लिस्टिंग हाई से 50% तक गिरा DAM Capital, सीनियर डीलमेकर्स छोड़ रहे कंपनी; जानिए पूरा मामला – dam capital share price crashes nearly 50 percent from listing high as senior dealmakers exit after ipo

इक्विटी कैपिटल मार्केट पर फोकस करने वाली इन्वेस्टमेंट बैंक DAM Capital Advisors दिसंबर 2024 में शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी। लेकिन IPO के एक साल के भीतर ही कंपनी से कई सीनियर डीलमेकर्स के बाहर निकलने की खबरें सामने आई हैं।

लिस्टिंग के करीब 12 महीनों के अंदर दो मैनेजिंग डायरेक्टर और छह एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ने कंपनी छोड़ी है। यह जानकारी सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध डेटा, Moneycontrol की पड़ताल और मामले से जुड़े लोगों से मिली जानकारी के आधार पर सामने आई है। खास बात यह है कि DAM Capital इस समय भारत की एकमात्र लिस्टेड इन्वेस्टमेंट बैंक है।

किन सीनियर अधिकारियों ने छोड़ी कंपनी

पिछले एक साल में DAM Capital छोड़ने वाले सीनियर अधिकारियों में मैनेजिंग डायरेक्टर कामराज नेगी और आलोक मालपानी शामिल हैं। इसके अलावा एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर आलोक चोकानी, सचिन चांदीवाल, सिद्धार्थ शाह, शरद धारीवाल, अनुराग ब्यास और अक्षय भादरी भी कंपनी से बाहर हो चुके हैं।

IPO के तुरंत बाद शुरू हुआ एग्जिट का सिलसिला

इन एग्जिट्स की शुरुआत IPO के तुरंत बाद ही हो गई थी। जनवरी में अनुराग ब्यास और फरवरी में सचिन चांदीवाल ने कंपनी छोड़ी। इसके बाद अप्रैल में अक्षय भादरी बाहर हुए। जून में कामराज नेगी के साथ सिद्धार्थ शाह और शरद धारीवाल ने भी इस्तीफा दिया। नवंबर में आलोक चोकानी सबसे हालिया सीनियर एग्जिट रहे।

प्रमोटर बोले- बदलाव आम बात

DAM Capital के प्रमोटर धर्मेश मेहता ने Moneycontrol को ईमेल के जरिए बताया कि यह बदलाव इंडस्ट्री में आम बात है।

उन्होंने कहा, ‘यह बदलाव इंडस्ट्री का हिस्सा है और दूसरी फर्मों में DAM Capital से ज्यादा बदलाव देखने को मिलते हैं। ग्रोथ मार्केट में टैलेंट मूवमेंट सामान्य है। हमने पहले ही बेहतर और ज्यादा सीनियर टैलेंट हायर किया है और आगे भी करेंगे। हमारे प्लेटफॉर्म से जुड़ने को लेकर अच्छी दिलचस्पी दिखाई दे रही है।’

शेयर प्राइस पर भी दिखा असर

मैनेजमेंट में यह बदलाव ऐसे वक्त पर हुआ है, जब DAM Capital के शेयर प्राइस में भी तेज गिरावट आई है। इन्वेस्टमेंट बैंकिंग पूरी तरह से लोगों पर निर्भर बिजनेस है। ऐसे में सीनियर टैलेंट का जाना सीधे तौर पर डील जीतने और ट्रांजैक्शन को अंजाम देने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। इसका असर फीस इनकम पर भी पड़ सकता है, ऐसा इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स मानते हैं।

हालांकि धर्मेश मेहता का कहना है कि कुछ लोगों के जाने से कंपनी के बिजनेस पर कोई असर नहीं पड़ा है। उन्होंने कहा, ‘DAM Capital ने हाल की तिमाही में 9 IPO डिलीवर किए हैं और अब तक के सबसे अच्छे नतीजे दिए हैं। इससे हमारी मजबूत मैनेजमेंट और एग्जीक्यूशन टीम साफ नजर आती है।’

IPO पाइपलाइन और बड़ी डील्स पर भरोसा

मेहता के मुताबिक, DAM Capital के पास इस समय 21 IPO के मैनडेट हैं और लगातार नए मैनडेट भी मिल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी JSW Cement, Afcons, JSW Infra और Reliance Rights Issue जैसे बड़े और चर्चित इश्यू में बैंकर रह चुकी है।

उनका कहना है कि पांच साल पुरानी फर्म के लिए इतने बड़े ट्रांजैक्शन में शामिल होना कंपनी की एग्जीक्यूशन क्षमता को दिखाता है।

DAM Capital शेयर प्राइस की चाल

DAM Capital का शेयर अपने लिस्टिंग डे के हाई 456.9 रुपये से करीब 53 प्रतिशत गिरकर 12 दिसंबर तक 212.45 रुपये पर आ गया। 456.9 रुपये ही इसका 52-वीक हाई भी था। IPO प्राइस 283 रुपये के मुकाबले शेयर करीब 25 प्रतिशत नीचे ट्रेड कर रहा है। 15 दिसंबर को BSE पर DAM Capital का शेयर 212.65 रुपये के स्तर पर था।

धर्मेश मेहता ने शेयर प्राइस में गिरावट पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि शेयर की कीमत मैनेजमेंट के कंट्रोल में नहीं होती।

रेवेन्यू का बड़ा हिस्सा IPO बिजनेस से

DAM Capital का करीब 60 प्रतिशत रेवेन्यू इन्वेस्टमेंट बैंकिंग से आता है। इसमें सबसे बड़ा फोकस इक्विटी कैपिटल मार्केट, खासकर IPO पर है।

FY26 की पहली छमाही में कंपनी का रेवेन्यू में 26 प्रतिशत और मुनाफे में 20 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी हुई। FY25 में यही ग्रोथ क्रमशः 37.5 प्रतिशत और 47.1 प्रतिशत रही थी।

IPO मार्केट में DAM Capital की स्थिति

एसोसिएशन ऑफ इन्वेस्टमेंट बैंकर्स ऑफ इंडिया (AIBI) के आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में अब तक DAM Capital ने 10 IPO में सलाहकार की भूमिका निभाई है। इसकी तुलना करें तो दूसरे बैंकर काफी आगे नजर आते हैं।

  • JM Financial: 24 IPO
  • IIFL Capital: 23 IPO
  • Motilal Oswal: 22 IPO
  • Axis Capital: 19 IPO
  • Kotak Investment Banking: 17 IPO
  • ICICI Securities: 16 IPO

DAM Capital की सबसे बड़ी डील्स

2025 में DAM Capital की सबसे बड़ी डील JSW Cement का 3,600 करोड़ रुपये का IPO रही। इसके बाद Jain Resources का 1,250 करोड़ रुपये का इश्यू आया।

इसके अलावा कंपनी ने जिन IPO पर काम किया, उनमें से ज्यादातर का साइज 1,000 करोड़ रुपये से कम रहा।

तिमाही नतीजों में उतार-चढ़ाव

FY26 की पहली तिमाही कंपनी के लिए कमजोर रही। बाजार में उतार-चढ़ाव और कम डील लॉन्च होने की वजह से रेवेन्यू 33 प्रतिशत गिरकर 31 करोड़ रुपये रह गया। मुनाफा लगभग खत्म होकर 0.23 करोड़ रुपये पर आ गया, जो सालाना आधार पर 99 प्रतिशत की गिरावट थी।

हालांकि दूसरी तिमाही में मजबूत वापसी देखने को मिली। Q2 FY26 में रेवेन्यू 69 प्रतिशत बढ़कर 107 करोड़ रुपये और मुनाफा 141 प्रतिशत बढ़कर 52 करोड़ रुपये हो गया।

ESOP स्कीम और कर्मचारियों की हिस्सेदारी

इन सीनियर एग्जिट्स के बीच कंपनी ने IPO से पहले Employee Stock Option Scheme भी शुरू की थी। अगस्त 2024 में लाई गई DAM Capital Employee Stock Option Scheme 2024 के तहत ESOP का स्ट्राइक प्राइस 255 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था, जो फिलहाल बाजार भाव से ऊपर है।

धर्मेश मेहता का कहना है कि अगर रिवॉर्ड्स आकर्षक नहीं होते, तो कंपनी इतने सीनियर टैलेंट को हायर और रिटेन नहीं कर पाती।

प्रमोटर का बैकग्राउंड और कंपनी की शुरुआत

धर्मेश मेहता इक्विटी कैपिटल मार्केट के अनुभवी खिलाड़ी हैं। वह पहले Enam और Axis Capital में काम कर चुके हैं। अगस्त 2019 में उन्होंने निवेशकों के साथ मिलकर IDFC Securities को 86 करोड़ रुपये में खरीदा था। इसमें उन्होंने 30 करोड़ रुपये लगाकर 45 प्रतिशत हिस्सेदारी ली थी।

बाद में कंपनी का नाम बदलकर DAM Capital कर दिया गया। स्टॉक एक्सचेंज डेटा के मुताबिक, मेहता के पास फिलहाल कंपनी में करीब 40 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

DAM Capital IPO की पूरी डिटेल

DAM Capital का IPO 283 रुपये प्रति शेयर पर आया था, जिससे कंपनी का वैल्यूएशन करीब 2,000 करोड़ रुपये रहा। यह IPO पूरी तरह Offer for Sale था।

इसमें धर्मेश मेहता के अलावा Multiples PE, RBL Bank, नरोत्तम सेखसरिया और Easyaccess Financial Services Limited ने अपनी हिस्सेदारी बेची थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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