
अमेरिका से ट्रेड डील के ऐलान के बाद इस महीने की शुरुआत में शेयर बाजार में तेजी दिखी थी। 3 फरवरी को निफ्टी 50 करीब 5 फीसदी यानी 1,252.80 प्वाइंट्स के उछाल के साथ एक समय 26,341.20 पर पहुंच गया था। सेंसेक्स 4,205 प्वाइंट्स उछलकर 85,871.73 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। लेकिन, यह तेजी टिक नहीं पाई। दोनों सूचकांक हाई से नीचे आ गए।
11 फरवरी को मार्केट का रुख मिलाजुला रहा
11 फरवरी को सेंसेक्स 40 प्वाइंट्स गिरकर 84,233 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 18 प्वाइंट्स की मामूली तेजी के साथ 25,953 पर क्लोज हुआ। सवाल है कि आखिर मार्केट में तेजी क्यों टिक नहीं पा रही है?
स्टॉक मार्केट में दिख रही सावधानी
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका ने भारत पर टैरिफ 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया है। अमेरिका के साथ अंतरिम ट्रेड डील का ऐलान हो चुका है। इसके बावजूद मार्केट में सावधानी देखने को मिल रही है। एंजल वन में सीनियर फंडामेंटल एनालिस्ट वी खान के मुताबिक, मार्केट में तेजी नहीं टिकने की कुछ वजहें हैं।
मार्केट को ट्रेड डील की डिटेल का इंतजार
पहला, अमेरिका से डील के फ्रेमवर्क का अभी ऐलान हुआ है। अभी इसे औपचारिक मंजूरी नहीं मिली है। अभी इसकी डिटेल भी नहीं आई है। यह कहा जा रहा है कि भारत अमेरिका से 500 अरब डॉलर का इंपोर्ट करेगा, लेकिन इंडिया ने इसकी पुष्टि नहीं की है। रूस से तेल का आयात रोकने और कृषि बाजार खोलने का मसला संवेदनशील है, जिसे राजनीतिक विरोध का सामना करना पड़ सकता है।
FIIs कुछ चुनिंदा शेयरों में कर रहे खरीदारी
Vibhavangal Anukulakara के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर सिद्धार्थ मौर्य ने कहा कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील का पॉजिटिव असर सेंटिमेंट पर पड़ा है। लेकिन, मार्केट में तेजी नहीं टिकने की वजह यह है कि कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ में अभी तेजी नहीं दिख रही। इसके अलावा जहां तक विदेशी निवेशकों (FIIs) के निवेश का सवाल है तो यह सिर्फ कुछ चुनिंदा शेयरों में हो रहा है।
अर्निंग्स ग्रोथ बढ़ने पर मार्केट में आएगी तेजी
मार्केट तिमाही नतीजों और लिक्विडिटी के आधार पर चढ़ता है। जब तक दोनों में इम्प्रूवमेंट नहीं होता, बाजार में तेजी नहीं आएगी। प्लसकैश के फाउंडर और सीईओ प्रणव कुमार ने कहा कि हमें यह समझने की जरूरत है कि वैल्यूएशंस अब भी अपेक्षाकृत ज्यादा बनी हुई है।
मार्केट में तेजी के लिए बन रही मजबूत बुनियाद
खान ने कहा कि मार्केट को अमेरिका से ट्रेड डील के इंप्लिमेंटेशन का इंतजार है। हालांकि, FIIs के खरीदारी शुरू करने और कॉर्पोरेट अर्निंग्स में इम्प्रूवमेंट इस बात के संकेत हैं कि तेजी की बुनियाद बन रही है। आगे तेजी तभी दिखेगी जब ट्रेड में एक्चुअल इम्प्रूवमेंट दिखेगा। अभी तो सिर्फ ऐलान हुआ है। कुमार का भी मानना है कि मार्केट कंपनियों की अर्निंग्स के मामले में तस्वीर साफ होने का इंतजार कर रहा है।
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ट्रेड डील का असर FY27 की दूसरी छमाही में दिख सकता है
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका से डील अच्छी खबर है। बाजार पर इसका पूरा असर 2026 की दूसरी छमाही और FY27 में दिख सकता है। शॉर्ट टर्म में इसकी बदौलत मार्केट में तेजी जारी रहने के आसार कम हैं। अमेरिका से ट्रेड लागू होने के बाद उसका असर दिखने में थोड़ा समय लगेगा। बताया जाता है कि दोनों देशों में मार्च में डील पर हस्ताक्षर हो सकता है। इसके बाद डील की शर्तों के बारे में तस्वीर साफ होगी।
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