अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर अपनी महत्वाकांक्षाओं को मंगलवार (20 जनवरी, 2026) को एक बार फिर से दोहराया है. उन्होंने कहा कि इस द्वीप पर अमेरिका का नियंत्रण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है.
ट्रंप की ओर से स्वायत्त द्वीप ग्रीनलैंड को हासिल करने की इच्छा के चलते अमेरिका अपने कई सहयोगी देशों को भी निशाने पर ले रहा है. इस बीच ग्रीनलैंड के प्रीमियर और प्रधानमंत्री जेंस-फ्रेडरिक नील्सन ने संभावित सैन्य संघर्ष को लेकर अपने लोगों को आगाह किया है.
ग्रीनलैंड पर कब्जे को लेकर क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल में दिए अपने एक बयान में कहा कि ग्रीनलैंड पर कब्जा अमेरिका के लिए अभी भी सबसे बड़ी प्राथमिकता बना हुआ है. न्यूज नेशन से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा, ‘यह द्वीप एक ऐसी जगह पर स्थित है जो हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है.’
उन्होंने ग्रीनलैंड में गोल्डन डोम बनाए जाने का उदाहरण देते हुए कहा कि इससे रूस, चीन और अन्य देशों से दागी जाने वाली मिसाइलों को रोका जा सकता है. ट्रंप ने कहा कि उदाहरण के तौर पर हम गोल्डन डोम बना रहे हैं. अगर कोई मिसाइल दागना भी चाहता है तो वह उन्हें माचिस की तीलियों के तरह हवा में ही मार गिराएगा.
अमेरिका से संभावित सैन्य कार्रवाई की आशंका पर बोले नील्सन
वहीं, दूसरी तरफ डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बीच ग्रीनलैंड अपनी सबसे खराब स्थिति के लिए तैयारी कर रहा है. प्रधानमंत्री और प्रीमियर जेंस-फ्रेडरिक नील्सन ने अपने नागरिकों से संभावित सैन्य हमले के लिए तैयार रहने की अपील की है. राजधानी नूक में मंगलवार (20 जनवरी, 2026) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए नील्सन ने कहा, ‘इस बात की संभावना तो कम है कि कोई सैन्य संघर्ष होगा, लेकिन इसे पूरी तरह से नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता है. ऐसे में प्रमुख स्थानीय अधिकारियों को शामिल करते हुए एक टास्क फोर्स गठित की जाएगी.’
जबकि ग्रीनलैंड के वित्त मंत्री और पूर्व प्रधानमंत्री म्यूट बी. एगेडे ने कहा कि द्वीप पर दबाव बढ़ रहा है और किसी भी नतीजे के लिए तैयार रहना जरूरी है.
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