Lok Adalat: लोक अदालत में ये चालान नहीं होंगे माफ, जानिए किन चालानों पर मिलती है छूट

देश के लगभग हर राज्य में अलग-अलग समय में लोक अदालत लगती है, जहां कई तरह के फैसले होते हैं. यह अदालत उन लोगों के लिए बहुत काम के होते हैं, जो अपने वाहनों पर लगे चालान को हटवाना चाहते हैं. हालांकि, कई लोग सोचते हैं कि लोक अदालत में हर तरह के ट्रैफिक चालान माफ हो सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है. लोगों के बीच फैले इस भ्रम को दूर करना बेहद जरूरी है, लोग सोचते हैं कि वे कानून तोड़ेंगे और लोक अदालत जाकर बिना किसी जुर्माने के चालान माफ करवा लेंगे. आइए जानते कौन-कौन से चालान माफ होते हैं और कौन से नहीं.

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कब हुई इसकी शुरुआत और क्या होता है यहां

रिपोर्ट्स के मुताबिक, लोक अदालत की शुरुआत सबसे पहले मार्च 1982 में गुजरात में हुई थी, जिसके बाद यह धीरे-धीरे पूरे देश में फैल गई. बता दें कि लोक अदालत में सिर्फ उन्हीं मामलों पर विचार होता है जिनमें आपसी सहमति या समझौते की गुंजाइश होती है. ऐसे में अगर आप यह सोचते हैं कि आपका हर ट्रैफिक चालान माफ हो जाएगा, तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. लोक अदालत के कुछ नियम हैं, जिसके आधार पर ही चालान में कमी या माफी मिलती है (Lok Adalat Mein Kaun Se Challan Maaf Nahi Hote).

किन चालानों में आपको मिल सकती है राहत

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लोक अदालत में आमतौर पर उन्हीं ट्रैफिक चालानों में माफी या थोड़ी राहत मिलती है (How To Settle Traffic Challan in Lok Adalat_ जो छोटे और कम गंभीर उल्लंघनों से जुड़े मामले होते हैं, खासकर ऐसे मामले जो कोर्ट में लंबे वक्त से लंबित हों. इसमें बाइक या स्कूटी चलाते वक्त हेलमेट न पहनना, कार आदि में सिटबेल्ट नहीं लगाना, नो-पार्किंग में गाड़ी खड़ी करना, रेड लाइट जंप करना, स्पीड लिमिट पार करना आदि शामिल हैं. इन मामलों में कोर्ट या तो चालान में थोड़ी कमी कर देता है या सहमति के आधार पर मामला तुरंत निपटा दिया जाता है.

कौन से चालान नहीं होते माफ

अब आते हैं, लोक अदालत में कौन से ट्रैफिक चालान बिल्कुल भी माफ नहीं होते हैं. बता दें कि यहां गंभीर ट्रैफिक उल्लंघन, इसमें शराब या नशे की हालत में वाहन चलाना, हिट एंड रन या दुर्घटना से जुड़े मामले, रेड लाइट जंप कर हादसा करना, बिना ड्राइविंग लाइसेंस गाड़ी चलाना, चोरी का वाहन या फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल करना शामिल हैं. इन मामलों में लोक अदालत सिर्फ प्रक्रिया को आसान बना सकती है, लेकिन सजा या चालान पूरी तरह खत्म नहीं किया जाता.

दिल्ली में कहां-कहां लगेगा लोक अदालत

अगर आप दिल्ली में रहते हैं, तो सबसे पहले यह जान लें कि दिल्ली में लोक अदालत (Delhi Lok Adalat 2026) कहां-कहां लगेगी. रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में 14 फरवरी को लगने वाली लोक अदालत, दिल्ली के सात प्रमुख कोर्ट परिसरों में आयोजित होगी. इनमें पटियाला हाउस, कड़कड़डूमा, तीस हजारी, साकेत, रोहिणी, द्वारका और राउज एवेन्यू कोर्ट परिसर शामिल हैं.

लोक अदालत जाने से पहले जरूर करें ले ये काम

अगर आप लोक अदालत जाने की सोच रहे हैं, तो सबसे पहले ऑनलाइन अपना चालान चेक जरूर कर लें. यह पक्का करें कि मामला कोर्ट में दर्ज या लंबित है, आरसी, ड्राइविंग लाइसेंस और इंश्योरेंस जैसे सभी जरूरी दस्तावेज साथ में रखें.

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