अमेरिका बार-बार ईरान का सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दे रहा है. इस बीच इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू वाशिंगटन दौरे की तैयारी कर रहे हैं, जिस वजह से अमेरिका-ईरान वार्ता की दिशा और सैन्य तनाव को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं. इजरायल के रक्षा अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि तेहरान का बढ़ता बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम हमारे अस्तित्व के लिए खतरा पैदा कर सकता है. इजरायल ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी दी है कि अगर ईरान उसके तय किए गए बैलिस्टिक मिसाइल रेड लाइन को क्रॉस करता है तो वह अमेरिका के बिना भी अकेले तेहरान पर सैन्य कार्रवाई कर सकता है.
फ्रीडम ऑफ एक्शन सुरक्षित रखेगा इजरायल
येरुशलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल ने कहा कि फिलहाल ईरान उस सीमा तक नहीं पहुंचा है, लेकिन उसके अधिकारी तेहरान की गितिविधियों पर कड़ी नजर रखे हुए हैं. इजरायल ने दो टूक कहा है कि वह अपना फ्रीडम ऑफ एक्शन सुरक्षित रखेगा और किसी भी हालत में ईरान को ऐसे हथियारों को दोबारा की इजाजत नहीं देगा, जो इजरायल और उसके पड़ोसी देशों के लिए खतरा बन सकता है.
ईरान पर सीमित कार्रवाई कर सकते हैं ट्रंप: इजरायल
कई इजरायली रक्षा अधिकारियों ने चिंता व्यक्त की है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सीमित सैन्य कार्रवाई का विकल्प चुन सकते हैं, जैसा यमन में हूतियों के खिलाफ किया था, लेकिन इससे ईरान की मुख्य मिसाइल क्षमताएं बरकरार रहेंगी. एक अन्य अधिकारी ने कहा, ‘चिंता की बात ये है कि अमेरिका कुछ टारगेट को निशाना बनाकर सफलतापूर्वक हमले की घोषणा कर सकता है. इससे ईरान की मुख्य सैन्य क्षमताएं सुरक्षित रह सकती हैं और इसका खामियाजा इजरायल को भुगतना पड़ सकता है.’
इजरायली वायु सेना के भावी कमांडर ब्रिगेडियर जनरल ओमर टिशलर भी बेंजामिन नेतन्याहू के साथ बुधवार (11 फरवरी 2026) को अमेरिका का दौरा कर सकते हैं. जनरल ओमर टिशलर वहां आईडीएफ के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर का प्रतिनिधित्व करेंगे. नेतन्याहू की यह यात्रा पिछले हफ्ते ओमान में शुरू हुई अमेरिका-ईरान वार्ता के बीच हो रही है.
ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइल पर चर्चा से इनकार किया
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बयान के अनुसार, तेहरान वार्ता के दौरान बैलिस्टिक मिसाइलों, क्षेत्रीय प्रॉक्सी ग्रुप या आंतरिक दमन पर चर्चा करने से इनकार कर दिया है. तेहरान ने अपने परमाणु प्रोजेक्ट को बंद करने या परमाणु विस्फोट करने की क्षमता को स्थायी रूप से छोड़ने की मांगों को खारिज कर दिया है. वहीं अमेरिका से बढ़ते तनाव और बातचीत के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने ईरानियों से खास अपील की.
खामेनेई की ईरान की जनता से अपील
सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित संबोधन में, खामेनेई ने कहा कि राष्ट्रीय शक्ति मिसाइलों और विमानों जैसे मिलिट्री हार्डवेयर के बजाय दृढ़ संकल्प और मुंह तोड़ जवाब देने पर ज्यादा निर्भर करती है. उनकी यह टिप्पणी तब आई है जब ईरान इस्लामिक क्रांति की जीत का जश्न मनाने के लिए बुधवार को देश भर में रैलियां आयोजित करने की तैयारी कर रहा है. खामेनेई ने कहा, ‘जब तक दुश्मन निराश नहीं होता, एक राष्ट्र उत्पीड़न का शिकार होता है. सिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने ईरानी सुप्रीम लीडर के हवाले से बताया कि दुश्मन को निराश होना ही होगा.’
Read More at www.abplive.com