Gold Silver Price: निचले स्तर से ₹12000 उछला सोना, चांदी पर दबाव बरकरार; एक्सपर्ट से जानिए आगे की रणनीति – gold silver price gold jumps 12000 rupees from lower circuit silver under pressure experts explain strategy ahead

Gold Silver Price: घरेलू फ्यूचर्स बाजार में सोमवार (2 फरवरी) को सोने ने जोरदार वापसी दिखाई। दिन की शुरुआत में तेज गिरावट के बाद सोना लोअर सर्किट तक पहुंच गया था। लेकिन कुछ ही समय में इसमें तेज रिकवरी देखने को मिली। हालांकि, चांदी पर दबाव तीसरे दिन भी बना रहा और कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव जारी रहा।

बाजार के जानकारों का कहना है कि ये तेज मूवमेंट महीनों की लगातार तेजी के बाद आया जरूरी करेक्शन है, न कि लंबे बुलिश ट्रेंड के खत्म होने का संकेत।

गोल्ड की लोअर सर्किट से वापसी

MCX पर अप्रैल गोल्ड फ्यूचर्स की शुरुआत कमजोर रही। शुरुआती कारोबार में कीमतें 10,688 रुपये यानी करीब 7.2 प्रतिशत टूटकर 1.37 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के इंट्राडे लो तक पहुंच गईं। इस दौरान कॉन्ट्रैक्ट ने एक्सचेंज का लोअर सर्किट भी छू लिया।

हालांकि यह बिकवाली ज्यादा देर तक नहीं टिकी। निचले स्तरों पर खरीदार सक्रिय हुए और सोने ने अपनी पूरी गिरावट की भरपाई कर ली। शाम के कारोबार तक गोल्ड फ्यूचर्स 1800 रुपये यानी करीब 1.33 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,49,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करने लगा। यानी सोना अपने इंट्राडले लो से करीब 12000 रुपये उछल गया।

चांदी को नहीं मिला सपोर्ट

सोने के उलट चांदी को मजबूत सपोर्ट नहीं मिला। MCX सिल्वर फ्यूचर्स शुरुआती कारोबार में 39,847 रुपये यानी करीब 15 प्रतिशत टूटकर 2.25 लाख रुपये प्रति किलो के लोअर सर्किट तक फिसल गए।

बाद में कीमतों में कुछ सुधार जरूर दिखा, लेकिन इसके बावजूद चांदी 3.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2.56 लाख रुपये प्रति किलो पर बनी रही। यह लगातार तीसरा दिन था जब चांदी में तेज गिरावट दर्ज की गई।

ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेत

विदेशी बाजारों में तस्वीर कुछ अलग रही। COMEX पर अप्रैल गोल्ड फ्यूचर्स 0.11 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 4,750.31 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखा। वहीं मार्च सिल्वर फ्यूचर्स 4.24 प्रतिशत उछलकर 81.86 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इससे साफ है कि घरेलू बाजार में उतार-चढ़ाव, अंतरराष्ट्रीय बाजारों के मुकाबले ज्यादा तेज रहा।

एक्सपर्ट ने बताई उतार-चढ़ाव की वजह

सोने-चांदी की कीमतों बाजार में आई इस तेज उठापटक पर कमोडिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि हालिया गिरावट करेक्शन का हिस्सा है, न कि ट्रेंड बदलने का संकेत। LKP Securities में वीपी – रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी और करेंसी) जतीन त्रिवेदी (Jateen Trivedi) के मुताबिक, सोमवार सुबह के सत्र में सोने पर जबरदस्त दबाव देखने को मिला।

उन्होंने कहा, जैसे ही CME गोल्ड 4,500 डॉलर के नीचे फिसला, MCX गोल्ड भी करीब 9,000 रुपये टूटकर 1.38 लाख रुपये से नीचे चला गया। हालांकि यह कमजोरी ज्यादा देर तक टिक नहीं पाई। निचले स्तरों पर मजबूत खरीदारी से गोल्ड ने मजबूत वापसी की।’

त्रिवेदी के मुताबिक, रिकॉर्ड हाई से आई गिरावट, मार्जिन बढ़ोतरी और मुनाफावसूली के चलते बाजार में फिलहाल बेहद ज्यादा वोलैटिलिटी बनी हुई है। तकनीकी नजरिए से देखें तो MCX गोल्ड के लिए 1,35,000 रुपये का स्तर अहम सपोर्ट के तौर पर काम कर रहा है, जबकि ऊपर की तरफ 1,50,000 रुपये के आसपास मजबूत रेजिस्टेंस दिखाई देता है।

‘गोल्ड में तेजी जारी रहने की उम्मीद’

कमोडिटी एक्सपर्ट एनएस रामास्वामी के मुताबिक, हालिया गिरावट सोना और चांदी में आई जरूरत से ज्यादा तेजी के बाद एक नेचुरल ‘शेकआउट’ है।

उनका कहना है कि डॉलर में मजबूती ने कुछ बिकवाली को जरूर ट्रिगर किया, लेकिन सोने का मजबूत बुल केस अब भी बरकरार है। इसे सेंट्रल बैंकों की लगातार खरीदारी, भू-राजनीतिक जोखिम और पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन की मांग का सपोर्ट मिल रहा है।

सेंट्रल बैंक खरीदारी से सोने को सपोर्ट

रामास्वामी के मुताबिक, 2025 की चौथी तिमाही में सेंट्रल बैंकों ने करीब 230 टन सोना खरीदा था। 2026 में यह खरीद 800 टन से ज्यादा रहने की उम्मीद है। यही मजबूत डिमांड सोने की कीमतों को नीचे की तरफ मजबूत सपोर्ट देती है।

उनका मानना है कि मौजूदा उतार-चढ़ाव शांत होने के बाद 2026 में सोना अपने हालिया फ्यूचर्स हाई 5,645 डॉलर से ऊपर भी जा सकता है।

चांदी में करेक्शन ज्यादा गहरा क्यों

रामास्वामी का कहना है कि चांदी में गिरावट सोने के मुकाबले ज्यादा गहरी रही है। इसकी बड़ी वजह मार्जिन जरूरतों में बढ़ोतरी है, जिससे लीवरेज लेकर पोजिशन बनाने वाले ट्रेडर्स को मजबूरी में पोजिशन काटनी पड़ी।

उनके मुताबिक, फिलहाल चांदी 72 से 78 डॉलर के दायरे में घूम सकती है। जब तक कीमतें मजबूती से 80 डॉलर के ऊपर नहीं टिकतीं, तब तक कोई बड़ा ब्रेकआउट मुश्किल है।

गिरावट के बावजूद सोने का ट्रेंड मजबूत

SAMCO Securities के अपूर्व शेठ का कहना है कि तेज उतार-चढ़ाव के बावजूद सोने का लॉन्ग टर्म ट्रेंड अब भी ऊपर की ओर है। जहां कुछ लोग सख्त अमेरिकी मौद्रिक नीति या मुनाफावसूली को गिरावट की वजह बता रहे हैं, वहीं उनका मानना है कि प्राइस एक्शन ज्यादा पॉजिटिव तस्वीर दिखाता है।

शेठ के मुताबिक, सोना अब भी हाईअर हाई और हाईअर लो बना रहा है। अहम ब्रेकआउट लेवल्स बरकरार हैं, जो यह संकेत देता है कि मजबूत निवेशक हर गिरावट पर खरीदारी कर रहे हैं। उनका अनुमान है कि आने वाले महीनों में सोना 1.32 लाख से 1.80 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में कंसोलिडेट कर सकता है।

शेठ का कहना है कि यह रेंज-बाउंड फेज नेगेटिव नहीं, बल्कि हेल्दी माना जाना चाहिए। इससे जरूरत से ज्यादा सट्टेबाजी ठंडी पड़ेगी, जबकि लंबे समय का बुलिश ट्रेंड बना रहेगा।

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