दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने केवाईसी अपडेट के नाम पर लोगों को ठगने वाले एक बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस मामले में पुलिस ने झारखंड और पश्चिम बंगाल से 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
आरोपियों के पास से 10 मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड और ठगी में इस्तेमाल होने वाला डिजिटल सामान बरामद किया गया है. पुलिस का कहना है कि यह गिरोह काफी समय से अलग-अलग राज्यों में लोगों को अपना निशाना बना रहा था.
खुद को बैंक अधिकारी बताकर करते थे ठगी
दिल्ली पुलिस के मुताबिक आरोपी खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों को फोन कॉल और व्हाट्सएप मैसेज भेजते थे. वे लोगों को डराते थे कि अगर तुरंत केवाईसी अपडेट नहीं किया गया तो उनका बैंक खाता बंद कर दिया जाएगा.
इसी डर के बीच वे एक लिंक भेजते थे. जैसे ही पीड़ित उस लिंक पर क्लिक करता, उसके मोबाइल में एक खतरनाक एपीके फाइल इंस्टॉल हो जाती थी. इसके बाद आरोपी मोबाइल और बैंक ऐप्स का पूरा कंट्रोल अपने हाथ में ले लेते थे.
महिला की शिकायत से खुला मामला
यह पूरा मामला सागरपुर, नई दिल्ली की रहने वाली एक महिला की शिकायत के बाद सामने आया. पीड़िता ने बताया कि दिसंबर 2025 में उसे बैंक अधिकारी बनकर फोन आया था और केवाईसी अपडेट करने के लिए एक लिंक भेजा गया.
कुछ ही दिनों बाद उसके मोबाइल पर मैसेज आने लगे कि उसके क्रेडिट कार्ड पर 8.33 लाख रुपये का लोन ले लिया गया है और करीब 8.30 लाख रुपये की रकम निकाल भी ली गई है. महिला ने साफ कहा कि उसने न तो कोई लोन लिया और न ही ऐसा कोई लेन-देन किया.
झारखंड और बंगाल तक पहुंचे तार
मामले की जांच के दौरान साइबर सेल ने टेक्निकल सर्विलांस के जरिए आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की. जांच में पता चला कि आरोपी झारखंड के धनबाद इलाके और पश्चिम बंगाल से इस ठगी को अंजाम दे रहे थे.
इसके बाद पुलिस टीम ने धनबाद के निरसा इलाके में छापा मारकर तीन आरोपियों को मौके से पकड़ लिया. चौथे आरोपी को बाद में पश्चिम बंगाल के हुगली से गिरफ्तार किया गया.
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह का एक सदस्य फर्जी एपीके फाइल तैयार करता था और म्यूल बैंक अकाउंट की व्यवस्था करता था. बाकी सदस्य कॉल करके लोगों को फंसाते थे.
ठगी की रकम एटीएम और पीओएस मशीनों के जरिए निकाली जाती थी. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या ऐप पर भरोसा न करें. बैंक कभी भी फोन या लिंक भेजकर केवाईसी अपडेट नहीं करवाता.
Read More at www.abplive.com