हरियाणा के कुरुक्षेत्र में 41वीं राज्यस्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में पानीपत के डिडवाड़ी गांव के पशु पालक का मुर्रा नस्ल का झोटा ‘विधायक’ आकर्षण का केंद्र रहा. 41वीं राज्यस्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में इसने दो श्रेणियों में जीत दर्ज की, जिसमें ब्रीडिंग चैंपियन के रूप में 2.51 लाख रुपये और मुर्रा वयस्क श्रेणी में 51 हजार रुपये का इनाम जीता. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी इसकी सराहना की. पद्मश्री नरेंद्र सिंह के इस झोटे की कीमत फरारी कार से भी ज्यादा लगाई जा चुकी है. इस भैंसे की कीमत 15 करोड़ रुपये तक लगाई जा चुकी है, और यह देशभर की 21 से अधिक प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान हासिल कर चुका है.
पद्मश्री से सम्मानित हैं किसान
जिला पानीपत के गांव डीडवाड़ी निवासी नरेंद्र सिंह को वर्ष 2019 में मुर्रा नस्ल की भैंसों और अन्य पशुधन के संरक्षण और नस्ल सुधार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया था. इससे पहले नरेंद्र गोलू नाम के पैसे से प्रसिद्ध हुए थे और उसके बाद गोलू का बेटा गोलू 2 भी नरेंद्र ने रखा. विदेशी पशुपालक का डेलिगेशन नरेंद्र के फार्म पर देखने के लिए कई बार पहुंच चुका है.
21 से ज्यादा प्रतियोगिताओं में जीता प्रथम पुरस्कार
इस झोटे के मालिक नरेंद्र सिंह ने बताया कि यह झोटा ‘विधायक’ अब तक 21 से ज्यादा देशभर में हुईं प्रतियोगिताओं में भाग पहला स्थान जीत चुका है. नरेंद्र के मुताबिक उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब समेत कई राज्यों के मुकाबले जीत चुका है. एबीपी न्यूज की टीम ने जब नरेंद्र के यहां जाकर देखा तो इस भैंसे की बदौलत उनके कमरे में कई मेडल और जीती हुई ट्रॉफी रखी हुई हैं.
इस झोटे की ऊंचाई साढ़े पांच फीट है. उन्होंने बताया कि उनका यह झोटा पिछले 4 साल से लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रहा है. नरेंद्र को साल 2025 में इस झोटे की वजह से ‘मुर्रा रत्न अवॉर्ड’ से सम्मानित हो चुके हैं.
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