Kumbh Sankranti 2026: कुंभ संक्रांति कब ? इन 3 राशियों का आर्थिक अंधेरा छटेगा, होगा धन लाभ

Kumbh Sankranti 2026: संक्रांति यानी सूर्य के राशि परिवर्तन वाला दिन. सूर्य का गोचर बहुत मायने रखता है क्योंकि इससे सभी 12 राशियों के जीवन में बदलाव आते हैं. मकर संक्रांति के बाद 13 फरवरी 2026 को कुंभ संक्रांति मनाई जाएगी. इस दिन विजया एकादशी का संयोग भी बन रहा है. स्नान-दान के लिए ये महत्वपूर्ण दिन है, इससे रोग, दोष, दरिद्रता से मुक्ति मिलती है. कुंभ संक्रांति पर किस मुहूर्त में करें स्नान, किन राशियों को होगा लाभ.

कुंभ संक्रांति 2026 मुहूर्त

कुम्भ संक्रान्ति पुण्य काल – सुबह 07:01 से दोपहर 12:35

कुम्भ संक्रान्ति महा पुण्य काल – सुबह 07:01 – सुबह 08:53

किन राशियों के लिए कुंभ संक्रांति शुभ

धनु राशि – धनु राशि के लोगों को सूर्य का कुंभ राशि में जाना अधूरे कार्य पूरा करने वाला होगा. करियर में नई ऊंचाइयों पर पहुंचेंगे. आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी. पहले किए गए प्रयासों का फल मिलेगा. आपके भौतिक सुख सुविधाओं में वृद्धि होगी. इसी के चलते मन प्रसन्न रहेगा. व्यापार के क्षेत्र में भी उन्नति के रास्ते मिल सकते है.

मिथुन राशि – मिथुन राशि वालों के लिए कुंभ संक्रांति सौभाग्य लेकर आएगी. मानसिक शांति महसूस करेंगे. पिता और गुरुजन का मार्गदर्शन मिलेगा. नौकरी पाने के अच्छे अवसर मिलेंगे. लव लाइफ मधुर रहेगी और आप पार्टनर के साथ रोमांटिक समय व्यतीत कर सकते हैं. व्यापार में बढ़िया परिणाम मिलेंगे.

मेष राशि – किस्मत का पूरा साथ मिलेगा. आमदनी के नए मौके मिलेंगे. ऑफिस में आपके अधिकारी पूरा सहयोग करेंगे. धन से संबंधित समस्या खत्म होगी. सूर्य की कृपा जीवन में छाया आर्थिक अंधेरा छटेगा. खुशियां दरवाजे पर दस्तक देंगी. 

कुंभ संक्रांति का महत्व

मान्यता है कि इस दिन सूर्य देव की पूजा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और स्वास्थ्य लाभ भी मिलता है. कई स्थानों पर कुंभ संक्रांति के अवसर पर स्नान पर्व, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं. पितरों की कृपा प्राप्ति के लिए संक्रांति का दिन बहुत फलदायी माना गया है.

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