Stock Market Astrology 2026: क्या फरवरी में ग्रहों की चाल बनाएगी आपको मालामाल? जानिए बजट के बाद बाजार की चाल

Stock Market: आधुनिक दौर में शेयर बाजार को केवल गणितीय गणनाओं, चार्ट्स और ग्लोबल न्यूज का खेल माना जाता है. लेकिन, भारतीय ज्योतिष विज्ञान (Astrology) के अनुसार, ब्रह्मांड में घूमने वाले ग्रहों की रश्मियां मानव मस्तिष्क और उसकी निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित करती हैं. जब करोड़ों निवेशकों की निर्णय क्षमता एक साथ प्रभावित होती है, तो बाजार में ‘तेजी’ या ‘मंदी’ का जन्म होता है.

फरवरी 2026 का महीना निवेश की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होने जा रहा है. बजट 2026 के तुरंत बाद बाजार जिस मोड़ पर खड़ा है, वहां से आगे का रास्ता ग्रहों की चाल तय करेगी. यहां जानेंगे कि शनि, मंगल, गुरु और राहु जैसे बड़े ग्रह आपके पोर्टफोलियो पर क्या प्रभाव डालने वाले हैं.

फरवरी 2026 में ग्रहों का प्रभाव

ज्योतिष शास्त्र में गुरु (Jupiter) को विस्तार और धन का कारक माना जाता है, जबकि शनि (Saturn) को स्थिरता और मंदी का. बुध (Mercury) व्यापार और संचार का प्रतिनिधित्व करता है और मंगल (Mars) बाजार में आने वाली अचानक तेजी या गिरावट (Aggression) का कारक है. 1 फरवरी को गुरु की स्थिति निवेशकों के बीच विश्वास पैदा करती है. जब गुरु मजबूत होता है, तो लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट (Long-term Investment) में वृद्धि होती है और ब्लू-चिप कंपनियों के प्रति आकर्षण बढ़ता है.

शनि का मीन राशि में गोचर

वर्ष 2026 में शनि देव मीन राशि में विराजमान हैं. शनि एक धीमा ग्रह है और मीन एक जल तत्व की राशि है. यह स्थिति दर्शाती है कि बाजार में सुधार तो होगा, लेकिन उसकी गति धीमी रहेगी. यह समय ‘सट्टेबाजी’ के बजाय ‘मूल्य निवेश’ (Value Investing) का है.

मंगल और शुक्र का गोचर

मंगल फिलहाल मकर राशि में हैं, जो उच्च की स्थिति है, लेकिन 23 फरवरी को जब यह कुंभ में प्रवेश करेंगे, तो बाजार में ‘वोलाटिलिटी’ (Volatility) चरम पर होगी. वहीं, 6 फरवरी को शुक्र का कुंभ में जाना लग्जरी और लाइफस्टाइल सेक्टर के शेयरों में जान फूंक सकता है.

सप्ताह ज्योतिषीय स्थिति बाजार का संभावित रुख
प्रथम सप्ताह (1-7 फरवरी) बुध, शुक्र  बजट के बाद का सुधार, बड़े शेयरों में लिवाली
द्वितीय सप्ताह (8-14 फरवरी) बुध बैंकिंग और आईटी में स्पष्ट ट्रेंड, उतार-चढ़ाव
तृतीय सप्ताह (15-21 फरवरी) सूर्य-शनि संबंध अंतर्राष्ट्रीय दबाव, मुनाफा वसूली, बिकवाली का डर
चतुर्थ सप्ताह (22-28 फरवरी) मंगल गोचर (23 फरवरी) बाजार में अचानक रिकवरी और नई ऊंचाई की कोशिश

आईटी और सॉफ्टवेयर (IT Sector)

बुध ग्रह 10 फरवरी को उदय हो रहे हैं. बुध बुद्धि और तकनीक का कारक है. इसके उदित होने से आईटी सेक्टर (TCS, Infosys, Wipro आदि) में पिछले कुछ समय से चली आ रही सुस्ती खत्म होगी. विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का रुझान इस सेक्टर में बढ़ सकता है.

बैंकिंग और फाइनेंस (Banking & BFSI)

बजट के प्रभावों और राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण फरवरी के दूसरे सप्ताह में बैंकिंग सेक्टर में अस्थिरता रहेगी. 9 से 13 फरवरी के बीच इस सेक्टर में बड़े उतार-चढ़ाव देखे जा सकते हैं. हालांकि, महीने के अंत में बैंकिंग स्टॉक्स फिर से मजबूती पकड़ेंगे.

फार्मा और हेल्थकेयर (Pharma)

शनि की मीन राशि में स्थिति दवाओं और स्वास्थ्य उपकरणों से जुड़ी कंपनियों के लिए औसत परिणाम देगी. इसमें कोई बड़ी तेजी की उम्मीद मध्य फरवरी तक नहीं है, लेकिन रक्षात्मक निवेश (Defensive Investment) के लिए यह एक सुरक्षित विकल्प बना रहेगा.

मीडिया और ऑटोमोबाइल (Media & Auto)

शुक्र का कुंभ राशि में जाना एंटरटेनमेंट, मीडिया और वाहन निर्माता कंपनियों के लिए शानदार अवसर लेकर आएगा. नई लॉन्चिंग और मांग में वृद्धि के कारण इनके शेयरों में तेजी देखी जा सकती है.

अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां और राजनीतिक प्रभाव

ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास के अनुसार, 15 फरवरी के आसपास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव पैदा कर सकता है. यह समय कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उछाल या वैश्विक बाजारों (Global Markets) में गिरावट का हो सकता है, जिसका सीधा असर भारतीय सूचकांक ‘निफ्टी’ और ‘सेंसेक्स’ पर पड़ेगा. इस दौरान नए निवेशकों को ‘लंपसम’ (एकमुश्त) निवेश से बचना चाहिए.

निवेशकों के लिए सफलता के 5 ज्योतिषीय सूत्र

  • कुंडली का मिलान: अपनी जन्म कुंडली में ‘धन भाव’ (दूसरा घर) और ‘लाभ भाव’ (ग्यारहवां घर) की स्थिति देखें. यदि वर्तमान में राहु या शनि की खराब दशा चल रही है, तो फरवरी के मध्य में निवेश न करें.
  • जल्दबाजी से बचें: 23 फरवरी को मंगल का राशि परिवर्तन अचानक तेजी दिखा सकता है, लेकिन यह ‘ट्रैप’ (Trap) भी हो सकता है. किसी भी ट्रेड में स्टॉप-लॉस जरूर लगाएं.
  • ब्लू-चिप पर भरोसा: गुरु के उदय होने के कारण स्थिर फंड वाली कंपनियों में निवेश करना अधिक सुरक्षित रहेगा.
  • भावनात्मक नियंत्रण: चंद्रमा की स्थिति 9 से 13 फरवरी के बीच मन को विचलित कर सकती है. डर (Panic) में आकर अपने अच्छे शेयर न बेचें.
  • दान-पुण्य: आर्थिक बाधाओं को दूर करने के लिए शनिवार को काले तिल का दान करना और बुधवार को गाय को हरा चारा खिलाना व्यापारियों के लिए शुभ माना जाता है.

फरवरी 2026 का बाजार एक ‘रोलर-कोस्टर राइड’ की तरह है. महीने की शुरुआत सुधार के साथ होगी, मध्य में वैश्विक कारणों से बिकवाली का दबाव आएगा और महीने का अंत एक नई आशा और सुधार के साथ होगा.

एक बुद्धिमान निवेशक वही है जो ज्योतिषीय संकेतों को समझे और उन्हें तकनीकी चार्ट के साथ मिलाकर निर्णय ले. बाजार जोखिमों के अधीन है, लेकिन ग्रहों की सही समझ आपको बड़े नुकसान से बचाकर मुनाफे की दहलीज तक ले जा सकती है.

Disclaimer: यह लेख ज्योतिषीय गणनाओं और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है. शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है. ग्रहों की स्थिति केवल एक संभावना को दर्शाती है. बाजार में हुई किसी भी आर्थिक हानि या लाभ के लिए लेखक या प्रकाशक जिम्मेदार नहीं होंगे. कृपया निवेश से पहले अपने सेबी (SEBI) पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें.

Read More at www.abplive.com