
MSCI EM index change: MSCI इमर्जिंग मार्केट इंडेक्स में बड़े बदलाव हो सकते हैं। इंडोनेशिया पर डाउनग्रेड का खतरा मंडरा रहा है। वहीं, ग्रीस और दक्षिण कोरिया को अपग्रेड मिल सकता है। MSCI EM इंडेक्स बदलाव से भारत को बिना मांगे फायदा हो सकता है। भारत में पिछले 5 साल से एफआई सेल कर रहे हैं और पिछले कुछ महीनों में तो उन्होंने मार्केट की कमर तोड़ दी। लेकिन अगर उन्हें फोर्स किया जाए कि आपको तो भारत में खरीदारी करनी ही पड़ेगी। इसके अलावा आपके पास कोई ऑप्शन नहीं है, क्योंकि जिस इंडेक्स में आप बेंचमार्क करते हैं उसी में अगर इंडेक्स का वेट बढ़ा दिया जाए तो कम से कम पैसिव फ्लोस तो आएंगे ही। एक्टिव फ्लोस भले ही नहीं आए। एमएससीआई इमर्जिंग मार्केट इंडेक्स में बड़े बदलाव से कुछ ऐसी ही स्थिति बन सकती है।
पिछले दिनों इंडोनेशियन मार्केट काफी गिरा है। वैसे वहां डाउनग्रेड का खतरा है और ग्रीस और दक्षिण कोरिया को अपग्रेड मिल सकता है। ऐसे में कुछ करे बिना शायद हमारा वेट बढ़ जाए। कई बार ऐसा होता है कि आपने कुछ नहीं किया लेकिन फायदा हो गया। उदाहरण के लिए जैसे, किसी क्लास में पांच बच्चे थे, दो चले गए तो अगर आप लास्ट भी आए तो थर्ड आ ही गए ना। ऐसे में ब्रोंज़ मेडल तो फिर भी मिल गया। MSCI इमर्जिंग मार्केट इंडेक्स में बड़े बदलाव से भारत के साथ कुछ ऐसा ही हो सकता है।
इस बदलाव से 2026 में भारत को एमएसआई से बिना कुछ किए काफी फ्लोस मिल सकते हैं। सबसे पहले एक चीज समझते हैं। एनएसडीएल के आंकड़े कहते हैं कि 2025 में इंडियन मार्केट्स में 1.6 लाख करोड़ की एमएससीआई एफबीआई सेलिंग देखने को मिली है। सिर्फ जनवरी में 400 करोड़ के ऊपर की एमएसआई एफबीआई सेलिंग हुई है। एमएससीआई इमर्जिंग मार्केट इंडेक्स की बात करें तो भारत भी इसका हिस्सा है। पिछले दो-तीन दिनों में एमएससीआई ने कई सारे इंपॉर्टेंट अपडेट्स डाले हैं। सबसे पहला जो अपडेट उन्होंने डाला है वह है इंडोनेशिया को लेकर। इंडोनेशिया पर एमएसए ने कहा है कि उनका जो शेयर होल्डिंग स्ट्रक्चर है वहां पर कई सारी दिक्कतें हैं। इसके चलते इंडोनेशिया को डाउनग्रेड किया जा सकता है। इंडोनेशिया को इमर्जिंग मार्केट से निकाल के फ्रंटियर मार्केट में डाला जा सकता है।
इंडोनेशियन मार्केट का डाउनग्रेड संभव
इंडोनेशियन मार्केट का जकार्ता इंडेक्स 28 जनवरी को 7 फीसदी नीचे गिरा। कल लोअर सर्किट लग के थोड़ा सा रिकवर हुआ। इंडोनेशिया का अगर एमएस या ईएम मार्केट में वेटेज देखेंगे तो यह 1.1% फीसदी है। यह वेटेज डिस्ट्रीब्यूट होकर दूसरे इमर्जिंग मार्केट कंट्रीज में आ सकता है। इससें से इंडिया भी एक है। इससे इंडिया में करीबन 1 अरब डॉलर का निवेश आ सकता है। इंटरेस्टिंग बात यह है कि आज तक जो भी डाउनग्रेड हुआ है वो इंडिया के पड़ोसियों के साथ हुआ है। श्रीलंका को पहले डाउनग्रेड किया जा चुका है। पाकिस्तान भी एक ऐसा देश है जिसको कई सारी दिक्कतों के कारण एमएससीआई में डाउनग्रेड किया गया था।
ग्रीस का अपग्रेड संभव
अब हम चलते हैं दूसरे कंट्री की तरफ जहां पे ग्रीस का नाम आता है। ग्रीस में पॉजिटिव न्यूज़ फ्लो है। एमएससीआई का कहना है कि ग्रीस के मार्केट काफी मजबूत हैं। इनके फंडामेंटल्स काफी स्ट्रांग है। ऐसे में ग्रीस को अपग्रेड करके इमर्जिंग मार्केट से डेवलप मार्केट में रखा जा सकता है। इसका मतलब ये है कि ग्रीस भी इमर्जिंग मार्केट से निकलेगा। ग्रीस के वेटेज पर नजर डालें तो ये 1/2% है। ग्रीस के अपग्रेड होने से इंडिया में करीब 650 मिलियन का निवेश आ सकता है। एमएससीआई का कहना है कि ये दोनों बदलाव मई 2026 के पहले हो सकते हैं।
दक्षिण कोरिया को भी किया जा सकता है अपग्रेड
MSCI EM इंडेक्स में बदलाव के इस क्रम में दक्षिण कोरिया को अपग्रेड किया जा सकता है। MSCI दक्षिण कोरिया को डेवलप्ड मार्केट का स्टेटस देने पर विचार कर सकता है। इस साल जून में अपग्रेड की प्रकिया शुरू की जा सकती है। MSCI EM इंडेक्स में दक्षिण कोरिया का अच्छा खासा 12 फीसदी वेटेज है। अपग्रेड की प्रकिया एक साल में पूरी की जा सकती है। एक्सपर्ट की राय है कि इस अपग्रेड से 2027 और 2028 में भारतीय इक्विटी मार्केट में 10 अरब डॉलर का नेट पैसिव इनफ्लो स्प्रेड संभव है।
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