Nifty Outlook: निफ्टी में जोरदार रिकवरी, 23 जनवरी को कैसी रहेगी चाल? जानिए एक्सपर्ट से – nifty outlook after three day fall break will nifty extend recovery on 23 january expert views levels and strategy

Nifty Outlook: गुरुवार को निफ्टी में दमदार रिकवरी देखने को मिली। तीन सत्रों की गिरावट के बाद खरीदारों ने वापसी की और उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बावजूद निफ्टी 132 अंक चढ़कर 25,289 पर बंद हुआ। सेशन के दौरान अहम टेक्निकल लेवल्स की कड़ी परीक्षा हुई, लेकिन अंत में बाजार संभल गया।

शुरुआत तेज, फिर दबाव

निफ्टी ने दिन की शुरुआत 187 अंकों के गैप-अप के साथ की और पहले करीब 45 मिनट तक मजबूती बनाए रखी। हालांकि सुबह 10 बजे के बाद सेंटीमेंट कमजोर पड़ा और इंडेक्स फिसलकर 25,168 के इंट्रा-डे लो तक चला गया, यानी ऊपरी स्तर से करीब 267 अंकों की गिरावट आई।

निफ्टी में दोबारा खरीदारी ठीक उसी जगह से आई जहां 200 DEMA 25,164 पर था। इस टेक्निकल सपोर्ट से निफ्टी ने अंतिम घंटे में 164 अंकों की तेज रिकवरी दर्ज की और दिन का अंत मजबूती के साथ किया।

इन शेयरों ने दिया सपोर्ट

निफ्टी पैक में Dr Reddy’s Laboratories, Bharat Electronics और Adani Enterprises ने बढ़त में अहम भूमिका निभाई। वहीं Eicher Motors, SBI Life और Titan पर बिकवाली का दबाव रहा और ये शेयर टॉप लूजर्स में रहे।

सेक्टरल परफॉर्मेंस कैसा रहा

निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर हरे निशान में बंद हुए। मीडिया, PSU बैंक और फार्मा शेयरों ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया और दिन की सबसे मजबूत तेजी इन्हीं सेक्टर्स में दिखी।

ब्रॉडर मार्केट ने बेंचमार्क से बेहतर परफॉर्म किया। निफ्टी मिडकैप 100 में 1.34% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.76% की बढ़त दर्ज की गई।

रुपया भी डॉलर के मुकाबले मजबूत

भारतीय रुपया अपनी गिरावट की कड़ी तोड़ते हुए अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 6 पैसे मजबूत होकर 91.63 पर बंद हुआ। यूरोप पर टैरिफ की धमकी वापस लेने के डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के फैसले के बाद जोखिम लेने की क्षमता में सुधार से रुपये को सपोर्ट मिला।

आगे किन संकेतों पर रहेगी नजर

मैक्रो फ्रंट पर बाजारों की नजर अमेरिका के Q3 GDP डेटा और मासिक CPI महंगाई आंकड़ों पर रहेगी, जो गुरुवार को जारी होने हैं।

मोतीलाल ओसवाल के सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक, निवेशकों का फोकस धीरे-धीरे यूनियन बजट 2026 की ओर शिफ्ट हो सकता है। इसे 1 फरवरी 2026 को पेश किया जाना है। साथ ही, ग्लोबल संकेत, मैक्रो डेटा और तिमाही नतीजे भी बाजार की दिशा तय करेंगे।

शुक्रवार को किन कंपनियों के नतीजे

शुक्रवार को जिन प्रमुख कंपनियों के नतीजे आने हैं, उनमें JSW Steel, Shriram Finance, BPCL, Godrej Consumer Products, Cipla, MCX और Piramal Finance शामिल हैं।

निफ्टी पर एक्सपर्ट की राय

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी का नजदीकी ट्रेंड अभी कमजोर बना हुआ है, हालांकि इसमें शॉर्ट टर्म बाउंस जरूर देखने को मिल रहा है।

उनका कहना है कि अगर निफ्टी 25,500 के ऊपर टिकाऊ तरीके से निकलता है, तो इसे नियर-टर्म बॉटम बनने का संकेत माना जा सकता है। वहीं, अगर दोबारा दबाव बनता है, तो इंडेक्स 24,900-25,000 के दायरे तक फिसल सकता है।

ब्रेकआउट से ही बनेगी ठोस तेजी

Centrum Broking के नीलेश जैन मानते हैं कि निफ्टी के लिए 25,590 पर मौजूद 100-DMA के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट बेहद जरूरी है। यही स्तर पार होने पर बाजार में मजबूत और टिकाऊ तेजी की पुष्टि होगी। नीचे की तरफ देखें तो 25,130 के आसपास मौजूद 200-DMA फिलहाल निफ्टी को मजबूत सपोर्ट दे रहा है।

शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव

LKP Securities के रूपक डे का मानना है कि निफ्टी नजदीकी अवधि में वोलैटाइल रह सकता है। उनके मुताबिक, ऊपर की तरफ 25,480-25,500 का जोन रेजिस्टेंस की तरह काम करेगा, जबकि नीचे की ओर 25,125 के आसपास सपोर्ट देखने को मिल सकता है।

पोजिशनल ट्रेंड बेयरिश

HDFC Securities के नंदीश शाह ने बताया कि निफ्टी ने हालिया स्विंग लो 24,919 से 500 अंकों से ज्यादा की रिकवरी जरूर की है, लेकिन इसके बावजूद पोजिशनल ट्रेंड अभी भी बेयरिश बना हुआ है।

उनके मुताबिक, निफ्टी अब भी सभी अहम मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहा है। शॉर्ट टर्म में 25,450–25,500 का इलाका रेजिस्टेंस बना रहेगा। वहीं, सपोर्ट 25,150 के आसपास ऊपर शिफ्ट हुआ है, जो 200 DEMA से मेल खाता है।

बैंक निफ्टी का हाल

LKP Securities के टेक्निकल एनालिस्ट Vatsal Bhuva के मुताबिक, गुरुवार को बैंक निफ्टी को 20-day SMA के पास बिकवाली का सामना करना पड़ा और इंडेक्स 50-day SMA से थोड़ा नीचे बंद हुआ, जिससे सेंटीमेंट अभी सतर्क बना हुआ है। हालांकि, hourly chart पर RSI में बुलिश क्रॉसओवर दिख रहा है, जो शॉर्ट-टर्म रिकवरी की कोशिश का संकेत देता है।

उनका कहना है कि मौजूदा तेजी को ट्रेंड रिवर्सल नहीं, बल्कि हालिया गिरावट के बाद आया एक टेक्निकल पुलबैक माना जाना चाहिए। क्योंकि आगे भी वोलैटिलिटी बनी रह सकती है। टिकाऊ बुलिश नजरिया तभी बनेगा, जब बैंक निफ्टी 20-day SMA और 59,800 के स्तर को क्लोजिंग बेसिस पर वापस हासिल करे। तब तक इंडेक्स के 58,700 से 59,500 की रेंज में ट्रेड करने की संभावना है।

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