Browser Extension: आज के डिजिटल दौर में इंटरनेट हमारे रोज़मर्रा के काम का अहम हिस्सा बन चुका है. ऑनलाइन शॉपिंग, सोशल मीडिया, ई-मेल और बैंकिंग जैसे ज़रूरी काम हम ब्राउजर के ज़रिए ही करते हैं. इसी ब्राउजर को और “स्मार्ट” बनाने के लिए लोग ब्राउजर एक्सटेंशन का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही छोटे-से दिखने वाले एक्सटेंशन आपकी बैंकिंग एक्टिविटी पर भी नजर रख सकते हैं? अगर नहीं, तो यह लेख आपके लिए बेहद ज़रूरी है.
ब्राउजर एक्सटेंशन क्या होता है?
ब्राउज़र एक्सटेंशन एक तरह का छोटा सॉफ्टवेयर या ऐड-ऑन होता है जिसे Chrome, Firefox, Edge जैसे वेब ब्राउज़र में इंस्टॉल किया जाता है. इसका मकसद ब्राउजर की सुविधाओं को बढ़ाना होता है.
उदाहरण के लिए:
- विज्ञापन (Ads) ब्लॉक करना
- पासवर्ड मैनेज करना
- स्क्रीनशॉट लेना
- वेबसाइट का डिज़ाइन बदलना
- ग्रामर या स्पेलिंग चेक करना
ये एक्सटेंशन दिखने में भले ही छोटे और काम के हों लेकिन इनके पास ब्राउज़र से जुड़ी कई अहम अनुमतियां (Permissions) होती हैं.
ब्राउजर एक्सटेंशन को इतनी ज़्यादा अनुमति क्यों मिलती है?
जब आप किसी एक्सटेंशन को इंस्टॉल करते हैं तो वह आपसे कुछ परमिशन मांगता है जैसे सभी वेबसाइट का डेटा पढ़ने और बदलने की अनुमति, ब्राउज़िंग हिस्ट्री देखने की अनुमति, खुले हुए टैब्स तक पहुंच. अक्सर लोग बिना पढ़े ही “Allow” या “Add Extension” पर क्लिक कर देते हैं. यहीं से खतरे की शुरुआत होती है. अगर कोई एक्सटेंशन गलत इरादे से बनाया गया है तो वह आपकी हर ऑनलाइन एक्टिविटी को ट्रैक कर सकता है.
कैसे ब्राउजर एक्सटेंशन आपकी बैंकिंग एक्टिविटी पर नजर रख सकता है?
जब आप नेट बैंकिंग या UPI से जुड़ी किसी वेबसाइट पर जाते हैं तो ब्राउज़र एक्सटेंशन उस पेज पर मौजूद डेटा को देख सकता है. कुछ खतरनाक एक्सटेंशन इन तरीकों से आपकी जानकारी पर नजर रख सकते हैं:
की-स्ट्रोक रिकॉर्ड करना
कुछ एक्सटेंशन आपकी टाइप की गई जानकारी को रिकॉर्ड कर सकते हैं. इसमें यूज़रनेम, पासवर्ड या OTP जैसी संवेदनशील जानकारी भी शामिल हो सकती है.
पेज का कंटेंट पढ़ना
अगर एक्सटेंशन को “Read and change all your data on websites” की अनुमति मिली है तो वह बैंकिंग पेज पर दिख रही जानकारी को पढ़ सकता है.
फर्जी पॉप-अप दिखाना
कुछ एक्सटेंशन बैंक की तरह दिखने वाले फर्जी पॉप-अप दिखाते हैं जिसमें आपसे डिटेल भरने को कहा जाता है.
डेटा थर्ड-पार्टी को भेजना
खतरनाक एक्सटेंशन आपकी बैंकिंग से जुड़ी आदतों और एक्टिविटी का डेटा किसी थर्ड-पार्टी सर्वर को भेज सकते हैं.
क्या सभी ब्राउजर एक्सटेंशन खतरनाक होते हैं?
नहीं, सभी एक्सटेंशन खतरनाक नहीं होते. कई एक्सटेंशन भरोसेमंद कंपनियों और डेवलपर्स द्वारा बनाए जाते हैं. समस्या तब होती है जब आप अनजान डेवलपर का एक्सटेंशन इंस्टॉल करते हैं. जरूरत से ज्यादा एक्सटेंशन ब्राउजर में मौजूद होते हैं. लंबे समय से एक्सटेंशन अपडेट नहीं हुआ है. इसलिए जरूरी है कि आप एक्सटेंशन को लेकर सतर्क रहें.
कैसे पहचानें कि कोई एक्सटेंशन संदिग्ध है?
अगर आपका ब्राउज़र या बैंकिंग वेबसाइट इस्तेमाल करते समय ये संकेत दिखें, तो सावधान हो जाइए:
- ब्राउजर अचानक स्लो हो जाना
- बिना वजह लॉग-आउट हो जाना
- बार-बार अजीब पॉप-अप आना
- बैंक से अनजान ट्रांजैक्शन अलर्ट मिलना
ऐसे में तुरंत अपने ब्राउज़र एक्सटेंशन की जांच करें.
ब्राउजर एक्सटेंशन को सुरक्षित तरीके से कैसे इस्तेमाल करें?
- सिर्फ जरूरत के एक्सटेंशन रखें, जो एक्सटेंशन इस्तेमाल में नहीं हैं, उन्हें तुरंत हटा दें.
- परमिशन ध्यान से पढ़ें. इंस्टॉल करते समय देखें कि एक्सटेंशन कौन-कौन सी अनुमति मांग रहा है.
- भरोसेमंद डेवलपर चुनें. एक्सटेंशन स्टोर पर रिव्यू, रेटिंग और डाउनलोड संख्या जरूर चेक करें.
- नियमित अपडेट करें. पुराने एक्सटेंशन में सिक्योरिटी खामियां हो सकती हैं.
तुरंत कैसे बंद करें खतरनाक ब्राउज़र एक्सटेंशन?
Chrome ब्राउज़र में:
- ब्राउजर खोलें
- ऊपर दाईं तरफ तीन डॉट्स पर क्लिक करें
- Extensions > Manage Extensions पर जाएं
- संदिग्ध एक्सटेंशन को Disable या Remove करें
Firefox ब्राउजर में:
- मेनू खोलें
- Add-ons and Themes पर जाएं
- अनचाहे एक्सटेंशन को Remove करें
- इसके बाद ब्राउज़र को रीस्टार्ट करना न भूलें.
बैंकिंग के दौरान खुद को सुरक्षित कैसे रखें?
- नेट बैंकिंग के लिए अलग ब्राउज़र प्रोफाइल इस्तेमाल करें
- बैंकिंग के समय सभी एक्सटेंशन बंद रखें
- पब्लिक WiFi पर बैंकिंग से बचें
- टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जरूर चालू रखें.
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