उन्हें ऐसा झटका लगेगा, उन्होंने पहले कभी….’, ट्रंप ने वेनेजुएला के खिलाफ लिया तगड़ा एक्शन, चीन में मच जाएगी खलबली!

अमेरिका और वेनेजुएला के बीच का टकराव हर दिन बढ़ता जा रहा है, जिसका खामियाजा चीन को भुगतना पड़ सकता है. यूएस के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला में एंट्री और वहां से बाहर जाने वाले सभी प्रतिबंधित ऑयल टैंकरों को कंप्लीट ब्लॉक करने का आदेश दिया है. ट्रंप ने कहा कि वह अब वेनेजुएला की सरकार को एक विदेशी आतंकवादी संगठन के तौर पर देख रहे हैं. ट्रंप का आदेश के बाद अब वेनेजुएला के ऑयल शिप की मूवमेंट पूरी तरह से रुक जाएगी.

अमेरिका ने कर दी वेनेजुएला की घेराबंदी

ट्रंप ने कहा, “वेनेजुएला पूरी तरह से साउथ अमेरिका के इतिहास में अब तक के सबसे बड़े नौ सैनिक बेड़े से घिरा हुआ है. नौ सैनिकों का बेड़ा इतना बढ़ाया जाएगा जैसा वेनेजुएला ने पहले कभी नहीं देखा होगा. ऐसा तब तक रहेगा जब तक वे संयुक्त राज्य अमेरिका से चुराए सारा तेल और जमीन वापस नहीं कर देते. मादुरो की अवैध सरकार इस तेल का इस्तेमाल खुद को वित्त पोषित करने, मानव तस्करी, नशे का सामान, हत्या और अपहरण के लिए कर रहा है. आतंकवाद, ड्रग्स की तस्करी की वजह से वेनेजुएला सरकार को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है.”

‘अमेरिका को नुकसान नहीं पहुंचा पाएंगें आतंकी’

अमेरिका की पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए ट्रंप ने कहा, “कमजोर बाइडेन प्रशासन के दौरान मादुरो सरकार ने जो अवैध इमिग्रेशन और अपराधियों को अमेरिका भेजा था उसे तेजी से वेनेजुएला भेजा जा रहा है. अमेरिका अपराधियों, आतंकवादियों या अन्य देशों को हमारे राष्ट्र को लूटने, धमकाने या नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं देगा. इसी तरह किसी दुश्मन देश को तेल, अपनी जमीन पर कब्जा करने की नहीं अनुमति नहीं देंगे.”

चीन में मच जाएगी खलबली

चीन वेनेजुएला से 600,000 से अधिक रोज कच्चा तेल आयात करता है. इसी भरोसे ड्रैगन ने वेनेजुएला की निकोलस मादुरो सरकार को अरबों डॉलर का कर्ज दिया है. चीन के कुल कच्चे तेल आयात का करीब 4 फीसदी वेनेजुएला उसे सप्लाई करता है. वेनेजुएला चीन को ये तेल काफी सस्ते दामों पर देता है.

पिछले कुछ सालों से चीन मादुरो सरकार के लिए एक प्रमुख सहयोगी बना हुआ है. यही कारण है कि इस महीने की शुरुआत में चीन ने कहा था कि वह वेनेजुएला के आंतरिक मामले में बाहरी हस्तक्षेप का विरोध करता है. चीन का ये सीधा निशाना अमेरिका पर था. चीन ने वेनेजुएला के एनर्जी सेक्टर में काफी इंवेस्ट किया है. वहीं चीन वेनेजुएला को जो भी कर्ज देता था उसे वह तेल निर्यात करके चुकाता रहा है.

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