Uttar Pradesh Has Become A Model State In Disaster Relief.

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार बाढ़, भूकंप, सूखा, अग्निकांड, शीतलहर एवं मानव-जीव संघर्ष जैसी आपादाओं (Disaster) से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध और संवेदनशील है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश का राहत आयुक्त कार्यालय आपादा प्रभाव (Disaster Relief) को कम करने तथा पीड़ितों को त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए सभी संभव प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में वित्तीय वर्ष 2025-26 में आपदा राहत निधि के तहत 710.12 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई है। इस धनराशि से विभिन्न प्राकृतिक एवं मानव जनित आपदा पीड़ितों को सहायता प्रदान की गई। इसके साथ ही राज्य में आपदा राहत तंत्र को अधिक प्रभावी बनाने के प्रयास किये गए हैं, जिससे वर्तमान में उत्तर प्रदेश आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक मजबूत मॉडल राज्य के रूप में उभर रहा है।

त्वरित राहत, पुनर्वास एवं बचाव कार्यों को मिली रफ्तार-

 प्रदेश में आपदा (Disaster) न्यूनीकरण, पूर्व तैयारी, प्रभावी राहत वितरण एवं पीड़ितों के पुनर्वास के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में जारी 710.12 करोड़ रुपये में सर्वाधिक 365.73 करोड़ रुपये बाढ़ प्रभावितों के बचाव के लिए जारी किए गए। इसे विशेष रूप से सरयू, गंगा और घाघरा के बाढ़ प्रभावितों के पुनर्वास पर खर्च किया गया। चक्रवात व आंधी-तूफान से होने वाली हानि की क्षतिपूर्ति के लिए 14.13 करोड़, ओलावृष्टि से नुकसान की भरपाई के लिए 0.13 करोड़, अग्निकांड में क्षतिपूर्ति के लिए 14.63 करोड़ रुपये और शीतलहरी से बचाव के लिए 50.72 करोड़ रुपये जारी किये गये।

इसी क्रम में राज्य सरकार द्वारा अन्य आपदाओं (Disaster) के लिए लगभग 246.63 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। सामान्य मद के लिए 0.44 करोड़ व अन्य राहत कार्यों के लिए 17.71 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई। इस राशि को प्रदेश में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत, पुनर्वास एवं बचाव कार्यों को गति प्रदान करने एवं आपदा राहत तंत्र को प्रभावी बनाने में खर्च किया गया। 

बांटे गये 5 लाख 89 हजार से अधिक कंबल-

राहत आयुक्त कार्यालय ने ठंड के मौसम में बचाव के लिए व्यापक प्रबंध किए, जिससे इस वर्ष शीतलहर से होने वाली जनहानि में विशेष रूप से कमी आई। इस क्रम में प्रदेश सरकार की ओर से निराश्रित एवं असहाय व्यक्तियों को कंबल वितरण हेतु 45.51 करोड़ व अलाव जलाने के लिए 3.51 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई। जिसके माध्यम से प्रदेश के सभी जनपदों में 27,027 स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। जहां अब तक 1,69,834 अलाव जलाए जा चुके हैं, जरूरत के हिसाब से ये कार्य अभी भी जारी है। वहीं जिला प्रशासन द्वारा गरीबों और निराश्रितों को 5,89,689 कंबल वितरित किए जा चुके हैं। इसके साथ ही प्रदेश भर में 1,242 रैन बसेरे स्थापित किए गए हैं, जहां अब तक 64 हजार से अधिक व्यक्तियों को रैन बसेरों ने राहत प्रदान की।

ये व्यवस्थाएं शीतलहरी के दौरान निराश्रित और असहाय लोगों की जान बचाने में उल्लेखनीय प्रयास साबित हुईं। प्रदेश सरकार का उद्देश्य है कि हर आपदा प्रभावित व्यक्ति को त्वरित सहायता मिले और जीवन-रक्षा के साथ आर्थिक स्थिरता भी सुनिश्चित हो। इसके लिए राहत आयुक्त कार्यलय की ओर से आपदा प्रहरी एप और 1070 टोल फ्री नंबर का संचालन भी किया जाता है। जो आपदा प्रभावितों को त्वरित सहायता और प्रभावी समन्वय को सुनिश्चित करता है।

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