
शबाना महमूद।
एपस्टीन फाइल्स के सामने आने के बाद दुनिया भर में लगातार इस्तीफे हो रहे हैं। पूरी दुनिया में इसे लेकर खलबली मची हुई है। वहीं अब एपस्टीन फाइल्स का मामला ब्रिटेन के पीएम की कुर्सी तक पहुंच गई है। हालांकि ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर ने वैसे तो जेफरी एपस्टीन से कभी मुलाकात नहीं की, लेकिन उसके कई वैश्विक नेताओं एवं शख्सियतों से संबंधों का खुलासा होने के बाद अब इसकी आंच ब्रिटिश प्रधानमंत्री तक भी पहुंच रही है और उनकी कुर्सी खतरे में बताई जा रही है। एपस्टीन के साथ मित्रता के कारण ब्रिटेन के शाही परिवार के सदस्य पूर्व प्रिंस एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर पहले ही सवालों के घेरे में आ गए हैं और वाशिंगटन में ब्रिटेन के राजदूत पीटर मैंडेलसन को पद से हटना पड़ा, जिन्हें एपस्टीन से उनके संबंधों के कारण स्टार्मर ने बर्खास्त कर दिया था।
खतरे में कीर स्टार्मर की कुर्सी
ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर को अपनी सत्तारूढ़ लेबर पार्टी के भीतर से ही दबाव का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उन्होंने 2024 में एपस्टीन से संबंधों के बावजूद अनुभवी लेबर नेता मैंडेलसन को वाशिंगटन में नियुक्त किया था। ये संबंध कितने घनिष्ठ थे उसका खुलासा हाल में जारी दस्तावेजों से हुआ है, जो ब्रिटेन में सुर्खियां बन चुकी हैं। स्टार्मर ने गुरुवार को एपस्टीन के पीड़ितों से माफी मांगते हुए कहा कि मैंडेलसन ने बार-बार झूठ बोला और ”एपस्टीन को ऐसे व्यक्ति के रूप में चित्रित किया जिसे वह ना के बराबर जानते थे।” हालांकि अब इन सारे विवादों के बीच ब्रिटेन के पीएम की कुर्सी खतरे में है। कीर स्टार्मर की जगह सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली शबाना महमूद का नाम अब ब्रिटेन की पीएम पद के लिए सबसे आगे चल रहा है।
कौन हैं शबाना महमूद?
शबाना महमूद वर्तमान में कीर स्टार्मर की पार्टी में ही उनकी प्रमुख सहयोगी हैं। वह 45 वर्षीय वकील और राजनेता हैं। पार्टी के भीतर, उन्हें एक प्रेरक वक्ता और लेबर पार्टी के दक्षिणपंथी पक्ष में तैनात एक महत्वाकांक्षी संचालक के रूप में पहचाना जाता है। शबाना महमूद का जन्म बर्मिंघम में जुबैदा और महमूद अहमद के घर हुआ था, जिनकी जड़ें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के मीरपुर शहर में थीं। 2025 में गृह विभाग के कार्यालय में प्रवेश के बाद से, उन्हें यूके की सीमा सुरक्षा के प्रबंधन का उच्च-स्तरीय कार्यभार सौंपा गया है। बता दें कि शबाना ने 2002 में लिंकन कॉलेज, ऑक्सफोर्ड से कानून की डिग्री प्राप्त की और अगले साल बैरिस्टर बनने के लिए इन्स ऑफ कोर्ट स्कूल ऑफ लॉ से बार वोकेशनल कोर्स पूरा किया। साल 2010 में, वह रुशनारा अली और यास्मीन क़ुरैशी के साथ पहली महिला मुस्लिम सांसदों में से एक बनी थीं।
शबाना महमूद के अलावा रेस में और कौन-कौन हैं?
ब्रिटेन के पीएम पद की बात करें तो कीर स्टार्मर के बाद इसके लिए कई दावेदार रेस में हैं। शबाना महमूद के अलावा और ऐसे कई लोग इस रेस में हैं, जो पीएम पद के दावेदार माने जा रहे हैं-
पूर्व डिप्टी पीएम एंजेला रेनर को इस रेस में दावेदार माना जा रहा है। वह एक घर की खरीद के संबंध में कर जांच पर सितंबर में उनके इस्तीफे के बावजूद, वह “वामपंथियों की प्रिय” बनी हुई हैं। एपस्टीन फाइलों से दागी मैंडेलसन की नियुक्ति पर यू-टर्न लेने के लिए स्टार्मर की सरकार को मजबूर करने में इन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके अलावा स्वास्थ्य सचिव वेस स्ट्रीटिंग भी इस रेस में हैं उन्हें महत्वाकांक्षी मीडिया कलाकार माना जाता है। हालांकि, एक दागी मैंडेल्सन के साथ उनके घनिष्ठ संबंध और राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) में निजी क्षेत्र की भागीदारी का उनका बचाव। पार्टी के वामपंथ में उनके समर्थन में बाधा उत्पन्न की है। वहीं ऊर्जा सचिव और लेबर पार्टी के पूर्व नेता एड मिलिबैंड के अलावा ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर एंडी बर्नहैम को भी इस रेस में प्रमुख दावेदार माना जा रहा है।
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