FIIs vs DIIs: विदेशी निवेशकों ने खरीदे ₹2,255 करोड़ के शेयर, लगातार दूसरे दिन बने खरीदार – fiis turn net buyers of indian equities on february 9 invest rs 2255 crore diis add rs 4 crore

FIIs vs DIIs: विदेशी निवेशकों ने सोमवार 9 फरवरी को भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन तगड़ी खरीदारी की। एक्सचेंजों की ओर से जारी प्रोविजन आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII/FPI) ने सोमवार को भारतीय शेयर मार्केट में 2,255 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) की शुद्ध खरीदारी महज 4 करोड़ रुपये रही।

आंकड़ों के मुताबिक, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने सोमवार के कारोबार के दौरान 13,573 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 13,569 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इससे उनकी शुद्ध खरीद बेहद सीमित रही। दूसरी ओर, विदेशी निवेशकों ने कुल 16,066 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि 13,811 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री की। इसके चलते विदेशी निवेशकों का शुद्ध निवेश 2,255 करोड़ रुपये पर रहा, जिसने बाजार को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई।

सालाना आधार पर अब भी FIIs बिकवाल

शेयर बाजार का प्रदर्शन

भारतीय शेयर बाजार सोमवार को लगातार दूसरे दिन बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी करीब 0.7 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ। ग्लोबल बाजारों से मिले मजबूत संकेत से मार्केट के सेंटीमेंट को मजबूतीस मिली। एशियाई बाजारों में भी सोमवार को जोरदार तेजी देखने को मिली, जहां जापान के बाजारों ने राजनीतिक स्थिरता से जुड़े संकेतों के बाद रिकॉर्ड स्तर छू लिए। इसके अलावा भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील के डिटेल सामने आने के बाद निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ।

लार्जकैप इंडेक्सों के साथ छोटे और मझोले शेयरों में भी जमकर खरीदारी देखने को मिली। मिडकैप इंडेक्स 1.6 प्रतिशत चढ़ा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में 2.6 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई। इससे साफ संकेत मिला कि बाजार में जोखिम लेने का ट्रेंड बढ़ा है।

सेक्टोरल रुझान और एक्सपर्ट की राय

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज में वेल्थ मैनेजमेंट के रिसर्च हेड, सिद्धार्थ खेमका के ने बताया कि सेक्टोरल आधार पर प्रदर्शन पॉजिटल रहा और सभी सेक्टर हरे निशान में बंद हुए। पीएसयू बैंक इंडेक्स सबसे आगे रहा और 3.3 प्रतिशत की तेजी के साथ नए उच्च स्तर पर पहुंच गया।

उन्होंने बताया कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के शेयरों में करीब 7 प्रतिशत की जोरदार तेजी आई। यह तेजी उसके उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजों के बाद आई। SBI ने वित्त वर्ष 2026 के लिए ग्रोथ गाइडेंस को भी बढ़ाकर 13–15 प्रतिशत कर दी। इसका असर पूरे पीएसयू बैंकिंग सेक्टर पर देखने को मिला। मेटल शेयरों में भी मजबूती रही और निफ्टी मेटल इंडेक्स 1.6 प्रतिशत चढ़ा।

खेमका ने यह भी कहा कि ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 1 प्रतिशत की गिरावट से ऑयल से जुड़े सेक्टरों को राहत मिली। उनके मुताबिक, बाजार में फिलहाल धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ने की संभावना बनी हुई है। आने वाले दिनों में शेयर-विशेष गतिविधियां ज्यादा देखने को मिल सकती हैं, क्योंकि तीसरी तिमाही के नतीजों का सीजन अंतिम चरण में पहुंच रहा है और इस सप्ताह कई कंपनियां अपने नतीजे घोषित करने वाली हैं।

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