवार हैं, जिन्हें चुनाव से पहले BNP से निष्कासित कर दिया गया था.
इससे पहले साल 2024 के 12वें राष्ट्रीय चुनाव में 19 महिलाएं सामान्य सीटों पर जीती थीं, जबकि इस बार यह संख्या घटकर 7 रह गई है. साल 2001 के बाद यह पहला मौका है, जब संसद में महिलाओं का सबसे कम प्रतिनिधित्व है. बांग्लादेश चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, इस चुनाव में केवल 84 महिलाओं ने चुनाव लड़ा, जो कुल उम्मीदवारों का सिर्फ 4.08 प्रतिशत है.
ये महिला उम्मीदवार पहुंचीं संसद
1. मनिकगंज-3 से बीएनपी प्रत्याशी अफरोजा खानम ने जीत दर्ज की. उन्होंने बांग्लादेश खिलाफत मजलिस के मुहम्मद सईद नूर को 60 हजार से ज्यादा वोटों से हराया.
2. झलकाठी-2 से बीएनपी गठबंधन की उम्मीदवार इसरत सुल्ताना एलेन भुट्टो ने विजयी हासिल की. उन्होंने एसएम नेयामुल करीम को हराया.
3. सिलहट-2 से बीएनपी प्रत्याशी तहसीना रुश्दीर ने 79 हजार 321 वोटों से जीत दर्ज की. उन्होंने बांग्लादेश खिलाफत मजसिल के मुहम्मद मुंतसिर अली को हराया है.
4. बीएनपी उम्मीदवार फरजाना शर्मिन ने नटोर-1 सीट से जीत दर्ज की.
5. बीएनपी उम्मीदवार शमा ओबैद इस्लाम ने फरीदपुर-2 सीट से परचम लहराया.
6. ब्राह्मणबरिया-2 से निर्दलीय उम्मीदवार रूमीन फरहाना जीतकर संसद पहुंचीं, उनको 117,495 वोट मिले.
7. बीएनपी उम्मीदवार नायाब यूसुफ अहमद ने फरीदपुर-3 में जीत हासिल की है.
धार्मिक-जातीय अल्पसंख्यक सदस्यों की घटी संख्या
वहीं, धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यक समुदायों से जिन चार प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है, वह सभी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) से हैं. इसमें गोयेश्वर चंद्र रॉय ने ढाका-3 सीट से, निताई रॉय चौधरी ने मगुरा-2 से, साचिंग प्रू ने बंदरबन, दिपेन देवान ने रंगामाटी से जीत दर्ज की है. अल्पसंख्यक सदस्यों की संख्या भी घटी है. 2018 के चुनाव में 18 अल्पसंख्यक सीधे चुने गए थे. 2024 के संसदीय चुनाव में 14 अल्पसंख्यक उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी, जिसमें से 12 अवामी लीग से थे.
(इनपुट – दुष्यंत शेखर)
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