Solar Storm: 24 घंटे में सूरज से उठे 27 सौर तूफान, धरती को कितना खतरा, क्यों बढ़ी टेंशन

सूर्य पर बना एक बहुत बड़ा और खतरनाक सनस्पॉट इन दिनों वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा रहा है. इस सनस्पॉट को रीजन 4366 नाम दिया गया है. बीते दो दिनों में इसने कई तेज सौर ज्वालाएं छोड़ी हैं, जिनमें हाल के वर्षों की सबसे शक्तिशाली ज्वालाएं भी शामिल हैं. अमेरिकी एजेंसी NOAA के स्पेस वेदर प्रेडिक्शन सेंटर के अनुसार, 5 फरवरी को धरती पर भू-चुंबकीय गतिविधि बढ़ सकती है. इसके कारण सामान्य इलाकों में भी नॉर्दर्न लाइट्स यानी ऑरोरा दिखाई दे सकते हैं, हालांकि इसकी पूरी पुष्टि अभी नहीं हुई है.

रीजन 4366 कुछ ही दिनों पहले अचानक सूर्य की सतह पर उभरा और बहुत तेजी से फैल गया. इसका आकार करीब 1859 के ऐतिहासिक कैरिंगटन इवेंट वाले सनस्पॉट के आधे के बराबर बताया जा रहा है. उस समय आए तूफान ने धरती पर भारी असर डाला था. तेजी से बढ़ने की वजह से यह सनस्पॉट बेहद अस्थिर हो गया है. बीते 24 घंटों में ही इससे 20 से ज्यादा सौर ज्वालाएं निकली हैं, जिनमें कई M-क्लास और X-क्लास की ज्वालाएं शामिल हैं. X-क्लास ज्वालाएं सबसे ज्यादा ताकतवर मानी जाती हैं.

दो सालों में सबसे बड़ा सौर विस्फोट

रविवार को करीब शाम 6:57 बजे इस सनस्पॉट से X8.1 श्रेणी की सौर ज्वाला निकली. यह अक्टूबर 2024 के बाद अब तक की सबसे तेज़ ज्वाला मानी जा रही है. इसके बाद दक्षिण प्रशांत इलाके में रेडियो संचार में रुकावट दर्ज की गई. इस विस्फोट के साथ सूर्य से गैस और कणों का एक बड़ा बादल भी निकला, जिसे कोरोनल मास इजेक्शन (CME) कहा जाता है. वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर यह CME धरती के पास से गुज़रा तो धरती के चुंबकीय क्षेत्र में हलचल हो सकती है. इससे आकाश में रंग-बिरंगे ऑरोरा दिख सकते हैं. हालांकि साथ ही रेडियो, GPS और सैटेलाइट सिस्टम में परेशानी भी आ सकती है. नासा के अनुसार सूर्य इस समय अपने 11 साल के सक्रिय चक्र के सबसे तेज़ दौर में है, जो 2026 तक जारी रह सकता है. आने वाले समय में ऐसे और सौर तूफान देखने को मिल सकते हैं.

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