उत्तराखंड की रहस्यमयी ऊपरी हवाएं, जिससे आज भी डरते हैं लोग! जानिए चौंकाने वाली कहानियां?

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Uttarakhand paranormal winds: उत्तराखंड में स्थानीय लोककथाओं और मान्यताओं में रहस्यमयी ऊपरी हवाओं का जिक्र हमेशा से किया जाता रहा है. स्थानीय लोगों का मानना है कि, ऊपरी हवाओं और उनसे जुड़ी असाधारण घटनाओं के पीछे आंछरी (Aachari) या ‘भराड़ी’ (Bharadi) नाम की वन परियों और दिव्य आत्माओं का वास माना जाता है. 

इस तरह की रहस्यमयी अवधारणाएं उत्तराखंड में मुख्य रूप से टिहरी जिले के खैट पर्वत (Khait Parvat) क्षेत्र में काफी प्रचलित हैं, जिसे स्थानीय लोग परियों का देश भी कहते हैं. 

उत्तराखंड की स्थानीय लोककथाओं में ऊपरी हवाओं का रहस्यमयी पहलू

परियों का देश

उत्तराखंड की लोककथाओं के मुताबिक, माना जाता है कि खैट पर्वत की 9 चोटियों पर 9 बहनें निवास करती हैं, जिन्हें स्थानीय लोग आंछरी या वन देवी के नाम से बुलाते हैं. खैट पर्वत की नौ चोटियों पर ये बहनें अदृश्य रूप से रहती हैं.

स्थानीय लोगों मानते हैं कि, ये दिव्य आत्माएं आस-पास के क्षेत्रों और गांवों की सुरक्षा करती हैं. 

उत्तराखंड की इन रहस्यमयी ऊपरी हवाओं को अक्सर परियों की उपस्थिति या उनके विचरण के संकेत के रूप में देखा जाता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि, कभी-कभी हवाओं में सरसराहट, रात में लड़कियों के हंसने की आवाज को परियों से जोड़कर देखते हैं.

रहस्यमयी शक्तियों से बचाव के नियम

जिन जगहों पर ऐसी लोक मान्यताएं हो, वहां कुछ नियमों का पालन करना भी जरूरी है. मान्यताओं के मुताबिक कोई भी इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो परियां उसे नुकसान पहुंचाती हैं. इसके अलावा वो उसे अपने साथ परियों की दुनिया में भी ले जाती हैं. 

स्थानीय लोग ये भी बताते हैं कि इस तरह के पहाड़ी क्षेत्रों में चमकीले और भड़कीले कपड़े पहनना सही नहीं माना जाता, क्योंकि ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा आकर्षित होती हैं. 

उत्तराखंड में आज भी ऐसी कई जगहें हैं, जहां सूर्यास्त के बाद रुकना या शोर मचाना मना है, क्योंकि वह समय नकारात्मक ऊर्जा और परियों का माना जाता है. स्थानीय कहानियों में यह भी कहा गया है कि, खैट पर्वत पर लगे फल या फूल कोई अपने साथ नीचे ले जाता है, तो वह तुरंत मुरझा और खराब हो सकते हैं. 

उत्तराखंड की ऊपरी हवाएं मात्र मौसम विज्ञान की सामान्य घटना का हिस्सा न होकर, प्रकृति और मनुष्य के बीच एक प्राचीन आध्यात्मिक संबंध का प्रतीक हैं, जहां स्थानीय शक्तियां प्राकृतिक घटनाओं के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराती हैं. 

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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