
Hannah Joseph Hospital IPO Listing: हाना जोसेफ हॉस्पिटल के शेयरों की आज BSE SME प्लेटफॉर्म पर डिस्काउंट पर एंट्री हुई यानी कि आईपीओ निवेशकों को झटका लगा। इसके आईपीओ को ओवरऑल 1.54 गुना बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹70 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹65.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि लिस्टिंग पर उनकी पूंजी 7.14% घट गई। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹61.75 (Hannah Joseph Hospital Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 11.79% घाटे में हैं। चूंकि लॉट साइज 2000 शेयरों का था तो इसका मतलब हुआ कि हर लॉट पर आईपीओ निवेशकों के ₹16500 डूबे हैं।
Hannah Joseph Hospital IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
हाना जोसेफ हॉस्पिटल का ₹42 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 22-28 जनवरी तक खुला था। इस आईपीओ को ओवरऑल 1.54 गुना बोली मिली थी। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.08 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.98 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.62 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 60 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹34.98 करोड़ रेडिएशन ऑन्कोलॉजी सेंटर के सेटअप और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
Hannah Joseph Hospital के बारे में
वर्ष 2011 में बनी हाना जोसेफ हॉस्पिटल हेल्थ सर्विसेज ऑफर करती है। इसका फोकस न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, साइकियाट्री और ट्रामा हेल्थकेयर पर है। इसका 150 से अधिक बिस्तरों वाला अस्पताल मदुरै में 2 एकड़ कैंपस में फैला हुआ है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹1.01 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹4.07 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2025 में ₹7.21 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना 18% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹77.90 करोड़ पर पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो पहली छमाही अप्रैल-सितंबर 2025 में कंपनी को ₹5.12 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹42.75 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हो चुका है। सितंबर 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹31.64 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹40.36 करोड़ पड़े थे।
Read More at hindi.moneycontrol.com