Mahashivratri 2026: रविवार 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जाता है. शिव पूजन के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण तिथि मानी जाती है. महाशिवरात्रि फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है. धार्मिक दृष्टि से इस तिथि का काफी महत्व होता है, लेकिन इसी के साथ इस वर्ष महाशिवरात्रि पर दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग भी रहेगा.
महाशिवरात्रि पर 3 ग्रहों की चाल में बदलाव
15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि पर ग्रहों के गोचर से खास ज्योतिषीय संयोग बनने वाला है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इस दिन एक या दो नहीं बल्कि पूरे तीन ग्रहों की चाल में बदलाव होगा, जिसका शुभ असर चार राशियों पर पडेगा. महाशिवरात्रि पर चंद्रमा मकर राशि में गोचर करेंगे, जोकि शनि की राशि है. वहीं बुध ग्रह शतभिषा नक्षत्र से पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और मंगल श्रवण नक्षत्र से निकलकर धनिष्ठा नक्षत्र में आएंगे. महाशिवरात्रि पर ग्रह-नक्षत्रों की ऐसी स्थिति कुछ राशियों को सकारात्मक परिणाम देगी.
महाशिवरात्रि पर इन चार राशियों की किस्मत होगी बुलंद
ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा का मकर राशि में गोचर होना मन, करियर और स्थिरता से जुड़ा प्रभाव देता है. वहीं बुध का नक्षत्र परिवर्तन बुद्धि, व्यापार, संवाद और निर्णय क्षमता पर प्रभाव डालता है. मंगल ऊर्जा, शक्ति और साहस प्रदान करते हैं. महाशिवरात्रि के दिन ग्रहों का ऐसा संयोग धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व को और अधिक बढ़ा देता है. ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास की माने तो, ग्रहों के इन शुभ योगो का असर मेष, मिथुन, धनु और मकर राशि वाले जातकों के जीवन पर पड़ेगा.
- मेष राशि– करियर और आर्थिक मामलों में सुधार होंगे. रुके हुए कामों में फिर से गति आएगी. जीवन में उत्साह और आनंद का आगमन होगा और आप मानसिक रूप से शांति का अनुभव करेंगे.
- मिथुन राशि– मिथुन राशि वालों पर बुध के नक्षत्र परिवर्तन का विशेष प्रभाव पड़ेगा. आपकी निर्णय क्षमता मजबूत होगी और व्यापार में फायदा होगा. स्वास्थ्य लाभ भी होगा.
- धनु राशि– धनु राशि वाले जातकों की पारिवारिक और आर्थिक स्थिति में संतुलन होगी और नई योजनाओं में सफलता मिलेगी. खासकर व्यापारी वर्ग को अच्छा लाभ होगा.
- मकर राशि– आपकी राशि में आकर चंद्रमा आत्मविश्वास को बढ़ाएगा और नौकरी-व्यवसाय में प्रगति के योग बनेंगे.
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