Hexaware Tech Share Price: 10% टूटा शेयर, कमजोर कारोबारी नतीजे और इस तिमाही के आउटलुक ने बनाया दबाव – hexaware share price slip over 10 percent after weak results company says growth to pick up after q1 2026

Hexaware Tech Share Price: पिछले साल फरवरी में लिस्ट हुई हेग्जावेयर टेक के शेयरों ने आज निवेशकों को करारा झटका दिया है। वैसे बता दें कि जब इसका आईपीओ आया था तो इसमें खुदरा निवेशकों को दिलचस्पी खास नहीं दिखी थी और उनके लिए आरक्षित हिस्सा आधे से भी कम भरा था यानी कि सभी को शेयर मिल गए। अब आज की बात करें तो कमजोर कारोबारी नतीजे पर इसके शेयर 10% से अधिक टूट गए। निचले स्तर पर खरीदारी के बावजूद शेयर संभल नहीं पाए और फिलहाल बीएसई पर यह 7.69% की गिरावट के साथ ₹637.25 पर है। इंट्रा-डे में यह 10.04% टूटकर ₹621.00 तक आ गया था।

Hexaware Tech की ऐसी है कारोबारी सेहत

दिसंबर 2025 तिमाही में हेग्जावेयर टेक का डॉलर रेवेन्यू तिमाही आधार पर 1.5% गिरकर $38.9 करोड़ और रुपये के टर्म में रेवेन्यू 0.2% गिरकर ₹3,478.2 करोड़ पर आ गया। हेग्जावेयर के मैनेजमेंट का मानना है कि मांग का माहौल सुधर रहा है और डिसीजन-मेकिंग बेहतर हुई है। कंपनी के मैनेजमेंट ने कहा कि दिसंबर तिमाही में जिस भी डील के हासिल करने की उम्मीद थी, वह सब मिल गई लेकिन सिर्फ एक बड़ी कंसालिडेशन डील नहीं मिल पाई जिस पर अभी काम चल रहा है। पिछले साल 2025 (CY2025) में कंपनी का रेवेन्यू डॉलर के टर्म में 7.6% बढ़कर $1,53.74 करोड़ पर पहुंच गया। कॉन्स्टैंट करेंसी टर्म में ग्रोथ 7.1% रही। ऑपरेटिंग लेवल पर बात करें तो ऑपरेटिंग मार्जिन 15.9% से 17.1% पर पहुंच गया तो शुद्ध मुनाफा ₹1,174 से ₹1,368.3 करोड़ पर पहुंच गया।

आगे की बात करें तो कंपनी को उम्मीद है कि इस साल 2026 में पिछले साल 2025 में 7.6% से अच्छी रेवेन्यू ग्रोथ रहेगी। कंपनी ने इस साल ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन के 13-14% रहने का अनुमान लगाया है। कंपनी का मानना है कि इस साल 2026 की पहली तिमाबी में ईबीआईटी सीजनल फैक्टर्स और रीबैजिंग डील को लेकर तिमाही आधार पर कम रह सकती है। हालांकि इस साल की दूसरी छमाही में कंपनी ने बेहतर परफॉरमेंस की उम्मीद जताई है।

हेग्जावेयर का कहना है कि इस साल 2026 में हेल्थकेयर और इंश्योरेंस के दम पर कंपनी की ग्रोथ अच्छी रहेगी। इसके बाद फाइनेंशियल सर्विसेज और जीटीटी से सबसे अधिक सपोर्ट मिलेगा। एंप्लॉयीज की बात करें तो पिछले साल के आखिरी में कंपनी के कुल 33,844 एंप्लॉयीज रहे जिसमें 1535 की नेट बढ़ोतरी रही। एआई को लेकर कंपनी के सीईओ आऱ श्रीकृष्ण का कहना है कि इसकी क्षमताओं में तेजी से हो रहे सुधार को देखते हुए सबसे अहम रणनीति स्पीड और एजिलिटी यानी तेजी और फुर्ती है। कंपनी हर महीने एआई से जुड़ी एक नई सर्विस लाने और फिर इसके लॉन्च होने के 90 दिनों के भीतर इसे अपने अधिकतर ग्राहकों तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

अब तक कैसी रही शेयरों की चाल?

हेग्जावेयर टेक के शेयर पिछले साल 7 अप्रैल 2025 को ₹592.95 पर थे जो इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से यह तीन ही महीने में 51.81% उछलकर 9 जुलाई 2025 को ₹900.15 पर पहुंच गया जो इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड हाई लेवल है। इसके शेयरों की पिछले साल 19 फरवरी को घरेलू स्टॉक मार्केट में एंट्री हुई थी। ₹8750 करोड़ के आईपीओ के तहत निवेशकों को यह ₹708 के भाव पर जारी हुआ था। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का था। इसके आईपीओ को निवेशकों का खास रिस्पांस नहीं मिला था और खुदरा निवेशकों और एंप्लॉयीज का हिस्सा तो आधे से भी कम भर पाया था।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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