
टाटा स्टील के मैनेजिंग डायरेक्टर टीवी नरेंद्रन का कहना है कि सांठगांठ से स्टील की कीमतें बढ़ाने के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। इस मामले की कंपीटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) जांच कर रही है। नरेंद्र ने कहा कि कंपनी CCI की जांच का जवाब तब देगी, जब उसे पूरे दस्तावेज मिल जाएंगे। 9 फरवरी को Moneycontrol को दिए इंटरव्यू में उन्होंने साफ किया कि घरेलू स्टील कीमतें किसी आपसी साठगांठ से नहीं, बल्कि वैश्विक कीमतों और इनपुट कॉस्ट से तय होती हैं।
नरेंद्रन ने कहा, ‘डायरेक्टर जनरल (DG) ने जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंप दी है और CCI की एक तय प्रक्रिया होती है। जैसे ही हमें सभी दस्तावेज मिलेंगे, हम आरोपों पर जवाब देंगे।’ उन्होंने स्टील कीमतों में कार्टेलाइजेशन यानी मिलीभगत से दाम बढ़ाने के आरोपों को खारिज किया।
Reuters रिपोर्ट में क्या कहा गया
इससे पहले Reuters की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि Tata Steel और JSW Steel समेत 28 स्टील कंपनियों के खिलाफ शुरू की गई एंटी ट्रस्ट जांच में कीमतों को लेकर नियमों के उल्लंघन के संकेत मिले हैं।
उस रिपोर्ट के मुताबिक, CCI ने 2015 से 2023 के अलग-अलग समय में कीमतों की साठगांठ से जुड़े मामलों में 56 शीर्ष अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। इनमें JSW के मैनेजिंग डायरेक्टर Sajjan Jindal, Tata Steel के CEO नरेंद्रन और Steel Authority of India Limited (SAIL) के चार पूर्व चेयरपर्सन शामिल बताए गए हैं।
Tata Steel का पक्ष क्या है
नरेंद्रन ने कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हम सभी का नाम इसमें आया है, लेकिन हम पूरी प्रक्रिया का पालन करेंगे। हमारी मुख्य दलील यही है कि स्टील की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ी होती हैं। यह इस पर निर्भर नहीं करता कि Tata Steel अकेले क्या फैसला करती है।’
उन्होंने यह भी कहा कि स्टील बाजार काफी पारदर्शी है। रोजाना अलग-अलग बेंचमार्क पर कीमतें प्रकाशित होती हैं, जैसे कि मंडी गोबिंदगढ़ और रायपुर के रेट। उन्होंने कहा, ‘यह सैकड़ों खिलाड़ियों वाला बाजार है। कीमतें कैसे ऊपर-नीचे होती हैं, इसे सही तरीके से समझने की जरूरत है’।
जांच क्यों शुरू हुई थी
CCI की यह जांच 2021 में शुरू हुई थी। कोविड के बाद मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर, खासकर ऑटो इंडस्ट्री, से मांग बढ़ी और स्टील कीमतों में तेज उछाल आया था। इसी दौरान कार्टेलाइजेशन के आरोप सामने आए।
जांच उस वक्त तेज हुई, जब कई रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशनों ने सरकार से शिकायत की कि स्टील और सीमेंट की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। उनका कहना था कि इससे निर्माण लागत 10 से 20 फीसदी तक बढ़ गई है।
Reuters के अनुसार, 2022 में जांच के तहत कुछ छोटी स्टील कंपनियों पर छापे भी पड़े थे। बाद में CCI ने जांच का दायरा बढ़ाकर शुरुआती नौ कंपनियों से 31 कंपनियों और इंडस्ट्री ग्रुप्स तक कर दिया।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
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