अमेरिकी सांसद लिंडसे ग्राहम एक समय भारत पर 500 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी दे रहे थे. सिर्फ धमकी भर नहीं बल्कि वो एक ऐसा बिल लेकर आए, जिसमें भारत पर 500 फीसदी टैरिफ का प्रावधान था, हालांकि यह बिल पास नहीं हुआ. भारत पर कड़े आर्थिक प्रतिबंधों की धमकी के बाद अब ग्राहम ने अपना रुख बदल लिया है.
भारत-अमेरिका के बीच हुए नए टैरिफ समझौते के बाद ग्राहम ने सोशल मीडिया पर भारत की तारीफ करते हुए कहा कि भारत ने अपने आचरण से इस टैरिफ कटौती को कमाया है. यह बदलाव विशेष रूप से भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद बंद करने की सहमति के बाद आया है.
पुतिन को लेकर क्या बोले लिंडसे ग्राहम
लिंडसे ग्राहम ने भारत के इस कदम को रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्ति की दिशा में एक मास्टरस्ट्रोक बताया. ग्राहम ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप का संदेश स्पष्ट है कि पुतिन के जो ग्राहक उनके युद्ध तंत्र को सहारा दे रहे हैं, उन्हें अब पुनर्विचार करना होगा. उन्होंने ये भी कहा कि पुतिन केवल तभी बातचीत की मेज पर आएंगे, जब आर्थिक दर्द असहनीय होगा. ग्राहम अब दुनिया को भारत का उदाहरण दे रहे हैं.
Well played, President Trump. I think your message about ending this war — by having Putin’s customers who prop up his war machine have to recalculate — is working.
Through their behavior, India has more than earned this reduction. I’m hoping that the other big nations that… https://t.co/V8Im3PHYlB
— Lindsey Graham (@LindseyGrahamSC) February 2, 2026
दुनिया को दिया भारत का उदाहरण
लिंडसे ग्राहम ने लिखा कि बहुत बढ़िया, प्रेसिडेंट ट्रंप. मुझे लगता है कि इस युद्ध को खत्म करने के बारे में आपका मैसेज काम कर रहा है. पुतिन के उन कस्टमर्स को फिर से सोचने पर मजबूर किया जा रहा है जो उनकी युद्ध मशीन को सपोर्ट करते हैं. भारत ने यह टैरिफ कटौती अपने व्यवहार से अर्जित किया है. मुझे उम्मीद है कि रूस से तेल खरीदने वाले दूसरे बड़े देश भी भारत की राह पर चलेंगे. पुतिन तभी बातचीत की टेबल पर आएंगे जब दर्द बहुत ज्यादा होगा.
अमेरिका ने भारतीय सामनों पर टैरिफ 25 से घटाकर 18 फीसदी कर दिया है. ट्रंप ने दावा किया है कि भारत ने रूसी तेल की खरीद बंद करने और इसके बदले अमेरिका व वेनेजुएला से तेल खरीदने का फैसला किया है. ट्रंप ने कहा कि भारत भी अमेरिकी उत्पादों के लिए अपने बाजार खोलेगा और टैरिफ बाधाओं को हटाएगा.
भारत का स्टैंड
जानकारी के लिए बता दें कि भारत ने आधिकारिक तौर पर रूसी तेल की खरीद बंद करने का जिक्र नहीं किया है. भारत का कहना है कि वो अपनी जरूरतों के मुताबिक अपनी ऊर्जा जरूरतों का ध्यान रखेगा.
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