US-Iran Tension: ईरान पर हमला नहीं करेगा अमेरिका! खामेनेई की चेतावनी के बाद भी ट्रंप को नहीं आया गुस्सा, बताया टारगेट

ईरान की कड़ी चेतावनी के कुछ घंटों बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें अब भी तेहरान के साथ समझौते की उम्मीद है. बढ़ते तनाव और क्षेत्रीय संघर्ष की आशंकाओं के बीच ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका कूटनीति को प्राथमिकता दे रहा है, हालांकि सभी विकल्प खुले रखे गए हैं.

Fox News की रिपोर्ट के मुताबिक फ्लोरिडा के मार-ए-लागो में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च नेता के बयान पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में इस तरह की बातें स्वाभाविक हैं. ट्रंप ने आगे कहा कि वह ऐसा क्यों नहीं कहेंगे? इस माहौल में तो वह यही कहेंगे.

कूटनीति पर जोर, लेकिन चेतावनी भी बरकरार

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार बातचीत पर ध्यान दे रही है और उनका लक्ष्य ऐसा समझौता करना है, जिससे ईरान के पास परमाणु हथियार न हों. उन्होंने यह भी कहा कि अगर समझौता नहीं होता, तो आगे की स्थिति साफ हो जाएगी. ट्रंप ने उम्मीद जताई कि बातचीत के जरिए कोई स्वीकार्य समाधान निकल सकता है. उनके मुताबिक, ऐसा समझौता संभव है जो परमाणु हथियारों के बिना हो और सभी पक्षों के लिए संतोषजनक हो.

ईरान में विरोध प्रदर्शन और अमेरिकी दबाव

यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान में पिछले कई हफ्तों से विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं. ये प्रदर्शन दिसंबर के अंत में आर्थिक परेशानियों और जीवनयापन की कठिनाइयों के कारण शुरू हुए थे, लेकिन बाद में यह 1979 की क्रांति के बाद सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौती बन गए. इन प्रदर्शनों पर ईरानी सुरक्षाबलों की कड़ी कार्रवाई हुई, जिसमें हजारों लोगों की मौत और गिरफ्तारी की खबरें सामने आईं. इसके बाद अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी नौसैनिक मौजूदगी बढ़ा दी और ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी कि अगर परमाणु समझौते से इनकार किया गया या प्रदर्शनकारियों पर हिंसा जारी रही तो हस्तक्षेप किया जा सकता है.

खामेनेई की चेतावनी से बढ़ा तनाव

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने रविवार (1 फरवरी 2026) को चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने हमला किया तो यह पूरा क्षेत्र युद्ध का रूप ले सकता है. उन्होंने ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों को अमेरिका और इजरायल समर्थित तख्तापलट करार दिया. खामेनेई ने कहा कि ईरानी जनता किसी भी धमकी से डरने वाली नहीं है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि ईरान किसी देश पर हमला करने की पहल नहीं करेगा, लेकिन किसी भी आक्रमण का कड़ा जवाब दिया जाएगा.

बातचीत का रास्ता अब भी साफ नहीं

दोनों देशों की ओर से बातचीत को लेकर मिले-जुले संकेत मिल रहे हैं. ट्रंप ने कहा कि ईरान अमेरिका से गंभीरता से बात कर रहा है. वहीं ईरानी अधिकारियों ने भी संकेत दिए हैं कि बातचीत की संभावनाओं पर चर्चा हो रही है. हालांकि ईरान का कहना है कि वह “निष्पक्ष” बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन अपनी रक्षा क्षमताओं पर किसी तरह की पाबंदी स्वीकार नहीं करेगा.

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