फर्जी SMS भेजकर साइबर क्राइम करने वाले गैंग का भंडाफोड़, दिल्ली-NCR और चंडीगढ़ में CBI की छापेमारी, तीन गिरफ्तार

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केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सोमवार (15 दिसंबर, 2025) को देशभर में साइबर ठगी फैलाने वाले एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. इस नेटवर्क के जरिए लोगों को फर्जी SMS भेजे जाते थे, जिनके जरिए डिजिटल अरेस्ट, फेक लोन, निवेश स्कैम और दूसरी ठगी को अंजाम दिया जाता था. CBI ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके नाम सोनवीर सिंह, मनीष उप्रेती और हिमालय है. 

CBI की ये कार्रवाई ऑपरेशन चक्र-V के तहत की गई है, जिसका मकसद साइबर क्राइम की जड़ पर वार करना है. जांच में सामने आया कि दिल्ली-NCR और चंडीगढ़ इलाके से चल रहा ये संगठित गिरोह साइबर अपराधियों को बल्क SMS सर्विस उपलब्ध करा रहा था. हैरानी की बात यह है कि इस सिस्टम का इस्तेमाल विदेशी साइबर ठग भी भारतीय नागरिकों को ठगने के लिए कर रहे थे.

सीबीआई जांच में क्या हुआ खुलासा?

सीबीआई की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि करीब 21 हजार सिमकार्ड DoT के नियमों का उल्लंघन कर हासिल किए गए थे. इन सिमकार्ड्स को एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए कंट्रोल किया जा रहा था और इन्हीं से बड़े पैमाने पर फर्जी मैसेज भेजे जा रहे थे. इन मैसेज में सस्ते लोन, ज्यादा मुनाफे वाले निवेश और दूसरी लालच भरी स्कीम दिखाकर लोगों से उनकी निजी और बैंक से जुड़ी जानकारी चुराई जाती थी. 

CBI ने दूरसंचार विभाग (DoT) के साथ मिलकर और संचार साथी पोर्टल से मिले इनपुट के आधार पर M/s Lord Mahavira Services India Pvt. Ltd. नाम की एक निजी कंपनी के खिलाफ केस दर्ज किया. जिस पर आरोप है कि यही कंपनी इस पूरे अवैध सिस्टम को चला रही थी, जिससे देशभर में लाखों लोगों को ठगी के मैसेज भेजे जा रहे थे. 

दिल्ली-NCR के साथ चंडीगढ़ में भी CBI की ताबड़तोड़ छापेमारी

CBI की कई टीमों ने दिल्ली, नोएडा और चंडीगढ़ में कई ठिकानों पर छापेमारी की, जहां से एक पूरा एक्टिव सेटअप मिला, जिसमें सर्वर, कम्युनिकेशन डिवाइस, USB हब, डोंगल और हजारों सिम कार्ड बरामद हुए. इसी सिस्टम से हर दिन लाखों फर्जी SMS भेजे जा रहे थे.

सीबीआई के हाथ लगे कई अहम सबूत

इस कार्रवाई के दौरान CBI ने अहम डिजिटल सबूत, बिना हिसाब का कैश और क्रिप्टोकरेंसी भी जब्त की है. शुरुआती जांच में कुछ टेलीकॉम कंपनियों के चैनल पार्टनर और उनके कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आई है, जिन्होंने गलत तरीके से सिम कार्ड उपलब्ध कराने में मदद की. 

इस मामले में अब तक सोनवीर सिंह, मनीष उप्रेती और हिमालय नाम के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. मामले की जांच जारी है CBI का कहना है कि इस मामले में आगे और भी गिरफ्तारी हो सकती है. 

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