बांग्लादेश में 13वां आम चुनाव गुरुवार (12 फरवरी, 2026) को होने वाला है. देश में पिछली बार आम चुनाव साल 2024 में हुए थे, तब शेख हसीना बांग्लादेश की प्रधानमंत्री बनी थीं, लेकिन अगस्त 2024 के तख्तापलट के बाद अब साल 2026 में एक बार फिर से आम चुनाव हो रहे हैं.
आम चुनाव के साथ-साथ बांग्लादेश में जनमत संग्रह पर भी मतदान होगा, जिसमें मतदाताओं को हां या नहीं का जवाब देना है. अगर हां वाला वोट ज्यादा रहा तो संवैधानिक सुधारों (जुलाई चार्टर) का पैकेज नई सरकार को संसद से कानूनी तौर पर लागू कराने के लिए बाध्य होना पड़ेगा.
मतदान के बाद तुरंत शुरू होगी वोटों की गिनती
बांग्लादेश में गुरुवार (12 फरवरी, 2026) को सुबह 7:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक मतदान होगा, जिसमें देश के कुल 12 करोड़ 76 लाख 12 हजार 384 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. मतदान खत्म होते ही वोटों की गिनती शुरू हो जाएगी. बांग्लादेश में बैलेट पेपर से चुनाव होता है. विदेशों में रहने वाले बांग्लादेशी नागरिक भी इन चुनावों में वोट डाल सकेंगे, उनके लिए पोस्टल बैलेट की व्यवस्था की गई है.
बांग्लादेश चुनाव आयोग के एक आंकड़े के मुताबिक, 8 लाख से ज्यादा पोस्टल बैलेट पेपर आयोग की ओर से जारी किए जा चुके हैं. इन पोस्टल बैलेट पेपर को 12 फरवरी की दोपहर तक जमा करना होगा.
बांग्लादेश में क्या है मतदाताओं का गणित?
बांग्लादेश में कुल 12.76 करोड़ वोटरों में से पुरुष मतदाताओं की संख्या 6,47,60,382 और महिला मतदाताओं की संख्या 6,28,50,772 है. इसके अलावा, 1,230 ट्रांसजेंडर मतदाता भी हैं. यानि पुरुष और महिला मतदाताओं की संख्या में कोई बहुत ज्यादा अंतर नहीं है. वहीं, अगर हम बात युवा मतदाताओं की करें तो सबसे निर्णायक यही साबित होगा.
युवा मतदाताओं की संख्या कितनी?
बांग्लादेश के इस आम चुनाव में 18-37 आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या लगभग 56 मिलियन है, जिनमें से पहली बार के मतदाताओं की संख्या लगभग 4.57 मिलियन हैं यानि कुल मतदाताओं का लगभग 44 फीसदी वोट युवाओं का है. चुनाव में युवा मतदाता इसलिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि शेख हसीना के तख्तापलट के पीछे बांग्लादेश के छात्र और युवा आंदोलन ही थी. हसीना विरोधी आंदोलन की कमान युवाओं ने संभाली रखी थी. पहली बार के मतदाता जिस भी पार्टी के साथ जाएंगे, उसका बेड़ा पार लगना तय माना जा रहा है.
देश के 300 संसदीय सीटों पर कितने प्रत्याशी मैदान में?
बांग्लादेश की कुल आबादी 173 मिलियन है, जिसमें 90 फीसदी मुस्लिम आबादी है और लगभग 9 प्रतिशत के आसपास हिंदू आबादी है. हिंदू समुदाय बांग्लादेश में अल्पसंख्यक माना जाता है. बांग्लादेश की कुल 300 संसदीय सीटों पर चुनाव हो रहे हैं और सरकार बनाने के लिए कम से कम 151 सीटें हासिल करनी जरूरी है.
इसके अलावा, 50 सीटें महिलाओं के अलग से आरक्षित होती हैं, जो राजनीतिक दलों को उनके वोट शेयर के अनुपात में बांटा जाता है. बांग्लादेश में कुल 8 मंडल के 64 जिलों में एक साथ मतदान हो रहा है.
बांग्लादेश में 59 राजनीतिक दल इस वक्त चुनावी मैदान में हैं. राजनीतिक दलों और स्वतंत्र उम्मीदवार मिलाकर कुल 1,981 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं. बांग्लादेश का जो भी नागरिक 25 साल की उम्र पूरी कर चुका है, वो चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा सकता है.
आम चुनाव में अवामी लीग पर पूरी तरह से बैन
बांग्लादेश के आम चुनाव में शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग पर पूरी तरह से प्रतिबंध है. ऐसे हालात में देश में 3 प्रमुख सियासी दल नजर आते हैं. जिसमें,
- बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP)
- जमात-ए-इस्लामी
- नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) शामिल है.
हालांकि, इनके अलावा भी कई अन्य दल भी चुनावी मैदान में हैं. जमात-ए-इस्लामी और NCP का गठबंधन है, जिसमें कुल 11 राजनीतिक दल शामिल हैं. वहीं, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी का भी कुछ छोटे दलों के समूहों के साथ गठबंधन है.
जमात-ए-इस्लामी गठबंधन की ओर से प्रधानमंत्री पद की दावेदारी में शफीकुर रहमान सबसे आगे हैं, तो वहीं बीएनपी गठबंधन की तरफ से प्रधानमंत्री पद की रेस में तारिक रहमान बढ़त बनाए हुए हैं. बांग्लादेश की सियासी लड़ाई 2 बेगम के बाद अब 2 रहमान के बीच सिमटती दिखाई दे रही है.
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