Donald Trump Save America Act: अमेरिका की ट्रंप सरकार घुसपैठियों यानी अवैध प्रवासियों के खिलाफ एक अभियान शरू करने जा रही है। राष्ट्रपति ट्रंप ‘सेव अमेरिका एक्ट’ लेकर आए हैं, जिसके तहत अमेरिका में वोटर कार्ड अनिवार्य होगा। ऐसे में अब तक ड्राइविंग लाइसेंस या क्रेडिट कार्ड दिखाकर वोट करने वाले एक्ट लागू होने के बाद वोटर कार्ड के नियमों में बंध जाएंगे और एक्ट लागू होने के बाद जो भी चुनाव होगा, उसमें वोटर कार्ड दिखाकर की मतदान करने दिया जाएगा।
नागरिकता का प्रमाण माने जाएंगे वोटर कार्ड
बता दें कि सेव अमेरिका एक्ट लागू होने के बाद वोटर कार्ड अनिवार्य होगा, जो भारत की तरह अमेरिका की नागरिकता का प्रमाण होगा. इसके अलावा वोट डालते समय अब अमेरिकी नागरिकता का पुख्ता सबूत देना होगा, जैसे पासपोर्ट, बर्थ सर्टिफिकेट या नेशनल सिक्योरिटी नंबर दिखाना होगा। अभी तक ड्राइविंग लाइसेंस, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, यूटिलिटी बिल दिखाकर वोट डालने जा रहे थे, जिसकी आड़ में अवैध अप्रवासी भी वोट कर देते थे, लेकिन एक्ट लागू होने के बाद ऐसा नहीं होगा।
बता दें कि सेव अमेरिका एक्ट लागू होने के बाद मेल-इन बैलट पर पाबंदी लग जाएगी और पोस्टल बैलेट केवल बीमार होने, विकलांगता, सैन्यकर्मी या यात्रा के विशेष मामलों में ही मान्य होंगे.
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव हों या स्थानीय चुनाव मतदान प्रक्रिया हमेशा से चर्चा का विषय रही है। भारत में जहां वोटर आईडी कार्ड मतदान के लिए अनिवार्य है। वहीं अमेरिका में भी आमतौर पर वोटर्स के लिए वोटर कार्ड लाना जरूरी होता है लेकिन कुछ राज्य ऐसे हैं जहां बगैर वोटर कार्ड या जरूरी दस्तावेज के भी वोटर वोट डाले जा सकते हैं। चलिए इसके बारे में हम आपको बताते हैं।
अमेरिका में वोटर कार्ड की अनिवार्यता
वोटर आईडी की अनिवार्यता को लेकर अमेरिका में लंबे समय से बहस चल रही है। इसी बीच शनिवार को ट्रंप ने ट्रुथ सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि प्रत्येक मतदाता के पास मतदाता पहचान पत्र होना चाहिए। कोई अपवाद नहीं। मैं इस संबंध में कार्यकारी आदेश जारी करूंगा। उन्होंने आगे कहा कि इसके अलावा, डाक द्वारा मतदान की अनुमति नहीं होगी, सिवाय उन लोगों के जो बहुत बीमार हैं व दूर स्थित सैन्य बलों के लिए
अमेरिका में अभी कैसे होते हैं मतदान
अमेरिका में वोटिंग को लेकर कोई एक जैसे नियम नहीं हैं। जिस तरह भारत में राज्य और केंद्र के मतदान को कराने की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की होती है लेकिन अमेरिका में सभी राज्यों की अपनी अपनी एजेंसियां अपने हिसाब से चुनाव कराती हैं। यहां पूरे देश का कोई एक चुनाव आयोग नहीं है। यहां हर राज्य के अपने अलग नियम कानून हैं।
वोट देने के लिए वोटर आईडी की जरूरत नहीं
एक तरफ जहां भारत में वोट डालने के लिए वोटर आईडी कार्ड बेहद जरूरी होता है तो वहीं अमेरिका के कई ऐसे राज्य हैं जहां नागरिकों को वोट डालने के लिए कोई भी पहचान पत्र यहां तक कि ड्राइविंग लाइसेंस भी पहचान के रूप में पोलिंग बूथ में दिखाया जा सकता है। जबकि कुछ राज्यों में पहचान पत्र दिखाने की भी जरूरत नहीं वहां वोटर के हस्ताक्षर से ही काम चल जाएगा। यानि नागरिक सिर्फ हस्ताक्षर करके वोट डाल देते हैं बाद में वहां की सरकार वेरिफिकेशन कर लेती है। यहां 15 राज्यों में बिना फोटो आईडी के भी मतदान की अनुमति है। खासकर उन मतदाताओं के लिए जो पहली बार वोट डाल रहे हैं। इन राज्यों में मतदाता केवल अपने नाम और पते की पुष्टि करके वोट डाल सकते हैं।
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