
Stocks in Focus: मंगलवार, 27 जनवरी के कारोबारी सत्र में ऑटो स्टॉक्स पर निवेशकों की खास नजर रहेगी। इसकी वजह भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच ट्रेड डील पर मुहर लगने के आसार हैं। इसमें यूरोप से आने वाली गाड़ियों पर ड्यूटी में भारी कटौती की जा सकती है। इससे Tata Motors, Mahindra & Mahindra और Maruti Suzuki जैसी कंपनियों के शेयरों में हलचल दिख सकती है।
यूरोपीय कारों पर टैरिफ कटौती
रॉयटर्स की 25 जनवरी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत सरकार यूरोपीय संघ (EU) से आयात होने वाली कारों पर इंपोर्ट ड्यूटी को मौजूदा 110 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत करने की योजना बना रही है।
इसमें सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि यह फैसला भारत के विशाल ऑटो बाजार को खोलने की दिशा में अब तक का सबसे बड़ा कदम हो सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि दोनों पक्ष फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं और इसकी घोषणा मंगलवार को ही हो सकती है।
लग्जरी यूरोपीय ब्रांड्स को फायदा
यूरोपीय गाड़ियों पर टैरिफ घटाने का फैसला भारत के ऑटो सेक्टर की तस्वीर बदल सकता है। एक्सपर्ट के मुताबिक, इससे Volkswagen, Mercedes-Benz और BMW जैसे यूरोपीय लग्जरी ब्रांड्स को बड़ा फायदा होगा। क्योंकि वे भारत में अपनी गाड़ियां ज्यादा प्रतिस्पर्धी कीमतों पर बेच पाएंगे।
इसके अलावा, लोकल डीलरशिप और सर्विस प्रोवाइडर्स को भी इससे सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। हालांकि, लग्जरी सेगमेंट में घरेलू कंपनियों को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
किन भारतीय कंपनियों पर बढ़ेगा दबाव
इस बदलाव से Tata Motors और Mahindra & Mahindra के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है। खासतौर पर लग्जरी सेगमेंट में। क्योंकि Mercedes-Benz, BMW, Audi, Volkswagen जैसी कारें भारत में काफी सस्ती और ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो जाएंगी।
वहीं, Maruti Suzuki और Apollo Tyres बड़े झटके से बच सकती हैं। क्योंकि इनका फोकस लग्जरी सेगमेंट पर नहीं है।
ऑटो और ऑटो एंसिलरी स्टॉक्स पर असर
एक्सपर्ट का मानना है कि इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती से भारतीय ऑटो बाजार और ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनेगा, जिससे ग्राहकों को बेहतर कीमत और ज्यादा विकल्प मिलेंगे। साथ ही, भारत एक मजबूत मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभरेगा, जिससे निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।
एक्सपर्ट का मानना है कि इससे Bharat Forge जैसे स्टॉक्स पर पॉजिटिव असर दिख सकता है। क्योंकि ये ऑटोमोटिव पार्ट्स बनाते हैं। जब यूरोपीय कंपनियों की भारत में बिक्री बढ़ेगी, तो वो लोकल असेंबली/लोकल सोर्सिंग भी बढ़ाएंगी।
सरकार किन कारों पर पहले टैक्स घटाएगी
रॉयटर्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली सरकार ने EU के 27 सदस्य देशों से आने वाली कुछ चुनिंदा कारों पर टैक्स तेजी से घटाने पर सहमति जताई है। यह कटौती उन कारों पर लागू होगी जिनकी इंपोर्ट कीमत 15,000 यूरो (करीब $17,739) से ज्यादा है।
आगे चलकर इन कारों पर इंपोर्ट ड्यूटी को घटाकर 10 प्रतिशत तक लाने की योजना है। इससे Volkswagen, Mercedes-Benz और BMW जैसी कंपनियों के लिए भारतीय बाजार में एंट्री और विस्तार और आसान हो जाएगा।
कम इंपोर्ट टैक्स का ऑटो सेक्टर पर असर
बिक्री के लिहाज से भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार बाजार है, अमेरिका और चीन के बाद। इसके बावजूद, घरेलू ऑटो सेक्टर अब तक काफी हद तक संरक्षित रहा है। फिलहाल भारत विदेश से आयात होने वाली कारों पर 70 प्रतिशत से 110 प्रतिशत तक का टैक्स लगाता है।
इंपोर्ट ड्यूटी घटने से विदेशी ऑटो कंपनियां कम कीमत पर कारें पेश कर पाएंगी और भारत में बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग शुरू करने से पहले बाजार को बेहतर तरीके से समझ सकेंगी। इससे Volkswagen, Renault, Stellantis, Mercedes-Benz और BMW जैसे ब्रांड्स को फायदा होगा, जो पहले से भारत में मौजूद हैं लेकिन ऊंचे टैरिफ के चलते विस्तार में दिक्कत महसूस कर रहे थे।
EV सेगमेंट में 5 साल तक नहीं घटेगी टैरिफ
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती पांच सालों तक बैटरी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) को इंपोर्ट ड्यूटी में किसी तरह की छूट नहीं दी जाएगी। इसका मकसद Mahindra & Mahindra और Tata Motors जैसी भारतीय कंपनियों द्वारा EV सेगमेंट में किए गए निवेश की सुरक्षा करना है।
हालांकि, इस पांच साल की अवधि के बाद EVs को भी इसी तरह की ड्यूटी कटौती का लाभ मिलने की संभावना जताई गई है।
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