भारत में दांव बढ़ा रही हैं Mizuho, Sumitomo जैसी जापानी कंपनियां, 2026 में M&A के और ज्यादा तलाश सकती हैं मौके – japanese companies are expanding in india for growth will increasingly scout for merger and acquisition deals in 2026 mitsubishi ufj financial group mizuho financial group sumitomo mitsui financial group

जापानी कंपनियां भारत में अपना निवेश बढ़ा रही हैं। इस हफ्ते की शुरुआत में खबर आई कि मित्सुबिशी UFJ फाइनेंशियल ग्रुप इंक., भारत की श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड में लगभग 20% हिस्सेदारी खरीदेगी। इसके लिए 500 अरब येन (3.2 अरब डॉलर) से ज्यादा का निवेश किया जा सकता है। वहीं मिजुहो फाइनेंशियल ग्रुप इंक., एवेंडस कैपिटल प्राइवेट में मेजॉरिटी स्टेक खरीद रही है। सुमितोमो मित्सुई फाइनेंशियल ग्रुप इंक. तो यस बैंक लिमिटेड में सबसे बड़ी शेयरहोल्डर बन ही चुकी है। इसके पास यस बैंक में 24.99% हिस्सेदारी है।

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, JPMorgan Chase & Co. में भारत में इनवेस्टमेंट बैंकिंग के को-हेड नितिन माहेश्वरी का कहना है, “ऐसी जापानी कंपनियां, जो अपने घरेलू बाजार के बाहर ग्रोथ की तलाश में हैं, उनकी लिस्ट में भारत सबसे ऊपर है।” जापानी एग्जीक्यूटिव अपनी कंपनियों की भारतीय यूनिट्स का दौरा करने या पार्टनरशिप जैसे नए अवसरों की तलाश में भारत आ रहे हैं।

इस साल भारतीय कंपनियों से जुड़े सौदों की कीमत 15% बढ़ी

ब्लूमबर्ग द्वारा जुटाए गए डेटा के अनुसार, इस साल मर्जर और एक्वीजीशन सहित भारतीय कंपनियों से जुड़े सौदों की कुल कीमत 15% बढ़कर लगभग 90 अरब डॉलर हो गई। डीलमेकर्स का कहना है कि जापानी खरीदारों का इसमें अभी छोटा सा हिस्सा है, लेकिन वे आगे बढ़ रहे हैं। लॉ फर्म Khaitan & Co. में पार्टनर स्वाति रमनाथ का कहना है, “बड़े ग्रुप्स की बड़ी डील्स के अलावा, जापानी मिड-मार्केट कंपनियां 2026 में मोबिलिटी, रिन्यूएबल्स, सस्टेनेबिलिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर में मर्जर और एक्वीजीशन डील्स की तलाश करेंगी।” उन्होंने कहा, “जापानी कंपनियां अपने घरेलू बाजार से बाहर ग्रोथ और यील्ड तलाश रही हैं और डील्स के लिए भारत उनकी टॉप प्राथमिकताओं में से एक है।”

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, माहेश्वरी का कहना है कि भारत ग्रोथ के अवसर और बड़े निवेश की संभावनाएं प्रदान करता है। हालांकि कुछ सेक्टर्स में पब्लिक मार्केट, प्राइवेट ट्रांजेक्शन की तुलना में बेहतर वैल्यू देते हैं, जिससे मर्जर और एक्वीजीशन के लिए एक चुनौती पैदा होती है।

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