रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि भारत की अध्यक्षता में BRICS समूह के एजेंडे को रूस पूरा समर्थन देगा. उन्होंने यह बात सोमवार को RT को दिए एक इंटरव्यू में कही. लावरोव ने बताया कि मौजूदा हालात को देखते हुए भारत की तरफ से रखा गया एजेंडा बेहद जरूरी और व्यावहारिक है. इसमें आतंकवाद से लड़ने, ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और नई तकनीक जैसे अहम मुद्दों को शामिल किया गया है.
लावरोव ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में BRICS जो दिशा तय कर रहा है, वह न सिर्फ आज की समस्याओं का हल निकालने में मदद करेगी, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयारी करेगी. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि रूस इस एजेंडे का सक्रिय रूप से समर्थन करेगा.
आतंकवाद के मुद्दे पर भारत की सराहना
रूसी विदेश मंत्री ने खास तौर पर आतंकवाद के मुद्दे पर भारत के रुख की सराहना की. उन्होंने कहा कि आज दुनिया के कई हिस्से आतंकवाद से प्रभावित हैं. अफगानिस्तान की सीमा, भारत-पाकिस्तान-अफगानिस्तान क्षेत्र और अन्य इलाकों में आतंकी गतिविधियां लगातार देखी जा रही हैं. ऐसे में आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करना बहुत जरूरी हो गया है. लावरोव ने यह भी बताया कि रूस और भारत संयुक्त राष्ट्र में मिलकर एक वैश्विक आतंकवाद विरोधी ढांचे पर काम कर रहे हैं. इस प्रस्ताव का मसौदा तैयार हो चुका है, लेकिन अभी सभी देशों की सहमति नहीं बन पाई है. इसके बावजूद दोनों देश इस दिशा में लगातार प्रयास कर रहे हैं.
AI पर भारत दे रहा जोर- लावरोव
इसके अलावा भारत की अध्यक्षता में खाद्य सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जा रही है. लावरोव ने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में ये दोनों मुद्दे हर देश के लिए बेहद अहम हैं. भारत सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भी जोर दे रहा है. उन्होंने बताया कि भारत एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है, जिसमें रूस को भी आमंत्रित किया गया है. रूस इस सम्मेलन और भारत के तकनीकी एजेंडे में सक्रिय भूमिका निभाएगा. कुल मिलाकर, रूस ने साफ कर दिया है कि भारत की BRICS अध्यक्षता वैश्विक स्थिरता, सुरक्षा और विकास के लिए अहम साबित हो सकती है.
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