Defence deals : DAC की बैठक में हुआ बड़ा फैसला, 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को मिली मंजूरी – defence dealsmajor decision taken in dac meeting approval given for purchase of 114 rafale fighter jets

Defence deals : भारत अब तक का सबसे बड़ा रक्षा सौदा करने जा रहा है। 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को आज DAC यानि DEFENCE ACQUISITION COUNCIL ने मंजूरी दे दी है। इस पर ज्यादा डिटेल्स जानकारी देते हुए सीएनबीसी-आवाज संवाददाता असीम मनचंदा ने कहा कि मदर ऑफ आल डील्स को आज DAC की मंजूरी मिल गई है। इसके तहत 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी मिली है। इस डील की अनुमानित कीमत करीब 3.25 लाख करोड़ रुपए है।

इसके साथ ही SCALP क्रूज मिसाइलों की खरीद को भी मंजूरी दे दी गई है। SCALP क्रूज मिसाइल से भारत की मारक क्षमता बढ़ेगी। इसके साथ ही भारत US से 6 अतिरिक्त P-8I समुद्री निगरानी विमान खरीदेगा। अगले हफ्ते फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों भारत के दौरे पर आएंगे।

खरीदे जाने वाले ज़्यादातर मल्टी रोल फाइटर एयरक्राफ्ट भारत में बनाए जाएंगे

रक्षा मंत्रालय ने DAC से मिली मंज़ूरी की जानकारी के साथ एक बयान जारी किया है। बता दें कि DAC के चेयरमैन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह हैं। इस बयान में कहा गया है कि इन मंज़ूरियों में इंडियन एयर फ़ोर्स (IAF), इंडियन आर्मी, इंडियन नेवी और इंडियन कोस्ट गार्ड की अहम ज़रूरतें पूरा होंगी। IAF के लिए, फ़्रेंच रफ़ाल जेट, लड़ाकू मिसाइल और एयर-शिप बेस्ड हाई एल्टीट्यूड स्यूडो सैटेलाइट (AS-HAPS) की खरीद के लिए एक्सेप्टेंस ऑफ़ नेसेसिटी (AoN) को मंज़ूरी दे दी गई है।

इस बयान में आगे कहा गया है, “मल्टी रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) की खरीद से किसी युद्ध के हर पहलू में हवाई दबदबे को बनाए रखने की क्षमता बढ़ेगी और लंबी दूरी के हमले के साथ IAF की प्रतिरोध क्षमता में काफी बढ़ोतरी होगी। खरीदे जाने वाले ज़्यादातर MRFA भारत में बनाए जाएंगे।”

MRFA (मल्टी रोल फाइटर एयरक्राफ्ट) प्रोग्राम को बदलते रीजनल सिक्योरिटी डायनामिक्स के बीच एयर डॉमिनेंस और लॉन्ग-रेंज स्ट्राइक कैपेबिलिटी को बढ़ाने के लिए एक ज़रूरी कदम के तौर पर देखा जा रहा है।

कॉम्बैक्ट मिसाइलों से बढ़ेगी ज़मीन से हमला करने की क्षमता

रक्षा मंत्रालय ने आगे कहा कि कॉम्बैक्ट मिसाइलें ज़मीन से हमला करने की क्षमता को बढ़ाएंगी, इनकी स्ट्राइक पावर बहुत अधिक होगी और सटीकता भी बहुत ज़्यादा होगी।

AS-HAPS के इस्तेमाल से टोही जानकारी जुटाने में मिलेगी मदद

AS-HAPS का ज़िक्र करते हुए मंत्रालय ने कहा, “AS-HAPS का इस्तेमाल मिलिट्री मकसदों के लिए लगातार इंटेलिजेंस, सर्विलांस और टोही, इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस, टेलीकम्युनिकेशन और रिमोट सेंसिंग के लिए किया जाएगा।”

भारतीय सेना के लिए, एंटी-टैंक माइंस (Vibhav) की खरीद और आर्मर्ड रिकवरी व्हीकल्स (ARVs), T-72 टैंकों और इन्फेंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स (BMP-II) के व्हीकल प्लेटफॉर्म्स के ओवरहॉल के लिए AoN (एक्सेप्टेंस ऑफ़ नेसेसिटी) को मंजूरी दे दी गई है।

इसी तरह नेवी के लिए 04 MW मरीन गैस टर्बाइन बेस्ड इलेक्ट्रिक पावर जेनरेटर और बोइंग P8I लॉन्ग रेंज मैरीटाइम रिकॉनिसेंस एयरक्राफ्ट को मंज़ूरी दे दी गई है।

ये मंज़ूरी ऐसे समय में मिली है जब कुछ महीने पहले ही भारत और पाकिस्तान के बीच ऑपरेशन सिंदूर के बाद तनाव बढ़ा था। ऑपरेशन सिंदूर में चार दिनों तक ड्रोन और मिसाइलों से ज़बरदस्त मिलिट्री एक्शन हुआ था।

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