Budget 2026: बजट में चांदी पर होगा बड़ा ऐलान? MCX पर इस कारण भारी प्रीमियम पर बिक रही चांदी – budget 2026 big announcement on silver expected mcx silver trades at heavy premium here is why

Silver Prices: चांदी की कीमतों में हाल के महीनों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है और यह रफ्तार अब भी थमने का नाम नहीं ले रही। लगातार बढ़ती मांग के बीच चांदी के आयात यानी इंपोर्ट में भी तेज उछाल आया है। भारत अपनी चांदी की जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा विदेशी से इंपोर्ट के जरिए पूरा करता है। इसी बढ़ते इंपोर्ट बिल पर लगाम लगाने के लिए बाजार को उम्मीद है कि आगामी आम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी को बढ़ा सकती हैं। इस आशंका ने बाजार में पहले से ही हलचल मचा दी है और इसके चलते चांदी अब भारी प्रीमियम पर कारोबार कर रही है।

आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर में चांदी का इंपोर्ट पिछले महीने से 79.7 प्रतिशत बढ़कर 0.76 अरब डॉलर पर पहुंच गया। वहीं, अप्रैल से दिसंबर की अवधि में चांदी का इंपोर्ट सालाना आधार पर करीब 129 प्रतिशत उछलकर 7.77 अरब डॉलर हो गया। जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह आंकड़ा 3.39 अरब डॉलर रहा था। आमतौर पर त्योहारों के मौसम में चांदी का इंपोर्ट अपने पीक पर होता है, लेकिन इस साल फेस्टिव सीजन खत्म होने के बाद भी इस तरह की तेज बढ़ोतरी ने चिंता बढ़ा दी है।

पिछले साल बजट में सरकार ने चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी को 12 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत कर दिया था। इसका मकसद तस्करी पर लगाम लगाना और घरेलू बाजार के लिए मेटल को ज्यादा आकर्षक बनाना था। फिलहाल, 6 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी और 3 प्रतिशत जीएसटी मिलाकर चांदी की लैंडेड कॉस्ट तय होती है, जिस पर देश में इसकी खरीद-बिक्री होती है।

हालांकि, मांग में तेज उछाल के चलते चांदी का इंपोर्ट अचानक बढ़ गया है। इसे देखते हुए बाजार में यह चर्चा तेज है कि सरकार इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ा सकती है। हालांकि, इसे लेकर अभी तक कोई स्पष्ट संकेत नहीं हैं। ट्रेडबुल्स सिक्योरिटीज के भाविक पटेल का कहना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए इम्पोर्ट ड्यूटी में बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, “इसी आशंका के चलते बुलियन डीलर पहले से ही कीमतों पर प्रीमियम वसूल रहे हैं।”

ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फाउंडेशन के नेशनल जनरल सेक्रेटरी नितिन केडिया को डर है कि इंपोर्ट ड्यूटी 15 प्रतिशत तक भी जा सकती है। उनके मुताबिक, “पहले बाजार में 3–4 प्रतिशत ड्यूटी बढ़ने की अफवाह थी, लेकिन जब चांदी पर प्रीमियम करीब 13 प्रतिशत तक पहुंच गया, तब कुछ लोग 15 प्रतिशत ड्यूटी की बात करने लगे।”

21 जनवरी को एमसीएक्स पर चांदी के वायदा भाव स्पॉट और लैंडेड कीमतों के मुकाबले 40,000 रुपये प्रति किलोग्राम से ज्यादा प्रीमियम पर कारोबार कर रहे थे। इस असामान्य स्थिति को देखते हुए ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फाउंडेशन ने वित्त मंत्रालय को पत्र लिखकर कीमतों में कथित हेरफेर की जांच की मांग की है।

लेटर में कहा गया है, “एमसीएक्स पर चांदी लगभग 40,000 रुपये के असाधारण प्रीमियम पर कारोबार कर रही है। बाजार में यह धारणा है कि यह आगामी इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ोतरी की अफवाहों का नतीजा है। अगर यह अफवाह आंशिक रूप से भी सही है, तो यह इस बात की ओर इशारा करता है कि प्राइस से जुड़ी संवेदनशील नीतिगत जानकारी लीक हुई है, जो बाजार की पारदर्शिता के लिए गंभीर खतरा है।”

केडिया ने मनीकंट्रोल से बातचीत में कहा कि एमसीएक्स पर दिख रहा तेज प्रीमियम इस ओर इशारा करता है कि बजट में ड्यूटी बढ़ सकती है। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर इंपोर्ट ड्यूटी 15 प्रतिशत तक बढ़ाया गया, तो इससे ड्यूटी आर्बिट्राज की समस्या खड़ी हो सकती है।

फाउंडेशन ने वित्त मंत्रालय को पत्र लिखने से पहले मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) से भी चांदी की कीमतों में असामान्य उतार-चढ़ाव की जांच करने का आग्रह किया था। हालांकि, अभी तक नियामक की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

तेज प्रीमियम का असर ज्वैलर्स और बुलियन कारोबारियों की वर्किंग कैपिटल पर भी पड़ा है। केडिया के अनुसार, “हम आमतौर पर फिजिकल चांदी का स्टॉक रखते हैं और एक्सचेंज पर पोजीशन बेचकर हेजिंग करते हैं। लेकिन जब प्रीमियम 40,000 रुपये तक पहुंच जाता है, तो वर्किंग कैपिटल पर भारी दबाव पड़ता है। बीते सात–आठ महीनों में चांदी की कीमतें पहले ही तीन गुना हो चुकी हैं, ऐसे में स्थिति संभालना मुश्किल हो जाता है।”

इस बीच, आज एमसीएक्स पर चांदी के वायदा भाव एक बार फिर नए रिकॉर्ड स्तर 3,39,927 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए। अब बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या बजट इस रैली पर ब्रेक लगाएगा या चांदी की चमक फिलहाल यूं ही बरकरार रहेगी।

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