Festival List 2026: पति की लंबी आयु के लिए होते हैं 5 खास व्रत, 2026 में कब-कब, नोट करें डेट

Hindu Festival Vrat Tyohar 2026: पौराणिक काल से ही अखंड सौभाग्य पाने के लिए सुहागिनें व्रत, पूजा, धार्मिक अनुष्ठान करती आ रही हैं ताकि दांपत्य जीवन सुखमय बना रहे.पति की लंबी आयु के लिए सुहागिनें सालभर में कई महत्वपूर्ण व्रत रखती हैं. हिंदू मान्यता है कि आस्था से जुड़े इन व्रत को करने पर महिलाएं अपने पति को बड़ी से बड़ी विपत्ति से बाहर निकाल सकती हैं. इन खास व्रतों में करवा चौथ, वट सावित्री व्रत के अलावा कौन-कौन से व्रत हैं आइए जानते हैं.

वट सावित्री अमावस्या – 16 मई 2026

वट सावित्री पूर्णिमा – 29 जून 2026

वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ अमावस्या पर मनाया जाता है, जिस दिन शनि जयन्ती भी होती है. अमान्त कैलेण्डर में वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ पूर्णिमा पर मनाया जाता है. वट सावित्री व्रत को वट पूर्णिमा व्रत भी कहा जाता है.

हरतालिका तीज – 14 सितंबर 2026

भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष तृतीया को मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की रेत के द्वारा बनाई गई अस्थाई मूर्तियों को पूजती हैं और सुखी वैवाहिक जीवन तथा संतान की प्राप्ति के लिए प्रार्थना करती हैं.

हरियाली तीज – 15 अगस्त 2026

श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर हरियाली तीज का व्रत रखती हैं.मान्यता है कि इस दिन 16 श्रृंगार करके जब महिलाएं शिव-पार्वती की विधि-विधान से पूजा करती हैं तो उन्हें अखंड सौभाग्य का वरदान प्राप्त होता है. इस व्रत को कुंआरी कन्याएं मनचाहा वर पाने के लिए भी रखती हैं.

करवा चौथ – 29 अक्टूबर 2026

करवा चौथ हिंदू धर्म में करवा माता, शिव-पार्वती, भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय की पूजा से जुड़े इस व्रत को हर साल कार्तिक महीने के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि को किया जाता है. हिंदू मान्यता के अनुसार करवा माता के आशीर्वाद से महिलाओं को अखंड सौभाग्य का वरदान प्राप्त होता है. महिलाएं इस दिन निर्जल व्रत रखते हुए शाम को चंद्र देवता की पूजा करने के बाद ही अपना व्रत खोलती हैं.

Falgun Amavasya 2026: फाल्गुन अमावस्या कब ? नोट करें डेट, इसी दिन लगेगा सूर्य ग्रहण

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

Read More at www.abplive.com