अमेरिकी कांग्रेस की भारतीय मूल की सांसद प्रमिला जयपाल ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए भारी टैरिफ की तीखी आलोचना की है. उन्होंने कहा कि यह नीति न सिर्फ अमेरिका में महंगाई बढ़ा रही है, बल्कि भारत जैसे अहम रणनीतिक और व्यापारिक साझेदार को अमेरिका से दूर कर रही है, जिससे वैश्विक स्तर पर अमेरिका की स्थिति कमजोर हो सकती है.
सोशल मीडिया पर जताई कड़ी आपत्ति
प्रमिला जयपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ट्रंप प्रशासन के टैरिफ अमेरिकियों के लिए कीमतें बढ़ा रहे हैं और भारत को एक भरोसेमंद व्यापारिक साझेदार के रूप में अमेरिका से दूर कर रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि इससे भारत को रूस और चीन के साथ नजदीकी बढ़ाने का प्रोत्साहन मिल सकता है, जो अमेरिका की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा हितों के लिए नुकसानदेह है.
भारत पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लागू
अमेरिका ने भारत से आयात होने वाले कई उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक का टैरिफ लगाया है. जयपाल ने कहा कि इतनी ऊंची दरें द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को कमजोर करती हैं और लंबे समय में दोनों देशों को नुकसान पहुंचाती हैं.
संसदीय सुनवाई में उठाया पड़ोसी देशों का मुद्दा
एक संसदीय सुनवाई के दौरान जयपाल ने विशेषज्ञ गवाह समीर लालवानी से सवाल किया कि भारत पर भारी टैरिफ लगाए जाने के बीच उसके पड़ोसी देश पाकिस्तान और बांग्लादेश को कम टैरिफ दरें मिलने से भारत की प्रतिक्रिया क्या हो सकती है. उन्होंने पूछा कि क्या इससे भारत में यह धारणा बन रही है कि अमेरिका अब एक विश्वसनीय साझेदार नहीं रहा.
Trump’s tariffs on India aren’t only raising prices for Americans — they are pushing India away as a trading ally and giving the country more incentive to partner with Russia and China.
That hurts our economy and makes us all less safe. pic.twitter.com/yOcVE9khUF
— Rep. Pramila Jayapal (@RepJayapal) December 14, 2025
BRICS और SCO की ओर झुकाव की आशंका
जयपाल ने यह भी सवाल उठाया कि अमेरिका की इस नीति का भारत के ब्रिक्स और शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के साथ संबंधों पर क्या असर पड़ेगा. उन्होंने आशंका जताई कि इस तरह के फैसले भारत को इन बहुपक्षीय समूहों के और करीब ले जा सकते हैं.
विशेषज्ञ ने बताया भारत के लिए बड़ी चिंता
समीर लालवानी ने जवाब में कहा कि ट्रंप प्रशासन के टैरिफ भारत के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं. उन्होंने बताया कि इससे भारत के निर्यात पर नकारात्मक असर पड़ रहा है, लागत बढ़ रही है और भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा क्षमता घट रही है.
श्रम-प्रधान क्षेत्रों पर बढ़ता दबाव
अगस्त से ट्रंप की व्यापार नीति के तहत कपड़े, रत्न, चमड़ा और समुद्री भोजन जैसे भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क बढ़ा दिया गया है, जो कुछ मामलों में 50 प्रतिशत तक पहुंच गया है. भारतीय अधिकारियों और उद्योग संगठनों का कहना है कि इन ऊंचे टैरिफ के चलते अमेरिका को भारत का निर्यात घट सकता है.
भारत के सबसे बड़े निर्यात बाजार पर असर
अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात बाजार है. विशेषज्ञों के अनुसार, यदि टैरिफ नीति में बदलाव नहीं किया गया, तो इससे भारत के श्रम-प्रधान उद्योगों में नौकरियों पर खतरा बढ़ सकता है और भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में तनाव और गहरा सकता है.
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