Christmas 2025: क्रिसमस में गिफ्ट के साथ ग्रेस भी, जानें कौन है असली सेंटा

Christmas 2025: हर साल 25 दिसंबर को क्रिसमस (X Mas) का पर्व मनाया जाता है. क्रिसमस की शुरुआत होते ही बच्चों से लेकर बड़ों को सेंटा का बेसब्री से इंतजार रहता है. बाजार भी लाल टोपी, सफेद दाढ़ी और ढेरों गिफ्ट्स पकड़े हुए सेंटा से सज जाते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि, असली सेंटा का रोल केवल गिफ्ट तक ही सीमित है या इससे अधिक.

क्रिसमस गिफ्ट की सही परिभाषा

क्रिसमस पर गिफ्ट देना आम है. लोग एक दूसरे को मेरी क्रिसमस कहकर तोहफे देते हैं. सेंटा की पोशाक पहनकर लोग गिफ्ट देते हैं. लेकिन असली सेंटा का अर्थ केवल भौतिक गिफ्त तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह गॉड और ग्रेस को भी दर्शाता है. आज के समय लोग गिफ्ट को मूल्यवान और बाजार में मिलने वाली चीजों से मापते हैं. लेकिन असली तोहफा वही है, जो मानसिक सुकून, आत्मिक शांति और जीवन के अंधकार को दूर कर नई दिशा दिखाएं. जो निराश व्यक्ति के मन में भी आशा की नई किरण जगाए और मुरझाए हुए चेहरे पर मुस्कान ला दें. यीशू का जन्म भी हमें यही संदेश देता है.

यीशू जन्म गॉड, ग्रेस और गिफ्ट

ईसाई लोग क्रिसमस के दिन को प्रभु यीशू के जन्मदिन के रूप में भी मनाते हैं. हालांकि बाइबल में 25 दिसंबर की तिथि यीशू के जन्म के रूप में नहीं मिलती. लेकिन कई ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार, यीशु के जन्म से पहले क्रिसमस का पर्व नहीं मनाया जाता है. इसलिए लोग क्रिसमस को यीशु के जन्मदिन के रूप में मनाते हैं.

ईसाई मान्यताओं के अनुसार यीशु का जन्म भी प्रेम, करुणा और क्षमा का संदेश देता है. यीशु ने भौतिक चीजों को महत्व न देकर केवल ईश्वर (ग्रेस) की कृपा को जीवन का सबसे बड़ा उपहार माना.

असली सेंटा कौन?

क्रिसमस आते ही आपको जिस सेंटा क्लॉज का बेसब्री से इंतजार रहता है, क्या आप जानते हैं कि वह असली सेंटा कौन था. इतिहास के अनुसार, 4वीं शताब्दी में एक ईसाई संत (सेट निकोलस) हुआ करते थे, जो खासकर अपनी दयालुता और गरीबों की मदद करने के लिए प्रसिद्ध थे. उन्होंने कई जरूरतमंदों की गुप्त रूप से मदद की. सेंट निकोसल की तरह ही कई लोग गुप्त रूप से मदद करने लगे और इस तरह सेंट निकोलस की तरह बच्चों को तोहफे देने वाला और लोगों की सहायता करने वाला हर व्यक्ति सेंटा क्लॉज के रूप में क्रिसमस पर फेसम हो गया.

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