बदला पूरा हुआ! गाजा में इजरायल का तगड़ा हमला, हमास के दो बड़े कमांडर ढेर

IDF Operation: इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने गाजा पट्टी में हमास के खिलाफ जारी अभियान के तहत एक अहम सफलता हासिल करने का दावा किया है. इजरायली सेना और आंतरिक सुरक्षा एजेंसी शिन बेट (ISA) ने संयुक्त ऑपरेशन में हमास की ऑपरेटिंग सेल के प्रमुख मुहम्मद इस्सम हसन अल-हबील को मार गिराया है. इजरायल के मुताबिक, अल-हबील वही आतंकी था, जो IDF की सर्विलांस सैनिक कॉर्पोरल नोआ मार्सियानो की हत्या में शामिल था.

IDF का कहना है कि यह कार्रवाई हमास की ओर से युद्धविराम के उल्लंघन के बाद की गई. सेना के अनुसार, अल-हबील 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हुए हमास के हमले के प्रमुख साजिशकर्ताओं में शामिल था. उसी हमले के दौरान नोआ मार्सियानो को नहल ओज सैन्य चौकी से अगवा किया गया था और बाद में उसकी मौत की पुष्टि हुई थी, जिससे पूरे इजरायल में गहरा आक्रोश फैल गया था.

दो हमास कमांडरों को किया ढेर

इजरायली सेना के मुताबिक, 4 फरवरी को गाजा सिटी के शाती शरणार्थी शिविर में हवाई हमला किया गया, जिसमें अल-हबील मारा गया और इस्लामिक जिहाद के अली राजियाना को भी ढेर कर दिया गया. राजियाना उत्तरी गाजा ब्रिगेड में इस्लामिक जिहाद का मुख्य कमांडर था. IDF के अनुसार, अल-हबील उस समय सेना के रडार पर आया जब एक इजरायली रिजर्व अधिकारी पर गोलीबारी की गई, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हुआ था.

इजरायली सेना ने सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा है कि इस ऑपरेशन से नोआ मार्सियानो के परिवार को न्याय मिला है. साथ ही यह भी कहा गया कि नागरिकों और सैनिकों के खिलाफ हिंसा करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा.

कौन थी नोआ मार्सियानो?

IDF का दावा है कि अल-हबील ने गाजा के शिफा अस्पताल में कैद के दौरान नोआ मार्सियानो की हत्या में भूमिका निभाई थी. नोआ के परिवार के मुताबिक, एक डॉक्टर ने कथित तौर पर उसकी नसों में हवा इंजेक्ट कर उसकी जान ली थी. नोआ मार्सियानो 19 साल की IDF ऑब्जर्वर थीं और 7 अक्टूबर के हमले के दौरान अगवा की गई कई महिलाओं में से एक थीं. हालांकि बाद में पकड़ी गई अन्य महिलाओं को जिंदा वापस लाया गया, लेकिन नोआ जीवित नहीं लौट सकीं.

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