Vedanta demerger: वेदांता के डिमर्जर प्लान पर NCLT की मुहर, शेयरों में दिखी तूफानी तेजी; जानिए डिटेल – vedanta demerger gets nclt approval shares jump sharply hit 52 week high after long pending plan clearance

Vedanta demerger: मुंबई बेंच की नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल यानी NCLT ने वेदांता लिमिटेड की लंबे समय से लंबित डिमर्जर योजना को मंजूरी दे दी। इस फैसले के बाद कंपनी के शेयरों में जोरदार खरीदारी लौटी और स्टॉक 52-वीक के हाई पर पहुंच गया। इस फैसले से दिन में वेदांता के शेयर लाल निशान में ट्रेड कर रहे थे।

सितंबर 2023 में घोषित हुआ था डिमर्जर प्लान

अरबपति कारोबारी अनिल अग्रवाल की Vedanta ने सितंबर 2023 में ऐलान किया था कि मौजूदा लिस्टेड कंपनी को अलग अलग बिजनेस में बांटकर छह अलग कंपनियों में बदला जाएगा। इस कदम का मकसद हर बिजनेस को स्वतंत्र पहचान देना और वैल्यू अनलॉक करना बताया गया था।

किन यूनिट्स को अलग करने की थी योजना

शुरुआत में कंपनी ने पांच प्रमुख अंडरटेकिंग्स को अलग कंपनियों में बदलने का प्रस्ताव रखा था। इनमें Vedanta Aluminium Metal Ltd, Talwandi Sabo Power Limited, Malco Energy Ltd, Vedanta Base Metals Ltd और Vedanta Iron and Steel Ltd शामिल थीं।

हालांकि कुछ महीनों बाद Vedanta ने यह साफ कर दिया था कि वह अपनी Base Metals यूनिट के डिमर्जर को आगे नहीं बढ़ाएगी।

शेयरधारकों को क्या मिलेगा

डिमर्जर पूरा होने के बाद Vedanta के शेयरधारकों को मौजूदा कंपनी के हर एक शेयर के बदले डिमर्ज की गई हर कंपनी का एक एक शेयर मिलेगा। हालांकि इसके लिए रिकॉर्ड डेट अभी घोषित नहीं की गई है।

वेदांता ने फैसले का स्वागत किया

Vedanta के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी NCLT के इस आदेश का स्वागत करती है। उनके मुताबिक, यह मंजूरी Vedanta के ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में एक अहम पड़ाव है। इससे कंपनी अलग अलग सेक्टर में फोकस्ड और लीडिंग बिजनेस के रूप में आगे बढ़ सकेगी। अब कंपनी डिमर्जर योजना को लागू करने के लिए जरूरी प्रक्रियाएं शुरू करेगी।

एक्सपर्ट्स की नजर में फैसला

Go India Advisors के राकेश अरोड़ा ने CNBC-TV18 से कहा कि बाजार कई तिमाहियों से इस फैसले का इंतजार कर रहा था। हालांकि उनके मुताबिक इस डिमर्जर से बहुत ज्यादा वैल्यू अनलॉक होने की संभावना कम है। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी आगे चलकर कुछ नॉन कोर एसेट्स बेच सकती है। कुल मिलाकर इस फैसले का असर न्यूट्रल से पॉजिटिव रह सकता है।

वहीं Crawford Bayley एंड Co के संजय आशेर ने कहा कि फिलहाल यह डिमर्जर के लिए ग्रीन सिग्नल है। हालांकि अगर NCLT के आदेश को चुनौती दी जाती है, तो मामला National Company Law Appellate Tribunal यानी NCLAT में जाएगा।

छोटे रिटेल निवेशकों की हिस्सेदारी

सितंबर तिमाही के अंत तक Vedanta में 20.21 लाख छोटे रिटेल शेयरधारक थे। इनकी अधिकृत शेयर पूंजी 2 लाख रुपये तक थी। इन छोटे निवेशकों के पास कंपनी की कुल इक्विटी का करीब 11.41 प्रतिशत हिस्सा था।

वेदांता के शेयरों में तेज उछाल

NCLT की मंजूरी के बाद Vedanta के शेयर दिन के हाई पर पहुंच गए। आखिर में वेदांता का शेयर 4.20% उछाल के साथ 572.50 रुपये पर बंद हुआ। यह इसका 52-वीक का हाई भी है। पिछले 6 महीने में स्टॉक ने 23.41% का तगड़ा रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 2.12 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

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