Dolly Khanna Portfolio: 92% घटाया कर्ज! डॉली खन्ना के निवेश वाली कंपनी की बैलेंस शीट में बड़ा बदलाव – dolly khanna backed ghcl limited cuts debt by 92 percent becomes net cash company with buyback and high margin expansion plans

Dolly Khanna Portfolio: केमिकल सेक्टर की GHCL Limited ने अपने कर्ज में भारी कमी की है। FY20 में कंपनी पर ₹1,254 करोड़ का कर्ज था, जो FY25 तक घटकर सिर्फ ₹97 करोड़ रह गया। यानी 5 साल में करीब 92 प्रतिशत की भारी कटौती। यह इसलिए भी अहम बात है क्योंकि केमिकल सेक्टर में अक्सर कंपनियां ज्यादा कर्ज के बोझ में दबी रहती हैं। GHCL में दिग्गज निवेशक डॉली खन्ना (Dolly Khanna) का भी निवेश है।

यह बदलाव दिखाता है कि GHCL ने आक्रामक विस्तार के बजाय अनुशासित कैपिटल एलोकेशन, मजबूत कैश फ्लो और बैलेंस शीट के जरिए वैल्यू क्रिएशन पर फोकस किया है।

अब सवाल यह है कि क्या सिर्फ डिलीवरेजिंग से कमाई में स्थायी सुधार और वैल्यूएशन री रेटिंग भी देखने को मिलेगी।

GHCL Limited का बिजनेस क्या है

GHCL Limited की स्थापना 14 अक्टूबर 1983 को हुई थी। कंपनी केमिकल्स और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स- दोनों सेगमेंट में मजबूत मौजूदगी रखती है।

केमिकल्स बिजनेस में GHCL मुख्य रूप से सोडा ऐश बनाती है। यह डिटर्जेंट और ग्लास इंडस्ट्री के लिए अहम कच्चा माल है। इसके अलावा कंपनी सोडियम बाइकार्बोनेट भी बनाती है।

कंज्यूमर प्रोडक्ट्स सेगमेंट में GHCL खाने योग्य नमक, इंडस्ट्रियल ग्रेड सॉल्ट और जूजूबे हनी बनाती और बेचती है, जो I-Flo ब्रांड के तहत मार्केट में उपलब्ध हैं।

नेट कैश कंपनी बनने की बड़ी उपलब्धि

पिछले 6 सालों में GHCL ने कर्ज घटाने पर आक्रामक काम किया। FY20 में कुल कर्ज ₹1,254 करोड़ था, जो FY25 में घटकर सिर्फ ₹97 करोड़ रह गया।

2020 में कंपनी ने ₹304.9 करोड़ का कर्ज चुकाया। इसके बाद FY21 में ₹473.99 करोड़ और चुकाया गया। इसके चलते डेट टू इक्विटी रेशियो घटकर 0.03 रह गया, जो लगभग न के बराबर है।

GHCL की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि वह भारी कर्ज वाली कंपनी से निकलकर ₹1,047 करोड़ के नेट कैश सरप्लस वाली कंपनी बन गई। इस स्थिति को और मजबूत करते हुए कंपनी ने Q2 FY26 में ₹22 करोड़ का अतिरिक्त कर्ज भी चुका दिया।

₹300 करोड़ का शेयर बायबैक

GHCL की मौजूदा कैपिटल एलोकेशन रणनीति शेयरहोल्डर्स को रिवॉर्ड करने पर केंद्रित है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण ₹300 करोड़ का शेयर बायबैक है, जो 31 मार्च 2025 तक की कुल पेड अप इक्विटी का करीब 4 प्रतिशत है।

यह बायबैक ₹725 प्रति शेयर की कीमत पर किया गया है, जिसका मकसद EPS और ROE जैसे प्रमुख फाइनेंशियल मैट्रिक्स को बेहतर बनाना है।

बायबैक से टेंडर करने वाले शेयरहोल्डर्स को प्रीमियम मिलता है, जबकि जो हिस्सा नहीं लेते, उन्हें कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ने का अप्रत्यक्ष फायदा मिलता है।

हाई मार्जिन सेगमेंट में एंट्री

मिड टर्म में GHCL अपने बिजनेस मिक्स को बदल रही है। ब्रोमीन और वैक्यूम सॉल्ट सेगमेंट्स से कंपनी को बेहतर मार्जिन की उम्मीद है।

मैनेजमेंट के मुताबिक, इन सेगमेंट्स में EBITDA मार्जिन 40 से 45 प्रतिशत तक रह सकता है, जिससे करीब ₹70 से ₹80 करोड़ का EBITDA आने की संभावना है।

लॉन्ग टर्म ग्रोथ प्लान और नए मौके

GHCL लॉन्ग टर्म में भी विस्तार की योजना बना रही है। कंपनी सोडा ऐश के ग्रीनफील्ड एक्सपैंशन को कमीशन करने की तैयारी में है।

मैनेजमेंट भारत की ग्रोथ स्टोरी को लेकर आशावादी है, क्योंकि सोडा ऐश की मांग देश की मजबूत इंडस्ट्रियल और ग्लोबल जरूरतों से जुड़ी हुई है। सोलर ग्लास जैसे नए एप्लिकेशंस से भी डिमांड बढ़ने की उम्मीद है, जो अगले साल से रफ्तार पकड़ सकते हैं।

शेयर की स्थिति और रिटर्न

GHCL का शेयर शुक्रवार को ₹524 पर बंद हुआ, जो पिछले कारोबारी दिन के मुकाबले 2.02 प्रतिशत नीचे था। हालांकि, पिछले पांच सालों में इस शेयर ने निवेशकों को करीब 149 प्रतिशत का मजबूत रिटर्न दिया है। GHCL का मार्केट कैप करीब ₹5,034 करोड़ है।

डॉली खन्ना का ट्रैक रिकॉर्ड

डॉली खन्ना का लॉन्ग टर्म ट्रैक रिकॉर्ड यह दिखाता है कि वह शॉर्ट टर्म मूवमेंट्स के बजाय फंडामेंटल्स पर भरोसा करती हैं। उनके पोर्टफोलियो में भले उतार चढ़ाव रहे हों, लेकिन गहरी गिरावट के बाद मजबूत रिकवरी उनकी रणनीति की मजबूती दिखाती है। दिसंबर 2025 तक GHCL में उनके पास 9,87,735 शेयर थे।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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