Budget 2026 Expectations : कैपिटल खर्च में खास बढ़ोतरी होने की संभावना नहीं, रोजगार बढ़ाने पर जारी रहेगा फोकस – budget 2026 expectations no significant increase in capital expenditure is expected focus on job creation will continue

Budget 2026 Expectations : इस बार के यूनियन बजट में कैपिटल खर्च में खास बढ़ोतरी होने की संभावना नहीं है। उम्मीद है कि कैपेक्स ग्रोथ मोटे तौर पर नॉमिनल GDP ग्रोथ के बराबर रहेगी। ये बातें कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस में चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर राधवी देशपांडे ने मनीकंट्रोल से हुई बातचीत में कही हैं। उन्होंने आगे कहा कि विदेशी पूंजी को आकर्षित करना सरकार की एक बड़ी प्राथमिकता बनी रहेगी। इससे पॉलिसी में निरंतरता, कैपिटल मार्केट सुधारों और बिज़नेस करने में आसानी में सुधारों से सपोर्ट मिलेगा। ये कदम निवेशकों का भरोसा बनाए रखने में मदद करते हैं,लेकिन टिकाऊ विदेशी निवेश तभी वापस आएगा जब वैल्यूएशन ज़्यादा वाजिब होंगे और अर्निंग में ग्रोथ मज़बूत होगी।

हालांकि पॉलिसी से मिलने वाला सपोर्ट एक ज़रूरी बुनियाद बनाता है, लेकिन टिकाऊ विदेशी निवेश आखिरकार लगातार और मजबूत अर्निंग पर निर्भर करता है। मौजूदा माहौल में सुधार और अर्निंग की बेहतर विजिबिलिटी विदेशी निवेशकों की भागीदारी को फिर से शुरू करने के लिए बहुत ज़रूरी होंगे।

कैपेक्स में मामूली बढ़ोतरी की उम्मीद

राधवी देशपांडे का मानना है कि बजट में कैपिटल खर्च में बड़ी बढ़ोतरी होने की संभावना नहीं है। उम्मीद है कि कैपेक्स ग्रोथ मोटे तौर पर नॉमिनल GDP ग्रोथ के बराबर रहेगी। पिछले कुछ सालों में इंफ्रास्ट्रक्चर पर पहले ही काफी खर्च करने के बाद,अब सरकार फिस्कल क्रेडिबिलिटी बनाए रखते हुए मोमेंटम बनाए रखने पर फोकस करती दिख रही है।

इस बार कैपेक्स में मामूली बढ़ोतरी होने की संभावना है,लेकिन देखने की बात यह होगी कि इससे प्राइवेट सेक्टर के इन्वेस्टमेंट में कितना असर देखने को मिलता। मार्केट इस बात पर नजर रखेगा कि सरकार द्वारा किया गया खर्च कॉर्पोरेट अर्निंग और एक ब्रॉडर इन्वेस्टमेंट साइकिल को सपोर्ट कर रहा है कि नहीं।

इस बजट में रोज़गार पर फोकस रहने की संभावना

इस बजट में रोज़गार पैदा करने पर सरकार का फोकस रहने की संभावना है। खपत में लगातार ग्रोथ के लिए टिकाऊ इनकम ग्रोथ ज़रूरी है। ऐसे में किसी भी इकॉनमी में नौकरियों की क्वालिटी और स्थिरता बहुत ज़रूरी हो जाती है। उम्मीद है कि सरकार रोज़गार पैदा करने पर फोकस जारी रखेगी। इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार,मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा और टारगेटेड वेलफेयर स्कीमों के ज़रिए रोज़गार बढ़ाने पर फोकस होगा। ये उपाय लंबे समय तक आर्थिक मज़बूती को सपोर्ट कर सकते हैं,साथ ही ग्रोथ में ज़्यादा लोगों की भागीदारी भी सुनिश्चित कर सकते हैं।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

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